Responsive Scrollable Menu

फ्लाईदुबई घटना: VHP ने पायलट Smit Machhar की बहादुरी पर Congress की चुप्पी पर उठाए सवाल

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा पर निशाना साधते हुए रविवार को आरोप लगाया कि उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की सराहना नहीं की। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान एफजेडए 1073 में सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह कुल्हाड़ी आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखी जाती है।

विमान में 174 यात्री सवार थे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की निंदा इसलिए नहीं की, क्योंकि पायलट एक हिंदू है। बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अब यह पुष्टि हो गई है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल, सोनिया और प्रियंका ने बहादुर भारतीय कैप्टन स्मिथ मच्छार की सराहना क्यों नहीं की और उन्होंने यूएई में 33,000 फुट की ऊंचाई पर हुए इस आतंकवादी हमले की निंदा तक क्यों नहीं की।

क्योंकि वे सभी इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह हमला एक हिंदू पायलट पर किसी चरमपंथी द्वारा किया गया था।’’ खबरों के अनुसार, फ्लाईदुबई के इस सह-पायलट ने इस सप्ताह भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था और विमान को अपने नियंत्रण में लेने का कथित तौर पर प्रयास किया था। बंसल ने दावा किया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पुष्टि की है कि फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना “आतंकवादी हमला” थी और सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर हमला करने के लिए कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी दावा किया, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ऐतिहासिक नीति रही है कि जब भी किसी हिंदू या गैर-इस्लामी व्यक्ति पर किसी चरमपंथी द्वारा हमला किया जाता है, तो वे उस घटना की निंदा करने में असमर्थ रहे हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘वे ऐसे पीड़ित या उसके परिवार के प्रति सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं बोल सकते।

इसके बजाय, वे मानवता के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों के आरोपी व्यक्तियों या संगठनों का बचाव करने में अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं।” बंसल ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भावनाओं को भड़काने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और देश में अराजकता तथा अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘उनका उद्देश्य देश की एकता को कमजोर करना, समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना और राष्ट्र के कल्याण के बजाय अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों को साधना है।” बंसल ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए), समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अनुच्छेद 370 को हटाए जाने, वक्फ अधिनियम एवं ‘तीन तलाक’ को समाप्त करने को लेकर कांग्रेस के “विरोध” को पार्टी के दृष्टिकोण के उदाहरण बताया। कांग्रेस ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा था कि उनकी बहादुरी और दृढ़ कार्रवाई हमेशा प्रेरणादायक रहेगी।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘कैप्टन स्मित मच्छर का साहस, त्वरित सूझबूझ और दृढ़तापूर्ण कार्रवाई सदैव प्रेरणादायी बनी रहेगी। उन्होंने जो किया, उससे पूरा देश विस्मय और गर्व से अभिभूत है। इससे एक दिन पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मच्छार, विमान के चालक दल और हमले के दौरान साहस तथा सूझबूझ दिखाने वाले अन्य लोगों की सराहना की थी।

Continue reading on the app

Explainer: रियलिटी शोज पर क्यों लगा रहे मेकर्स दांव? ऑडियंस की पसंद और कमाई के पीछे क्या है पूरा गेम

Why Makers Betting on Reality shows? आज के समय में एंटरटेनमेंट की दुनिया में रियलिटी शोज का दायरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अब टीवी और ओटीटी पर सिर्फ फिक्शन  स्टोरी नहीं दिखाई जातीं, बल्कि डांस, सिंगिंग, बिजनेस, कुकिंग, एडवेंचर, माइंड गेम और रिलेशनशिप से जुड़े रियलिटी शोज ऑडियंस खूब देख रही है. जियो हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, सोनी व कलर्स जैसे प्लेटफॉर्म और चैनल इस फॉर्मेट पर बड़ा दांव लगा रहे हैं. इसकी वजह पॉपुलैरिटी के साथ प्रोडक्शन, ऑडियंस और कमाई का पूरा सिस्टम है.

रियलिटी शोज का दायरा लगातार बढ़ रहा

आज रियलिटी शो का मतलब सिर्फ डांस या सिंगिंग शोज नहीं है. करण चौहर का द ट्रेटर्स धोखे, चालाकी और साइकोलॉजिकल गेम पर बेस्ड हैं. बिग बॉस टीवी और ओटीटी दोनों पर खूब देखा जाता है. बिग बॉस ओटीटी पर करीब 5 महीने तक कंटेंट देता है. वहीं, शार्क टैंक इंडिया ने आम ऑडियंस के बीच इक्विटी, वैल्यूएशन और बिजनेस पिच  शब्दों को आम किया. लाफ्टर शेफ में कुकिंग के साथ-साथ कॉमेडी को भी दिखाया जा रहा है. जहां ऑडियंस स्टार्स की नोकझोंक को देखना पसंद करते हैं. इसके अलावा खतरों के खिलाड़ी एडवेंचर और स्प्लिट्सविला रिलेशनशिप ड्रामा के लिए जाने जाते हैं. इनकी चर्चा लगातार सोशल मीडिया पर होती रहती है. 

