NetApp के लिए भारत एशिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार, CEO George Kurian ने बताया
(कुमार दीपांकर) लास वेगास, चार अक्टूबर डेटा अवसंरचना कंपनी नेटऐप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जॉर्ज कुरियन ने कहा है कि भारत एशिया में कंपनी के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई), विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं तथा केंद्र और राज्य सरकारें देश में कंपनी के कारोबार की वृद्धि के प्रमुख आधार हैं। कुरियन ने कहा कि कंपनी भारत में अपने कारोबार को और तेजी से बढ़ाने के अवसर तलाश रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत एशिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार रहा है और हम हमेशा इससे भी तेज गति से बढ़ने के अवसर तलाशते हैं।’’ सान जोस स्थित नेटऐप का वैश्विक क्षमता केंद्र बेंगलुरु में स्थित है और यह कंपनी का दुनिया में सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां करीब 4,000 इंजीनियर काम कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार, उसके वैश्विक अनुसंधान एवं विकास का बड़ा हिस्सा इसी केंद्र से संचालित होता है।
कुरियन ने इनसाइट-2026 से इतर पीटीआई-से कहा कि भारत स्थित वैश्विक क्षमता केंद्र लगातार नेटऐप के अन्य कारोबार की तुलना में तेज गति से बढ़ रहा है और कंपनी के वैश्विक नवोन्मेषण कार्यक्रमों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 2015 से कंपनी का सीईओ पद संभाल रहे कुरियन ने कहा कि नेटऐप भारत के ऑल-फ्लैश भंडारण बाजार में अग्रणी कंपनियों में शामिल है। कंपनी भारतीय कर्मचारियों और साझेदारों को कारोबार के विस्तार के लिए अधिक अवसर देने के साथ-साथ इस क्षेत्र में अपना निवेश भी बढ़ा रही है।
भारत में नेटऐप के ग्राहकों का आधार काफी व्यापक है। इसमें बड़े बैंक एवं वित्तीय संस्थान, केंद्र और राज्य सरकारों के विभाग, विनिर्माण कंपनियां तथा सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता शामिल हैं। कुरियन ने कहा कि कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से बड़े उद्यमों और सार्वजनिक क्षेत्र पर केंद्रित है।
बड़ी मात्रा में असंरचित डेटा रखने वाले संगठन भविष्य में भी नेटऐप के लिए महत्वपूर्ण ग्राहक बने रहेंगे। भारत में कृत्रिम मेधा को अपनाने के शुरुआती चरण में मौजूद कंपनियों के लिए कुरियन ने सलाह दी कि उन्हें सबसे पहले अपने डेटा ढांचे को मजबूत करना चाहिए। इसके बाद वे परिसर-आधारित या क्लाउड आधारित कृत्रिम मेधा मंच तैयार कर ऐसे व्यावसायिक उपयोग मामलों पर ध्यान दे सकती हैं, जिनसे ठोस लाभ हासिल हो सके।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा क्षमता के विस्तार के दौरान नेटऐप कंपनियों को उनके डेटा को कृत्रिम मेधा मंच से जोड़ने में मदद कर सकती है। कंपनी ने अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘इनसाइट 2026’ के दौरान कृत्रिम मेधा और डेटा अवसंरचना से जुड़े कई नए उत्पादों और सेवाओं की घोषणा भी की है। इनमें ‘नोवस’ नामक नई भंडारण संरचना प्रमुख है।
कंपनी के मुताबिक, नोवस जेटाबाइट स्तर की फाइल प्रणाली को समर्थन देने और प्रति सेकंड 100 टेराबाइट से अधिक की विस्तार-क्षमता वाली कार्यक्षमता देने में सक्षम होगा। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में जीपीयू को लगातार डेटा उपलब्ध कराना और कृत्रिम मेधा ढांचे में किए गए निवेश की क्षमता को बेहतर बनाना है। नेटऐप ने एजेंटिक एआई, हाइब्रिड मल्टी-क्लाउड संचालन और एसएपी क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई नई क्षमताओं की भी घोषणा की है।
इसके अलावा, नेटऐप और ओरेकल ने ओरेकल क्लाउड अवसंरचना के लिए पूरी तरह प्रबंधित भंडारण सेवा की घोषणा की है, जिसमें ऑनटैप की क्षमताएं उपलब्ध होंगी। इसके अगले 12 माह में सामान्य रूप से उपलब्ध होने की योजना है।
UP Congress: Aradhana Misra और Imran Masood को कमान, 2027 चुनाव के लिए नया समीकरण
लखनऊ, चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस राज्य में अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ब्राह्मणों, मुसलमानों, दलितों तथा अति पिछड़े वर्गों को साथ लेकर सामाजिक गठजोड़ तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में हाल में किए गए संगठनात्मक फेरबदल से पार्टी की इस रणनीति के संकेत मिलते हैं। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी उत्तर प्रदेश इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नया अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया।
मोना ब्राह्मण और मसूद मुस्लिम हैं। इसके अलावा पार्टी ने अति पिछड़ा मछुआरा समाज से आने वाले देवेंद्र निषाद और दलित समाज से आने वाले महराजगंज जिले के आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों और विभिन्न सामाजिक समूहों के नेताओं को पार्टी में शामिल करने की कोशिशें राज्य में कांग्रेस के संगठन और उसके चुनावी आधार को नए सिरे से मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव डॉ. सैयद जमाल अहमद ने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेतृत्व को लेकर जनता की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्राह्मणों, अल्पसंख्यकों, अति पिछड़े वर्गों और दलितों समेत विभिन्न समुदायों के कई नेता निकट भविष्य में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कांग्रेस की कोशिशें शनिवार को उस समय भी दिखाई दीं, जब अपना जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत की। वहीं, मथुरा की मांट विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस में वापस लौट आए। मौर्य ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत मिलकर लड़ने को लेकर ‘‘सकारात्मक चर्चा’’ की।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी श्याम सुंदर शर्मा के दिल्ली में पार्टी में शामिल होने की जानकारी साझा करते हुए कहा, ‘‘मथुरा की राजनीति के कद्दावर स्तंभ और आठ बार के पूर्व विधायक पंडित श्याम सुंदर शर्मा की कांग्रेस पार्टी में ऐतिहासिक वापसी।’’ शर्मा ने पार्टी के दिल्ली स्थित कार्यालय में राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा, पार्टी महासचिव एवं जम्मू कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी सैयद नासिर हुसैन तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री रह चुके मौर्य ने 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन किया था। बाद में सपा से मतभेद के चलते उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया और अपने नए दल ‘अपना जनता पार्टी’ का गठन किया।
वहीं, श्याम सुंदर शर्मा के पास संगठनात्मक कार्यों का अच्छा खासा अनुभव है। कांग्रेस के पूर्व नेता शर्मा ने 1989 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर मांट विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और 1991 तथा 1993 में भी निर्वाचित हुए। बाद में वह लोकतांत्रिक कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी से भी जुड़े रहे।
कांग्रेस ने कहा कि शर्मा की वापसी से न केवल मथुरा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी पार्टी को मजबूती मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस इकाई ने यह भी कहा कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की मौजूदगी में विभिन्न दलों के 114 से अधिक प्रमुख नेता और पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस में शामिल होने वालों में बहराइच नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हाजी रेहान खान आढ़ती, ओबीसी समुदाय के वरिष्ठ नेता रामवीर चौधरी, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व उत्तर-पूर्व लोकसभा प्रभारी महबूब मलिक और अंसारी समुदाय के दिल्ली इकाई के नेता नासिर अंसारी शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









