तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए चिकित्सकीय मदद जरूरी, विशेषज्ञों ने Smoking पर चेताया
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान करने वालों को इसे छोड़ने की सलाह देना पर्याप्त नहीं है और तंबाकू की लत से जूझ रहे लोगों के लिए चिकित्सकीय सहायता पर अधिक जोर दिए जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को उभरते वैज्ञानिक साक्ष्यों के अनुरूप समय-समय पर विकसित किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने 28 से 30 सितंबर तक तंबाकू से होने वाले नुकसान को कम करने पर ऑनलाइन आयोजित नौवें शिखर सम्मेलन में यह बात कही।
सम्मेलन में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों ने तंबाकू पर निर्भरता, धूम्रपान छोड़ने, युवाओं में निकोटीन के इस्तेमाल तथा तंबाकू नियंत्रण नीतियों को आकार देने में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका पर चर्चा की। दिल्ली स्थित पैसिफिक वनहेल्थ में आंतरिक चिकित्सा के वरिष्ठ सलाहकार और ‘डॉक्टर्स अगेंस्ट एडिक्शन’ (डीएएडी) के संस्थापक सदस्य डॉ. मोहसिन वली ने कहा कि किसी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को इसे छोड़ने की सलाह देने और उसे वास्तव में तंबाकू की निर्भरता से उबरने में मदद करने के बीच बड़ा अंतर है। वली ने कहा, ‘‘हर धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित और सहयोग दिया जाना चाहिए, लेकिन चार दशक से अधिक के चिकित्सकीय अनुभव में मैंने देखा है कि किसी व्यक्ति को धूम्रपान छोड़ने के लिए कहना और उसे वास्तव में छोड़ने में मदद करना दो अलग-अलग बातें हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनके बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं, जो सिगरेट या बीड़ी पीते हैं और इसे छोड़ने के लिए संघर्ष करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में चिकित्सकों को मरीजों की मदद करते समय उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। वली ने कहा, ‘‘कोई भी निकोटीन उत्पाद 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं है, लेकिन अलग-अलग उत्पादों से जुड़े जोखिम का स्तर अलग हो सकता है।’’ उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नए वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आते हैं, नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े फैसले विज्ञान पर आधारित रहें। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को में प्रोफेसर एमेरिटस ऑफ मेडिसिन नील एल. बेनोविट्ज ने कहा कि स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन करते समय निकोटीन और सिगरेट पीने को एक समान नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निकोटीन और सिगरेट का धूम्रपान एक ही चीज नहीं हैं तथा इसके स्वास्थ्य प्रभावों को समझने के लिए निकोटीन के औषधीय प्रभावों और तंबाकू जलाने से होने वाले व्यापक नुकसान के बीच अंतर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निकोटीन की लत लग सकती है और हृदय गति, रक्तचाप तथा रक्त वाहिकाओं के संकुचन पर इसके प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हालांकि, निकोटीन उत्पादों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम जरूरी नहीं कि सिगरेट पीने से होने वाले जोखिमों के समान हों।
उन्होंने अलग-अलग उत्पादों के वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आकलन की जरूरत पर जोर दिया। बेनोविट्ज ने कहा कि युवाओं को निकोटीन का इस्तेमाल शुरू करने से रोकना प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वहीं, पहले से धूम्रपान कर रहे वयस्कों के मामले में उन्हें धूम्रपान छोड़ने में मदद करने और निकोटीन पहुंचाने वाले विभिन्न उत्पादों के सापेक्ष जोखिम को समझने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
भारत पर केंद्रित चर्चा में देश के तंबाकू नियंत्रण ढांचे तथा तंबाकू पर निर्भरता, नियमों के प्रवर्तन और अनौपचारिक बाजारों से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने रोकथाम और धूम्रपान छोड़ने संबंधी सेवाओं को मजबूत करने, बच्चों और धूम्रपान न करने वाले लोगों की सुरक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा संचार पारदर्शी हो और विश्वसनीय वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित हो।
फुटबॉल की तरह उठा-उठाकर फेंक रहे हैं... हिरासत में लिए जाने पर Saurabh Bharadwaj का Delhi Police पर आरोप
दिल्ली में इंडिया गेट के पास रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आम आदमी पार्टी और उसके छात्र संगठन ‘एएसएपी’ के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बसों को रोकने की कोशिश की।
मुझे फुटबॉल की तरह उठा-उठाकर फेंक रहे हैं
हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “वे मुझे उठा-उठाकर फुटबॉल की तरह इधर-उधर फेंक रहे हैं।”
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, “यहां इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है, फिर भी वे अपने ही एसीपी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रहे हैं और न ही एसीपी को गिरफ्तार कर रहे हैं।” प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
#WATCH | Delhi AAP President Saurabh Bharadwaj says, "They are picking me up and throwing me around like I am a football... There is such a large police force here, yet they are not even registering an FIR against their own ACP, nor are they arresting the ACP..." https://t.co/nEeH01ueD8
— ANI (@ANI) October 4, 2026
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प्रदर्शनकारी बसों के सामने पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ता उन बसों पर चढ़ गए, जिनमें हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जाया जा रहा था। कुछ कार्यकर्ताओं ने बसों को बीच सड़क पर घेर लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को भी हिरासत में लिया गया है।
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इंडिया गेट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को काबू में रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए।
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