अदाणी ग्रुप और कच्छ यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हर साल 10,000 से अधिक छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
भुज (गुजरात), 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी समूह की कौशल विकास और क्षमता निर्माण इकाई अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन (एएसई) ने रविवार को कच्छ यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर भुज में ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
इस केंद्र का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। संस्थान के माध्यम से हर वर्ष 10,000 से अधिक छात्रों को नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक ऑटोमेशन से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के साथ प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अदाणी ग्रुप के अनुसार, पिछले दो वर्षों में गुजरात के कच्छ जिले में कंपनी की हरित ऊर्जा परियोजनाओं के कारण 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं, जिससे ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए प्रशिक्षित कार्यबल की आवश्यकता भी बढ़ी है।
ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सोलर पीवी टेक्नोलॉजी, विंड एनर्जी सिस्टम, हाइब्रिड एनर्जी सिस्टम, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) तथा डिजिटल एवं इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, यह केंद्र हरित ऊर्जा क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करेगा।
अदाणी ग्रुप के निदेशक करण अदाणी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भारत के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र छात्रों को न केवल वर्तमान रोजगार अवसरों के लिए तैयार करेगा, बल्कि भारत और वैश्विक स्तर पर उभर रही नई संभावनाओं का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह वैश्विक स्तर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को भविष्य के कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रॉबिन भौमिक ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन आवश्यक विशेषज्ञ प्रतिभाओं की उपलब्धता उसी गति से नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा कि कच्छ यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी के माध्यम से उद्योग की जरूरतों को सीधे कक्षा तक पहुंचाया जा सकेगा और छात्रों को वास्तविक तकनीकों से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसकी वजह से सौर, पवन, ऊर्जा भंडारण और अन्य स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है।
इस परिवर्तन में कच्छ एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। अदाणी समूह यहां खावड़ा में 30 गीगावाट क्षमता वाले नवीकरणीय ऊर्जा पार्क का विकास कर रहा है, जो लगभग 538 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में से एक माना जाता है।
विश्वविद्यालय आधारित यह केंद्र एक संरचित शिक्षण मॉडल पर काम करेगा, जिसमें कक्षा-आधारित अध्ययन, सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का संयोजन होगा। पाठ्यक्रम में सौर और पवन ऊर्जा तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, बैटरी स्टोरेज सिस्टम, माइक्रोग्रिड, एससीएडीए सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित ऊर्जा अनुप्रयोग और स्मार्ट ग्रिड तकनीकें शामिल होंगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Asian Games 2026 का हुआ समापन, अब 2030 में कतर करेगा मेजबानी
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का शानदार सफर अब खत्म हो गया है. जापान के आईची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के 20वें संस्करण का 4 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से समापन हो गया. नागोया सिटी के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से शूटर नीरू ढांडा ने ध्वजवाहक की जिम्मेदारी संभाली और शान से तिरंगा लहराया.
नीरू ढांडा ने लहराया तिरंगा
क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान के साथ हुई. इसके बाद अलग-अलग देशों के एथलीटों ने परेड में हिस्सा लिया. हर देश का प्रतिनिधित्व उसके ध्वजवाहक ने किया. भारत की ध्वजवाहक नीरू ढांडा रहीं. उन्होंने पूरे गर्व के साथ भारतीय तिरंगा थामा. नीरू के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास रहा. उन्होंने इस प्रतियोगिता में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर समेत कुल 3 मेडल अपने नाम किए. समापन समारोह के दौरान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया यानी OCA का झंडा भी अगली मेजबानी करने वाले देश को सौंपा गया. आईची-नागोया से यह झंडा कतर के दोहा 2030 के प्रतिनिधियों को सौंपा गया.
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— All India Radio News (@airnewsalerts) October 4, 2026
The Asian Games 2026 have officially concluded at the Nagoya City Mizuho Park Athletic Stadium in Nagoya, bringing more than two weeks of action-packed competition across 43 disciplines to an end.
The President of the… pic.twitter.com/V3nYShYQOX
2030 में कतर करेगा मेजबानी
एशियन गेम्स का अगला यानी 21वां संस्करण साल 2030 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित होगा. दोहा दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी करेगा. इससे पहले कतर ने 2006 में एशियन गेम्स का आयोजन किया था. अब 24 साल बाद एक बार फिर एशिया के सबसे बड़े खेल आयोजन की मेजबानी दोहा करेगा.
भारत ने जीते 85 मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने कुल 85 मेडल जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. 21 गोल्ड के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. उज्बेकिस्तान ने भी 21 गोल्ड जीते, लेकिन कुल मेडल की संख्या में भारत आगे रहा. इसी वजह से भारत को चौथा स्थान मिला.
????IT’S OFFICIAL NOW, FOLKS!
— The Khel India (@TheKhelIndia) October 4, 2026
INDIAN TEAM HAS FINISHED 4TH IN THE MEDAL TALLY AT THE ASIAN GAMES 2026!
21 GOLD ???? 27 SILVER ???? 37 BRONZE
Total - 85 Medals ????️
Uzbekistan finished 9th today in their last event - Equestrian (Individual Jumping). pic.twitter.com/sqlQsShgcS
भारत से ऊपर दक्षिण कोरिया, जापान और चीन रहे. चीन ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 341 मेडल जीते. उसके खाते में 169 गोल्ड, 89 सिल्वर और 83 ब्रॉन्ज मेडल रहे. वहीं जापान 83 गोल्ड, 95 सिल्वर और 91 ब्रॉन्ज के साथ कुल 269 मेडल लेकर दूसरे स्थान पर रहा. जबकि दक्षिण कोरिया ने 39 गोल्ड, 43 सिल्वर और 68 ब्रॉन्ज समेत कुल 150 मेडल जीते. इस तरह आईची-नागोया एशियन गेम्स का समापन भारत के लिए भी यादगार रहा. 85 मेडल के साथ भारतीय दल ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और अगले एशियन गेम्स के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दीं.
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