जंतर-मंतर पर महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों पर Rahul Gandhi ने Amit Shah से मांगा जवाब
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी किए जाने के आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शनिवार को जवाब मांगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए अमित शाह को इस मामले में जवाब देना चाहिए। गांधी ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ इतनी मांग लेकर बैठे हैं कि प्राथमिकी दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वह भी नहीं किया।’’ उन्होंने कहा कि शनिवार को ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।
गांधी ने कहा, ‘‘महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और यह पहली बार नहीं है—इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अधिकारी महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं-मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है- वह आखिर किसकी हिफाजत कर रही है?’’ गांधी ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहां हैं आप?
जवाब आपको ही देना है।’’ वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। आइसा ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की की। कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर उन्हें अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया है।’’ संगठन ने कहा, ‘‘महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करने वाला पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर सका।
पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ खुलेआम दुर्व्यवहार किया और (वे) बेहद गैर-पेशेवर तरीके से पेश आए।
‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी:‘दस का दम’ का नहीं करना चाहते थे सलमान , पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला
सलमान खान ने बताया कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट करने को लेकर झिझक रहे थे। जिसके बाद उनके पिता सलीम खान ने उन्हें खुद पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। सलमान ने यह बात शनिवार को टीवी शो ‘बिग बॉस’ में कही। उन्होंने कंटेस्टेंट्स को अपनी असली पर्सनैलिटी छिपाने और टकराव से बचने पर फटकार लगाई। सलमान ने कहा कि कंटेस्टेंट्स इसलिए खुलकर नहीं खेल रहे थे, क्योंकि उन्हें डर था कि वह वीकेंड पर डांटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर गेम में कंटेंट नहीं होगा, तो वह क्या कहेंगे। सलमान खान ने कंटेस्टेंट्स से बिना डरे अपनी बात रखने और खुलकर खेलने को कहा। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते कई कंटेस्टेंट्स काफी दबकर खेलते दिखे। इसके बाद सलमान ने अपनी जिंदगी का उदाहरण दिया। सलमान ने बताया कि उस वक्त उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों से जुड़ी कई खबरें मीडिया में चल रही थीं। उन्होंने कहा कि अखबारों से लेकर टीवी चैनलों तक हर जगह उनके बारे में नकारात्मक बातें हो रही थीं। ऐसे में जब उन्हें ‘दस का दम’ ऑफर हुआ, तो उन्होंने पहले इसे करने से इनकार करने का मन बना लिया था। सलमान ने पिता से शो को लेकर सलाह ली थी सलमान के मुताबिक, उन्होंने अपने पिता सलीम खान से पूछा कि उन्हें यह शो करना चाहिए या नहीं। सलीम खान ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अपनी पर्सनैलिटी, सोच, दिल और परवरिश पर भरोसा है। सलमान के ‘हां’ कहने पर उनके पिता ने उन्हें शो करने और खुद को उसी तरह पेश करने की सलाह दी। सलमान ने कहा कि उन्होंने ‘दस का दम’ में किसी किरदार को निभाने के बजाय खुद को वास्तविक रूप में पेश किया। उनके मुताबिक, इस शो के जरिए दर्शकों ने पहली बार उन्हें सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में जाना। उन्होंने कहा कि लोग ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘करण अर्जुन’ जैसी फिल्मों को भूलकर ‘दस का दम’ के जरिए उन्हें एक अलग नजरिए से देखने लगे। सलमान ने कहा कि शो में दर्शकों ने एक्टर नहीं, बल्कि ‘एक इंसान’ देखा और यही उनके लिए सबसे अहम बदलाव था। ऐसा था ‘दस का दम’ का फॉर्मेट ‘दस का दम’ पहली बार 2008 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ था। इसी साल सलमान ने शो के होस्ट की जिम्मेदारी संभाली थी। शो का फॉर्मेट मुश्किल था। इसमें दो कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे के सामने होते थे। सही अनुमान लगाने वाला कंटेस्टेंट जीतता था। यह शो अमेरिका के गेम शो ‘पावर ऑफ 10’ से प्रेरित था। अब तक इसके कुल तीन सीजन (2008, 2009 और 2018) प्रसारित हो चुके हैं और इन तीनों ही सीजन को सलमान खान ने होस्ट किया है। ‘दस का दम’ के बाद साल 2010 (सीजन 4) में सलमान ने रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ की कमान संभाली। तब से लेकर आज (2026 में सीजन 20) तक, वह इस शो के चेहरा बने हुए हैं। बिग बॉस 20 में मिड-वीक एविक्शन इस बीच, पिछले हफ्ते बिग बॉस 20 में गेम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सलमान कंटेस्टेंट्स को फटकारते और किसी एक को घर से बाहर करते, उससे पहले ही बिग बॉस ने मिड-वीक एविक्शन की घोषणा कर दी। इसके बाद मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी को घर से बाहर कर दिया गया। …………….. सलमान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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