Responsive Scrollable Menu

आर श्रीलेखा के इस्तीफे की खबर खारिज, BJP बोली- पार्षद पद पर बनी रहेंगी पूर्व DGP

तिरुवनंतपुरम, चार अक्टूबर तिरुवनंतपुरम नगर निगम की पार्षद के रूप में पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर श्रीलेखा की ओर से कथित तौर पर सौंपा गया त्यागपत्र सामने आने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को ऐसे किसी भी घटनाक्रम से इनकार किया। तिरुवनंतपुरम के महापौर वीवी राजेश और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के महासचिव एस सुरेश ने कहा कि श्रीलेखा अपने पद पर बनी रहेंगी। यह मामला तब सामने आया, जब श्रीलेखा की ओर से उनके वार्ड के निवासियों के व्हाट्सऐप समूह में कथित तौर पर भेजे गए संदेश में कहा गया कि उन्होंने महापौर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और पांच अक्टूबर को इसकी एक प्रति जिलाधिकारी को देंगी।

राजेश ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा था कि उन्हें 30 सितंबर को श्रीलेखा का त्यागपत्र मिला था, लेकिन उन्होंने इसे नगर निगम सचिव को नहीं भेजा है, जो इस्तीफा स्वीकार करने के लिए सक्षम अधिकारी हैं। राजेश ने बताया था कि त्यागपत्र में निजी असुविधाओं का हवाला दिया गया है। हालांकि, रविवार को उन्होंने कहा कि ऐसा कोई त्यागपत्र मिला ही नहीं है।

राजेश ने कहा, “आपको किसने बताया कि उन्होंने (श्रीलेखा) त्यागपत्र दे दिया है? वह अपने पद पर बनी रहेंगी और मैंने कल ही यह बात कह दी थी।” श्रीलेखा की ओर से व्हाट्सऐप समूह में कथित तौर पर भेजे गए संदेश के बारे में पूछे जाने पर महापौर ने सीधे जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “आप चाहते हैं कि शासन सुचारु रूप से चले।

जैसा कि सभी चाहते हैं तो शासन मजबूती से आगे बढ़ेगा।” राजेश ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में किसी भी तरह के संकट से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पार्षद नियमित रूप से अपने-अपने वार्ड के लिए धनराशि मंजूर करने और कामकाज से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए पत्र देते रहते हैं। राजेश ने कहा, “वार्ड में कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए मुझे ऐसा ही एक पत्र दिया गया था।

चूंकि, वह सत्ताधारी पार्टी की पार्षद हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इसमें बताए गए कुछ मामलों में पार्टी के दखल की जरूरत है। कुछ काम महापौर को करने होंगे। हम इन मामलों पर वैसे ही कार्रवाई करेंगे, जैसे दूसरे पार्षदों से मिलने वाले पत्रों पर करते हैं।” उन्होंने कहा कि श्रीलेखा पार्षद पद पर बनी रहेंगी और अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगी।

दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा महासचिव सुरेश ने रविवार दोपहर फेसबुक पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह श्रीलेखा से अस्पताल में मिलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि श्रीलेखा बीमार हैं और वह सिर्फ जिम्मेदारियां निभाने की अपनी क्षमता को लेकर चिंतित हैं। सुरेश ने कहा कि श्रीलेखा पिछले कुछ दिनों से शारीरिक परेशानियों से जूझ रही हैं और वह उनसे मिलने अस्पताल गए थे।

उन्होंने कहा, “श्रीलेखा इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अपनी सेहत की वजह से क्या वह एक जन-प्रतिनिधि के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा पाएंगी। उन्होंने यह बात सिर्फ अपने सबसे करीबी लोगों से जाहिर की थी। दुर्भाग्य से, यह मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।” सुरेश ने कहा, “आर श्रीलेखा के इस्तीफा की खबर सही नहीं है।” उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को बेबुनियाद बताया, जिनमें कहा गया है कि श्रीलेखा किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो सकती हैं या वह भाजपा आलाकमान पर उन्हें कोई पद सौंपने के लिए दबाव बना रही हैं।

सुरेश ने कहा कि इस तरह की अटकलें लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर भाजपा का नियंत्रण खतरे में है। सुरेश ने कहा, “कुछ लोग ख्याली पुलाव पकाने लगे हैं कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की सत्ता समाप्त हो जाएगी।

वे ऐसा करना जारी रख सकते हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा का शासन न केवल पांच साल तक, बल्कि उसके बाद भी बना रहेगा।” उन्होंने कहा कि केरलम की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और डीजीपी श्रीलेखा ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता हमेशा बनाए रखी है। सुरेश ने श्रीलेखा को एक ऐसी महिला और मां बताया, जो पारंपरिक नेता नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीलेखा ने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और उनके पास कोई अवैध संपत्ति नहीं है। सुरेश ने उम्मीद जताई कि श्रीलेखा जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगी और लोगों की सेवा करती रहेंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश उपाध्यक्ष के सोमन, जिला अध्यक्ष करमना जयन और महापौर राजेश ने भी अस्पताल में श्रीलेखा से मुलाकात की।

इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वी शिवनकुट्टी ने श्रीलेखा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “श्रीलेखा जो कुछ भी कहती हैं, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, वह पद और सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी तरह की धमकी का सहारा ले सकती हैं।

इसे भाजपा पर नया पद हासिल करने के लिए बनाए जा रहे दबाव के रूप में ही देखा जाना चाहिए।” यह पूछे जाने पर कि क्या श्रीलेखा कांग्रेस में जाने के लिए दबाव बना रही हैं, शिवनकुट्टी ने कहा कि कुछ नेता स्वाभाविक रूप से वहीं जाते हैं, जहां उन्हें अधिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, “स्वाभाविक रूप से, कुछ लोग वहां जाते हैं, जहां उन्हें अधिक लाभ मिलता है। उन्हें जहां सबसे ज्यादा फायदा मिलता है, वे वहीं चले जाएंगे।” श्रीलेखा ने अब तक इस्तीफे के मुद्दे और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भाजपा पिछले साल पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सत्ता में आई थी। 101 सदस्यीय नगर निकाय में उसे एक निर्दलीय पार्षद समेत 51 पार्षदों का समर्थन हासिल है। श्रीलेखा ने पिछले साल हुए स्थानीय निकाय चुनाव में शास्तमंगलम वार्ड से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी।

उनका भाजपा पार्षद के रूप में बने रहना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन के कारण तिरुवनंतपुरम नगर निगम में उसके पास मामूली बहुमत है। श्रीलेखा फिलहाल भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अप्रैल में वट्टीयूरकावु विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस नेता के मुरलीधरन से हार गई थीं।

केरलम के स्वास्थ्य एवं देवस्वओम मंत्री के मुरलीधरन ने श्रीलेखा की ओर से दिए गए इस्तीफे को रविवार को “नाटक” करार दिया। मुरलीधरन ने कहा कि वह इसे नाटक इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि नियमों के अनुसार इस्तीफा नगर निगम के सचिव को सौंपा जाना चाहिए था।

Continue reading on the app

नई पारी शुरू करने से पहले Pargat Singh क्यों पहुंचे मनमोहन सिंह के घर?

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह ने अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से आशीर्वाद लेकर की। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करने की अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद परगट सिंह रविवार को दिल्ली स्थित डॉ. मनमोहन सिंह के आवास पहुंचे।

मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मिले

परगट सिंह ने डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर जी से मुलाकात की। उनका आशीर्वाद लिया और सरदार मनमोहन सिंह जी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।”

इसे भी पढ़ें: पंजाब में Harpal Singh Cheema ने Pargat Singh से बेअदबी विधेयक पर रुख साफ करने को कहा

अंबिका सोनी से भी की मुलाकात

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष ने दिल्ली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी से भी उनके आवास पर मुलाकात की। परगट सिंह को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में उनकी इन मुलाकातों को उनके नए राजनीतिक सफर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: Punjab Congress में अंदरूनी कलह तेज, Rahul Gandhi को इस्तीफा सौंप बोले Raja Warring, चन्नी जीत गए

हॉकी के मैदान से पंजाब कांग्रेस की कमान तक का सफर

61 वर्षीय परगट सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। वह जालंधर कैंट से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। परगट सिंह का हॉकी के मैदान से राजनीति तक का सफर खास रहा है। पूर्व ओलंपियन परगट सिंह अब पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं और राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं।

Continue reading on the app

  Sports

बिहार के लाल, बंगाल से कमाल...आकाशदीप और मुकेश कुमार, टीम इंडिया में वापसी को बेकरार

Irani Cup में आकाशदीप ने पहली पारी में 43 रन देकर तीन विकेट लिए तो दूसरी पारी में 45 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया जबकि मुकेश कुमार ने पहली पारी में 84 रन देकर दो शिकार किए तो दूसरी पारी में महज 33 रन के एवज में छह विकेट लिए. ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के पेस अटैक में जगह बनाने की जंग और तेज-रोमांचक हो चुकी है. Mon, 5 Oct 2026 08:28:59 +0530

  Videos
See all

Omani Co-pilot Major Revelation Live Updates : ओमानी पायलट ने खोला सारा राज ? | Hamam al-Hammami #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-05T03:08:58+00:00

Hindi News | Breaking News: पंजाब में आतंकी साजिश पर, सुरक्षाबलों का प्रहार | Pakistan | CM Mann #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-05T03:16:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers