MPSC Paper Leak मामले पर Harshvardhan Sapkal ने पुणे में प्रदर्शनकारी छात्रों का किया समर्थन
पुणे, तीन अक्टूबर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य कथित अनियमितताओं के खिलाफ पुणे में प्रदर्शन कर रहे महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अभ्यर्थियों से मुलाकात की। सपकाल ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार व्यवस्था में सुधार के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इन पेपर लीक के बावजूद महाराष्ट्र सरकार व्यवस्था सुधारने के लिए तैयार नहीं है।
एमपीएससी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी पारिवारिक मित्र हैं। इन परीक्षाओं के जरिये खास लोगों का चयन करने का उद्देश्य है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी। इस बीच, पुणे पुलिस ने एमपीएससी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन को तत्काल रोकने और मौके से हटने का निर्देश दिया।
इससे पहले दिन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा था - एमपीएससी में सुधार कीजिए, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाइए, इन बच्चों की सुनिए। कुछ नहीं हुआ।
इसीलिए आज वही छात्र पुणे में सत्याग्रह पर बैठे हैं।
जंतर-मंतर पर महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों पर Rahul Gandhi ने Amit Shah से मांगा जवाब
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी किए जाने के आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शनिवार को जवाब मांगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए अमित शाह को इस मामले में जवाब देना चाहिए। गांधी ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ इतनी मांग लेकर बैठे हैं कि प्राथमिकी दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वह भी नहीं किया।’’ उन्होंने कहा कि शनिवार को ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।
गांधी ने कहा, ‘‘महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और यह पहली बार नहीं है—इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अधिकारी महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं-मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है- वह आखिर किसकी हिफाजत कर रही है?’’ गांधी ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहां हैं आप?
जवाब आपको ही देना है।’’ वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। आइसा ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की की। कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर उन्हें अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया है।’’ संगठन ने कहा, ‘‘महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करने वाला पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर सका।
पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ खुलेआम दुर्व्यवहार किया और (वे) बेहद गैर-पेशेवर तरीके से पेश आए।
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