'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर, युवाशक्ति से प्रेरित और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर आधारित है बजट: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वैश्विक हालात में अनिश्चितता के बावजूद सरकार ने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक दिशा स्थिर रही है और देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
लगातार नौवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक विकास को मजबूत करना और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। यह बजट सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर आधारित है।
निर्मला सीतारमण ने कहा, हमारी सरकार ने हमेशा असमंजस की जगह ठोस कदम उठाए हैं। हमने बड़े आर्थिक सुधार किए हैं, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और मुद्रा स्थिरता के साथ-साथ सार्वजनिक निवेश पर विशेष ध्यान दिया है।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि आज दुनिया में व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर संकट है। संसाधनों और आपूर्ति शृंखला में रुकावटें आ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन के तरीकों को बदल रही हैं और पानी, ऊर्जा व जरूरी खनिजों की मांग बढ़ा रही हैं। ऐसे माहौल में भारत संतुलन और समावेशन के साथ विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाता रहेगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 15वां बजट है। इसके साथ ही यह 2024 में एनडीए के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट है।
निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने संसद में लगातार नौ बार बजट पेश किया है।
इस बजट में पूंजीगत खर्च पर खास ध्यान दिए जाने की संभावना है, खासकर उन क्षेत्रों में जो मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रणनीतिक रूप से अहम माने जाते हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद वित्त मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 30 कॉलेज छात्रों से बातचीत करेंगी। ये छात्र लोकसभा गैलरी से बजट प्रस्तुति को लाइव देख रहे हैं, जिससे उन्हें संसद की अहम कार्यवाही को समझने का मौका मिला है।
बजट तैयार करते समय सरकार ने युवाओं समेत देश के नागरिकों से अलग-अलग मंचों के जरिए सुझाव लिए हैं। इन सुझावों की झलक आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में देखने को मिलेगी।
इस तरह यह बजट आत्मनिर्भर भारत, युवाओं की ताकत और विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Union Budget 2026: भारत बनेगा वैश्विक 'बायो-फार्मा हब', ₹10,000 करोड़ की 'बायोफार्मा शक्ति' योजना का ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए देश को स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है. सरकार ने भारत को एक वैश्विक बायो-फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'बायोफार्मा शक्ति' परियोजना (Biopharma Shakti Project) की घोषणा की है.
₹10,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि इस विजनरी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड का प्रस्ताव पारित किया है. इस निवेश का मुख्य उद्देश्य न केवल दवाओं के निर्माण (Manufacturing) में तेजी लाना है, बल्कि जटिल जैविक दवाओं के अनुसंधान और विकास (R&D) में भारत की हिस्सेदारी को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना है.
खुलेंगे 3 नए संस्थान
बायो-फार्मा क्षेत्र में नवाचार और उच्च श्रेणी के विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने तीन नए उच्च शैक्षणिक संस्थान (Higher Educational Institutions) खोलने का निर्णय लिया है. ये संस्थान विशेष रूप से बायोटेक और फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग पर केंद्रित होंगे, ताकि उद्योग को स्किल्ड वर्कफोर्स मिल सके और शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा सके.
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
'बायोफार्मा शक्ति' परियोजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम करना और सस्ती व प्रभावी दवाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है. वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' से आगे ले जाकर 'दुनिया का बायोटेक पावरहाउस' बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा.
ये भी पढ़ें- Budget 2026: माघ पूर्णिमा के शुभ संयोग में आज पेश होगा बजट 2026, ग्रहों की चाल से अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

















