Meerut में पत्नी पर कार चढ़ाने और जानलेवा हमले के आरोप में पति समेत दो गिरफ्तार
मेरठ (उप्र), चार अक्टूबर मेरठ में एक महिला को कथित तौर पर कार से कुचलने की कोशिश करने के आरोप में उसके पति समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार को लोहिया नगर थाना क्षेत्र में हापुड़ रोड स्थित एल-ब्लॉक चौकी के पास हुई।
पुलिस ने बताया कि काजीपुर निवासी महिला की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उसने हसनपुर कला गांव निवासी अपने पति मयंक (36) को एक महिला के साथ कार में देखा और दोनों को रोक लिया तभी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। महिला की शिकायत के मुताबिक, कहासुनी के बाद पति ने उस पर कार चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मयंक और उसके साथ मौजूद महिला ने उसे झाड़ियों में गिराकर उसका गला दबाने की भी कोशिश की तथा उसके साथ गाली-गलौज की।
उसने बताया कि इस संबंध में लोहिया नगर थाने में मयंक और उसके साथ कार में मौजूद महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें एक महिला एक व्यक्ति को कार से उतारकर उसकी पिटाई करती दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला को कार के बोनट पर कुछ दूरी तक घसीटते हुए भी देखा जा सकता है।
हालांकि, पुलिस ने वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम की पुष्टि नहीं की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) संग्राम सिंह ने रविवार को बताया कि पुलिस ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।
SIR और MPSC आंदोलन पर बोले Sharad Pawar, ‘सरकार छात्रों से बात करे, बातचीत से निकलेगा समाधान’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने रविवार को पुणे में महाराष्ट्र की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और एमपीएससी आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर उठ रही मांग सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पुणे, नागपुर और राज्य के कई दूसरे हिस्सों में भी इसे लेकर आवाज उठ रही है।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के संयुक्त विरोध मार्च को लेकर शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकार SIR की प्रक्रिया से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि जब सभी संबंधित राजनीतिक दल इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए एक साथ आएंगे और अनियमितता करने वालों के खिलाफ फैसला लेंगे, तब वह उनके साथ खड़े रहेंगे और अपना समर्थन देंगे।
SIR को लेकर क्या बोले शरद पवार?
शरद पवार ने कहा, “यह मांग सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है। यह पुणे और नागपुर में भी उठाई जा रही है और राज्य के कई दूसरे हिस्सों में भी इसकी मांग हो रही है।”
उन्होंने कहा कि जब सभी संबंधित राजनीतिक दल इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए एक साथ आएंगे और जिन लोगों ने अनियमितताएं की हैं, उनके बारे में फैसला लेंगे, तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे और अपना समर्थन देंगे।
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MPSC आंदोलन पर छात्रों के समर्थन में आए शरद पवार
पुणे में एमपीएससी आंदोलन को लेकर शरद पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पूरे राज्य में छात्रों के बीच बेचैनी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुणे, मुंबई और कई अन्य जगहों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “छात्रों की कुछ मांगें हैं और उन्होंने पुणे में आंदोलन शुरू किया है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और समाधान निकालने के लिए कदम उठाने चाहिए।”
शरद पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह देख रहे हैं कि कुछ छात्र परेशान हैं, चाहे वे आंदोलन में शामिल हों या नहीं। उन्होंने बताया कि रविवार को छात्रों के कुछ प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और अपनी मांगों के बारे में बताया।
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छात्रों से बातचीत करे सरकार
शरद पवार ने कहा कि छात्रों ने अपनी बात उनके सामने रखी और उम्मीद जताई कि उनकी चिंताओं को सुनने के बाद समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को देखते हुए बातचीत जरूरी है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधियों को छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए। बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और आगे का रास्ता निकाला जाना चाहिए।”
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की है। हालांकि, उस समय मुख्यमंत्री मुंबई में नहीं थे। पवार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुंबई लौटने के बाद इस मामले को देखने और छात्रों से बातचीत करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री से छात्रों से मिलने की अपील
शरद पवार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री को खुद छात्रों से मिलकर उनके साथ बैठक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फैसला राज्य सरकार और उसके प्रमुख को लेना है। उन्होंने कहा, “छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।”
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री से बात की है और मुख्यमंत्री के सोमवार को मुंबई लौटने की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री छात्रों के साथ बातचीत करेंगे और इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को छात्रों से बात करनी चाहिए। सरकार का फैसला हमें कल पता चलेगा। मुझे उम्मीद है कि छात्रों की चिंताओं को दूर किया जाएगा और इस मुद्दे का समाधान निकलेगा।”
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