यूपी के सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों को दिवाली का तोहफा, DA में 3% बढ़ोतरी और बोनस की तैयारी
Yogi Government: दीपावली के त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशियों का पिटारा खोलने की तैयारी कर ली है. त्यौहारों के इस सीजन में सरकार कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और बोनस देकर बड़ा तोहफा देने जा रही है. वित्त विभाग ने इस संबंध में प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश के लाखों परिवारों की दीवाली और अधिक रोशन होने की उम्मीद है.
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बोनस व महंगाई भत्ते की सौगात
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, अराजपत्रित कर्मचारियों को त्यौहार से पहले चौतीस सौ से लेकर सात हजार रुपये तक का बोनस दिया जा सकता है. इसके साथ ही राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है. यह बढ़ोतरी जुलाई महीने से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग बारह लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों और छह लाख से अधिक पेंशनरों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा.
आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी और एरियर का लाभ
केवल नियमित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत लगभग पौने तीन लाख कर्मचारियों के लिए भी यह दीवाली बेहद खास रहने वाली है. सरकार उन्हें सितंबर माह से बढ़ी हुई दरों पर मानदेय देने की तैयारी कर रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के वेतन के साथ कर्मचारियों को सितंबर महीने के एरियर का भुगतान भी एक साथ कर दिया जाएगा, जिससे उनके हाथों में त्योहार के समय बेहतर वित्तीय मदद पहुंचेगी.
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उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम से मिली नई सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम और उसके नए वेब पोर्टल का शुभारंभ करके इन कर्मचारियों के जीवन में स्थायित्व लाने का प्रयास किया है. भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए विशेष समझौते के बाद अब कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिए के भेजा जाएगा. इसके अलावा कर्मचारियों का खाता शून्य शेष पर खोला जाएगा और उन्हें तथा उनके परिजनों को विशेष बैंकिंग सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी.
कर्मचारियों के परिवारों के लिए व्यापक बीमा और सहायता तंत्र
इस नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को व्यापक सुरक्षा चक्र प्रदान किया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में परिवार को बीस से चालिस लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा. इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारी, एयर एंबुलेंस सुविधा, बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है. किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को तुरंत पचास हजार रुपये की फौरी राहत दी जाएगी, जिससे इस असंगठित कार्यबल को एक सुरक्षित और सम्मानजनक पहचान मिली है.
Sarva Pitru Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या 2026 कब है? जानें सही तारीख, श्राद्ध-तर्पण का मुहूर्त और महत्व
Sarva Pitru Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या को पितृपक्ष की सबसे बड़ी तिथि और अंतिम दिन माना जाता है. इस दिन पितृ पक्ष का समापन होता है. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाती है. इस दिन उन पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए, जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की अमावस्या तिथि को हुआ था. मगर सर्व पितृ अमावस्या के दिन, ऐसे पितरों का भी श्राद्ध किया जाता है, जिनकी तिथि का पता न हो. शास्त्रों में कहा गया है कि इस तिथि पर सभी का श्राद्ध किया जा सकता है. आइए जानते हैं इस साल सर्व पितृ अमावस्या कब है?
सर्व पितृ अमावस्या 2026 कब है? (Sarva Pitru Amavasya 2026 Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, सर्व पितृ अमावस्या के लिए आश्विन अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर को रात में 9 बजकर 35 मिनट पर प्रारंभ होगी और 10 अक्टूबर को रात 09:19 मिनट तक मान्य रहेगी. उदयातिथि और अमावस्या के कुतुप मुहूर्त के आधार पर सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, दिन शनिवार को मनाई जाएगी.
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सर्व पितृ अमावस्या 2026 तर्पण श्राद्ध करने का शुभ मुहूर्त
पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण करने के लिए कुतुप मुहूर्त को ही उचित माना गया है. सर्व पितृ अमावस्या के दिन कुतुप मुहूर्त सुबह 11:45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक है. उस दिन कुतुप मुहूर्त का समय 47 मिनट का है. जो लोग कुतुप मुहूर्त में अपने पितरों के लिए तर्पण, दान, श्राद्ध आदि न कर पाएं तो वे रौहिण मुहूर्त में श्राद्ध कर सकते हैं. सर्व पितृ अमावस्या के दिन रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस दिन तर्पण करने के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 01:30 बजे तक है. इसके अलावा, आप सर्व पितृ अमावस्या में अपराह्न काल में कर्म कर सकते हैं. अपराह्न काल का मुहूर्त दोपहर में 01 बजकर 18 मिनट से दोपहर 03 बजकर 37 मिनट तक है.
सर्व पितृ अमावस्या पर जरूर करें दान
मान्यता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर जो दान किया जाता है, वह सीधा-सीधा पूर्वजों को पहुंचता है. ऐसा करने से उनकी आत्मा को तृप्ति मिलती है. वे आपको आशीर्वाद भी देते हैं. इसलिए, इस दिन दान जरूर करना चाहिए. इस दिन अन्न, वस्त्र, काले तिलों का दान किया जाता है. पंखा, छाता, जूते-चप्पल और जल का दान करने से भी पितरों को प्रसन्नता होती है. यदि आप दान करने में सक्षम नहीं है तो इस दिन गायों को हरा चारा खिला सकते हैं. कुत्तों और कौवों को भी भोजन करवा सकते हैं.
सर्वपितृ अमावस्या पर घर न लाएं ये चीजें
1.लोहे का सामान- धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भूलकर भी लोहा या लोहे से बनी कोई भी वस्तु को घर नहीं लाना चाहिए. माना जाता है कि अमावस्या के दिन लोहे की वस्तु को घर लाने से मनुष्य को धन की हानि होती है और शनि दोष भी लगता है.
2.सरसों का तेल- सर्वपितृ अमावस्या के दिन सरसों का तेल भी खरीदकर घर नहीं लाना चाहिए. इससे भी आपतों पितरों तथा शनिदेव के क्रोध को भोगना पड़ सकता है. हां, इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए
3.धारदार और नुकीली चीजें- आपको सर्वपितृ अमावस्या के दिन घर में कोई नुकीली चीजें खरीदकर नहीं लानी चाहिए, जैसे- सुई, कैंची, चाकू, कील आदि. अमावस्या तिथि पर इन्हें खरीद कर लाने से घर में कलह पैदा होती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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