मेकर्स को इन शोज से क्या फायदा मिल रहा

मेकर्स की रियलिटी शो पर दांव लगाने की बड़ी वजह इसका मॉडल है. दरअसल, किसी फिक्शन सीरीज या फिल्म में स्क्रिप्ट, एक्टर्स की डेट्स, लोकेशन, शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन  पर  काफी समय लगता है. वहीं, दूसरी तरफ रियलिटी शो का सेट पहले से तैयार रहता है. बिग बॉस का घर हो या शार्क टैंक का सेट, शूटिंग पूरे शो के दौरान एक जगह की जाती है.  करीब 30 से 40 दिनों की शूटिंग में तीन से चार महीने का कंटेंट तैयार किया जा सकता है. जिससे काफी समय बचता है. 

स्टोरी लिखने की नहीं पड़ती जरूरत

फिक्शन शो में स्टोरी आगे बढ़ाने के लिए राइटर्स को नए-नए एंगल डालने पड़ते है, जिससे कहानी में ट्विस्ट और टर्न आएं. वहीं, अगर इसके बावजूद भी स्टोरी पसंद नहीं आती, तो टीआरपी पर असर पड़ सकता है. रियलिटी शो में मेकर्स कंटेस्टेंट्स को अलग-अलग सिचुएशन, टास्क और कॉम्पिटिशन देते हैं. जिससे कंटेस्टेस्टेंस खुद ही कंटेंट देते हैं. इसलिए फिक्शन शोज की तरह इसमें स्टोरी लिखने की जरूरत कम हो जाती है. बहस, टास्क का रिजल्ट, दोस्ती, नाराजगी या इमोशनल मोमेंट शोज का असल कंटेंट होता है. 

स्टार्स की फीस का भी गेम

फिक्शन प्रोजेक्ट में बड़े बॉलीवुड या ओटीटी स्टार्स की फीस पर बड़ा बजट लगता है. रियलिटी शोज में मेकर्स सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स और पॉपुलर लोगों को मौका देते हैं. इन चेहरों की फीस बड़े स्टार्स की तुलना में काफी कम होती है. साथ ही उन्हें शो से मिलने वाली पॉपुलैरिटी और फेम भी मिलता है. मेकर्स को अपने शोज के लिए ऐसे चेहरे मिल जाते हैं जिनकी अपनी ऑडियंस पहले से होती है. इससे कंटेंट और प्रमोशन, दोनों का फायदा मिलता है. जिससे मेकर्स को प्रमोशन के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती है.

ऑडियंस क्यों पसंद करती है रियलिटी शो

रियलिटी शोज की सबसे बड़ी है, कम प्रोडक्शन टाइम या कम बजट नहीं है. इसकी असली ताकत ऑडियंस का जुड़ाव है. लोगों को दूसरी की लाइफ में क्या चल रहा है और उनकी असली पर्सनैलिटी कैसी ये जानने की बहुत दिलचस्पी होती है. जब वे किसी सेलिब्रिटी को हंसते, रोते, लड़ते या अपनी बात रखते देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि वे उसके असली बिहेवियर को देख रहे हैं. बिग बॉस जैसे शोज में यही सब देखने को मिलता है. जिससे ऑडियंस काफी मजबूती से जुड़ी रहती है. लोग जानना चाहते हैं कि कैमरे के सामने दिखने वाला चेहरा असली कैसे रिएक्ट करता है. 

अगले पल क्या होगा, कोई नहीं जानता

फिक्शन स्टोरी में ऑडियंस अक्सर अंदाजा लगा लेती है कि आगे क्या हो सकता है. लेकिन रियलिटी शो में ऐसा नहीं होता है. द ट्रेटर्स में कौन किसे धोखा देगा, यह पता नहीं चलता. शार्क टैंक इंडिया में किस स्टार्टअप को फंडिंग मिलेगी, इसे लेकर भी एक्साइटमेंट बनी रहती है. यही चीज ऑडियंस की दिलचस्पी बनाए रखती है. उन्हें अगले एपिसोड का इंतजार रहता है.

ऑडियंस बन जाती है शो का हिस्सा

रियलिटी शोज का एक बड़ा फायदा यह भी है कि ऑडियंस को सिर्फ शो ही नहीं देखती है बल्कि उन्हें वोटिंग के जरिए अपने फेवरेट कंटेस्टेंट से भी जुड़ने का मौका मिलता है. कोई ऑडियंस अपने पसंदीदा सिंगर, डांसर या बिग बॉस कंटेस्टेंट को बचाने के लिए ऐप पर वोट कर सकती है. इससे ऑडियंस को लगता है कि उसकी रोल है और उसकी पसंद का असर रिजल्ट पर पड़ सकता है.

