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SBI ‘हर घर लखपति’ स्कीम आपके बच्चे को बनाएगा लखपति:पेरेंट्स बच्चे के नाम पर कर सकते हैं निवेश, जानें इसको लेकर क्या हैं नियम

अगर आप बच्चे के नाम पर निवेश शुरू करने का प्लान बना रहे हैं तो SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में अभी 6.7% सालाना ब्याज मिल रहा है। आप अपने बच्चे के नाम पर इस स्कीम में निवेश करके उसके लिए आसानी से लाखों का फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन इसके कुछ खास नियम हैं। हम आपको उन नियमों के बारे में बता रहे हैं। 'हर घर लखपति’ स्कीम क्या है? ये स्कीम रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD का ही एक प्रकार है। RD बड़ी बचत में आपकी मदद कर सकती है। आप इसका इस्‍तेमाल गुल्लक की तरह कर सकते हैं। मतलब आप इसमें हर महीने सैलरी आने पर एक निश्चित रकम डालते रहें और इसके मैच्योर होने पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी। हर घर लखपति स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 3 साल से 10 साल तक रहता है। यानी आप 3 साल से 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं। 10 साल से बड़े बच्चे के नाम भी खोल सकते हैं अकाउंट इसमें कोई भी व्यक्ति अकेले या लॉइंट अकाउंट खोल सकता हैं। वहीं 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे के नाम पर भी अकाउंट खोल सकते हैं, हालांकि ऐसा तभी होगा जब वो अच्छे से साइन कर सकता हो। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसे अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ खाता खोलना होगा। यहां समझें निवेश कर पूरा गणित अगर आप 5 साल में 1 लाख का फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको हर महीने अपने बेटे के नाम पर 1,420 रुपए जमा करने होंगे। वहीं अगर आप 10 साल 1 लाख का फंड तैयार करना चाहते हैं तो हर महीने 610 रुपए जमा करने होंगे। इस स्कीम में बच्चों को सामान्य नागरिक की कैटेगरी में रखा गया है। 1 लाख से ज्यादा के लिए भी कर सकते हैं निवेश हर घर लखपति योजना में आप 1 लाख रुपए से ज्यादा का टारगेट भी चुन सकते हैं। इसमें 2, 3 और 4 लाख आदि का टारगेट सेट करके भी निवेश कर सकते हैं। आप जितनी रकम का टारगेट रखते है, आपकी किस्त की राशि उसी हिसाब से तय होती है।

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Security Guards Body found in Raipur: राजधानी के इस इलाके में मिली सुरक्षा गार्ड की लाश, कई दिनों से था लापता, सुनियोजित हत्या या कुछ और…?

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  Sports

Sri Lanka से 63 रन की हार के बाद Bangladesh कप्तान Litton Das ने किया कप्तानी छोड़ने से इनकार

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के लिए एशियाई खेलों का अभियान निराशाजनक रहा है। टीम कांस्य पदक के मुकाबले में श्रीलंका से 63 रन से हार गई और पहली बार एशियाई खेलों में क्रिकेट से कोई पदक हासिल नहीं कर सकी। इस हार के बाद कप्तान लिटन दास की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने की किसी संभावना से साफ इनकार किया है।

बता दें कि कांस्य पदक के मुकाबले में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने शुरुआती दौर में 21 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद थारिंदु रत्नायके ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 65 रन की तेज पारी खेली और मुकाबले का रुख बदल दिया। उनकी पारी की बदौलत श्रीलंका मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में सफल रहा और अंत में बांग्लादेश को 63 रन से हरा दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले के बाद लिटन दास ने माना कि बांग्लादेश की टीम अपने स्तर के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने खास तौर पर थारिंदु रत्नायके की पारी की तारीफ की। लिटन के मुताबिक, बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शुरुआती 8 ओवर में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन इसके बाद रत्नायके ने जिस तरह के शॉट खेले, उससे गेंदबाजों के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया।

लिटन ने कहा कि रत्नायके ने असाधारण बल्लेबाजी की और बांग्लादेश के गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई आसान तरीका नहीं था। उन्होंने यह भी माना कि जब बांग्लादेश की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो वह श्रीलंका के स्कोर का सही जवाब नहीं दे सकी। टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और इसी वजह से मुकाबला हाथ से निकल गया।

कप्तान के तौर पर खुद लिटन का प्रदर्शन भी इस प्रतियोगिता में अच्छा नहीं रहा। उन्होंने एशियाई खेलों में बांग्लादेश के 2 मुकाबलों में क्रमशः 2 और 0 रन बनाए। उन्होंने खुद माना कि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने कप्तानी छोड़ने की बात को खारिज कर दिया।

लिटन ने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। एक दिन प्रदर्शन अच्छा होता है और दूसरे दिन खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह बड़े लक्ष्य के साथ एशियाई खेलों में आए थे और उसे पूरा नहीं कर पाने का उन्हें भी दुख है, लेकिन सिर्फ इस वजह से कप्तानी छोड़ने का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि बांग्लादेश की टीम ने पहले भी काफी कुछ हासिल किया है और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश जारी रखेगी।

गौरतलब है कि हार के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों के टीम होटल से बिना अधिकारियों को जानकारी दिए बाहर जाने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसी चर्चा थी कि इस मामले में खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, लिटन ने खिलाड़ियों का बचाव किया और टीम को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं।

लिटन के मुताबिक खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित जगह चाहिए और अगर होटल या एशियाई खेलों की ओर से उपलब्ध कराई गई भोजन व्यवस्था उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं है, तो खिलाड़ियों को बाहर जाकर खाना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी खिलाड़ी को पूरे दिन होटल के कमरे में ही बंद रहना चाहिए।

लिटन ने कहा कि खिलाड़ियों को ऊर्जा की जरूरत होती है और उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने बाहर जाकर खाना इसी वजह से खाया था।

बता दें कि बांग्लादेश के लिए एशियाई खेलों में यह नतीजा खास तौर पर निराशाजनक है, क्योंकि टीम इससे पहले क्रिकेट प्रतियोगिता में पदक जीतती रही है। इस बार बिना पदक लौटने के बाद टीम के प्रदर्शन, कप्तानी और खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, लिटन ने साफ कर दिया है कि वह इस मुश्किल दौर के बाद भी कप्तानी की जिम्मेदारी से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

Sun, 04 Oct 2026 21:52:00 +0530

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