रियलिटी शोज की कहां से होती है सबसे बड़ी कमाई

रियलिटी शोज का बिजनेस मॉडल कई हिस्सों में बंटा होता है. मेकर्स को स्पॉन्सरशिप और एसोसिएट पार्टनरशिप से काफी मोटी रकम मिलती है. बड़े ब्रांड ऐसे शोज से जुड़ते हैं क्योंकि इनकी पहुंच बहुत बड़ी ऑडियंस तक होती है. इससे ब्रांड को स्पॉन्सर बनाने से उसका प्रोडक्ट बड़ी लोगों में पहुंच सकता है. इसके अलावा शो प्रोडक्ट प्लेसमेंट से भी बड़ी कमाई करते हैं. मान लो किसी कंपनी का फ्रिज दिखाना, टास्क पर ब्रांड का स्मार्टफोन देना या कुकिंग शो में मसाले को कैमरे के सामने दिखाना इसी का हिस्सा है. इससे ब्रांड सीधे शो के कंटेंट में नजर आता है, इसलिए ऑडियंस इसे नॉर्मल एड की तरह आसानी से स्किप नहीं कर सकती.

ओटीटी और ऐप से भी मिलता है फायदा

आज कई रियलिटी शोज टीवी के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी आ रहे हैं. कुछ शोज को देखने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है, जिससे मेकर्स को फायदा होता है. इससे प्लेटफॉर्म को नए पेड यूजर्स भी मिलते हैं.  वोटिंग भी इस सिस्टम का हिस्सा है. वोटिंग के लिए ऐप डाउनलोड करने से उसकी यूजर संख्या बढ़ती है और प्लेटफॉर्म का यूजर बेस मजबूत होता है.

सोशल मीडिया से मिलती है फ्री पब्लिसिटी

रियलिटी शो को लेकर होने वाली चर्चा सिर्फ टीवी या ओटीटी तक नहीं रुकती. इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स, एक्स और मीम्स के जरिए शो के छोटे-छोटे क्लिप लोग शेयर करते हैं. किसी लड़ाई, इमोशनल मोमेंट या मजेदार डायलॉग का वीडियो वायरल होने पर शो को अलग से पब्लिटी मिलती है. जो ऑडियंस एपिसोड नहीं देख पाती, वह इन क्लिप्स से को देखने से अपडेट रहती है. इससे शोज को फ्री में पब्लिसिटी मिलती है.

इन्फ्लुएंसर्स ने बदल दिया पूरा गेम

यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की एंट्री ने रियलिटी शोज का ऑडियंस बेस बहुत स्ट्रॉन्ग किया है. पहले ऐसे शोज में टीवी और बॉलीवुड के चेहरे ज्यादा नजर आते थे. अब मिलियंस की फैन फॉलोइंग वाले  इन्फ्लुएंसर्स शो का हिस्सा बनते हैं. इसका फायदा यह है कि इन्फ्लुएंसर के साथ शो को भी रीच मिलती है. उसके फैंस कंटेंट देखते हैं, क्लिप शेयर करते हैं और सोशल मीडिया पर उनके बार में चर्चा करते हैं. ऐसे में इन्फ्लुएंसर्स ने रियलिटी शोज का पूरा गेम बदल दिया. 

ये भी पढ़ें: Explainer: 'रीटेक नहीं करूंगा...', नाना पाटेकर ने क्यों कर दिया था साफ इनकार? जानिए 'क्रांतिवीर' के क्लाइमेक्स का अनसुना किस्सा

 

Continue reading on the app

  Sports

Sports News: सीकर के दो सितारों की रणजी टीम में एंट्री, एक ने 900 रन ठोके तो दूसरा IPL में मचा चुका है धमाल

Sikar Anshul Garhwal Mukul Chaudhary Ranji Team Selection: सीकर के दो युवा क्रिकेटरों अंशुल गढ़वाल और मुकुल चौधरी ने अपने प्रदर्शन के दम पर राजस्थान की रणजी टीम में जगह बनाई है. अंशुल ने सीनियर क्रिकेट में करीब 900 रन बनाए, जिसमें करौली के खिलाफ 194 और जयपुर के खिलाफ 148 रन की पारियां शामिल हैं. वह सीकर अंडर-23 टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं. वहीं मुकुल चौधरी आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके हैं और उन्होंने भैरूपुरा की एसबीएस क्रिकेट एकेडमी से क्रिकेट की शुरुआत की थी. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल अनुभव के बाद अब उन्हें रणजी टीम में जगह मिली है. राजस्थान रणजी टीम 11 अक्टूबर को एसएमएस स्टेडियम जयपुर में तमिलनाडु के खिलाफ अभियान शुरू करेगी. दोनों खिलाड़ियों के चयन से सीकर के क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में उत्साह है. Mon, 5 Oct 2026 09:46:59 +0530

  Videos
See all

Uttarakhand Congress: 2027 की जंग से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में संग्राम! | Harish Rawat | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-05T04:16:31+00:00

Uttarakhand Congress Crisis Live: उत्तराखंड कांग्रेस में संग्राम! | Harish Rawat vs Kumari Shailja #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-05T04:26:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers