नायरा के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम? नई कीमतें जारी
Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आज बड़ी अपडेट सामने आई है. निजी तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे. कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल के रेट में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. इनके रेट पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं.
7000 से ज्यादा पेट्रोल पंप पर बढ़ी कीमत
नायरा के देशभर में 7000 से अधिक पेट्रोल पंप हैं. इन पंपों पर पेट्रोल और डीजल भरवाने वाले ग्राहकों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी होगी. इससे पहले भी इसी साल मार्च में नायरा ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. इसके बाद दूसरी तेल कंपनियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली थी.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से कंपनियों पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लंबे समय से 90 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर बनी हुई है. इससे तेल कंपनियों पर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है. जानकारों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आती है तो आने वाले समय में सरकारी तेल कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं. युद्ध से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी.
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आज कितना है पेट्रोल का रेट?
आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं कोलकाता में 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.76 रुपये प्रति लीटर कीमत है. गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये, नोएडा में 101.77 रुपये, बेंगलुरु में 110.97 रुपये, भुवनेश्वर में 108.97 रुपये और चंडीगढ़ में 102.20 रुपये प्रति लीटर है. हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये, लखनऊ में 113.81 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 115.49 रुपये प्रति लीटर बताया गया है.
डीजल के ताजा रेट क्या हैं?
डीजल की बात करें तो नई दिल्ली में इसकी कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में डीजल 99.82 रुपये और मुंबई में 97.83 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. चेन्नई में डीजल का भाव 99.55 रुपये प्रति लीटर है. नोएडा में डीजल 95.60 रुपये, भुवनेश्वर में 100.68 रुपये और चंडीगढ़ में 89.47 रुपये प्रति लीटर है. इसके अलावा हैदराबाद में 103.86 रुपये, जयपुर में 98.50 रुपये, पटना में 99.80 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 104.41 रुपये प्रति लीटर डीजल का रेट है.
मई में चार बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
इस साल मई में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की थी. इस दौरान घरेलू बाजार में दोनों ईंधनों के दाम करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए थे. यह बढ़ोतरी साल 2022 के बाद पहली बार देखने को मिली थी. हालांकि, मई के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय तक कोई बदलाव नहीं हुआ. अब नायरा की ओर से कीमत बढ़ाए जाने के बाद एक बार फिर सरकारी तेल कंपनियों के अगले कदम पर नजर बनी हुई है.
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फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट में कौन थे दो अन्य पायलट, जिन्होंने हमले के बाद संभाली थी विमान की कमान
Flydubai Flight Hijack: फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने 30 सितंबर को कैप्टन पर हमला कर विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की. इस विमान में कुल 180 लोग सवार थे लेकिन हमले के बाद विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाल ली और सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग कराई. इन दो पायलटों की वजह से एक बड़ी घटना टल गई. हालांकि, इस घटना के तीन दिन बाद भी इन दोनों पायलटों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. एयरलाइन ने सिर्फ इतना ही कहा है कि दोनों पायलट उसके ही क्रू का हिस्सा थे और उस समय यात्री के तौर पर विमान में मौजूद थे.
विमान में क्यों मौजूद थे दो अतिरिक्त पायलट?
विमान में मौजूद यात्री डैनियल श्लिच्टर ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हमले के समय उन दोनों पायलटों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई. उनके मुताबिक, दोनों पायलटों को विमान को तेल अवीव से वापस दुबई ले जाना था. इसी वजह से वे उसी उड़ान में यात्री के रूप में सफर कर रहे थे. बता दें कि एविएशन इंडस्ट्री में जब किसी एयरलाइन का क्रू सदस्य ड्यूटी के सिलसिले में यात्री बनकर यात्रा करता है, तो इसे आम तौर पर 'डेडहेडिंग' कहा जाता है. यानी उड़ान के उस चरण में वे ड्यूटी पर मौजूद पायलट नहीं थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनकी विशेषज्ञता काम आ सकती थी.
कॉकपिट में अचानक मच गया हंगामा
श्लिच्टर के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट की तरफ से चीखने की आवाजें आने लगीं. यात्रियों को बाद में पता चला कि को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था. स्थिति इतनी गंभीर थी कि कॉकपिट के अंदर खून फैल गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद एक यात्री ने कथित हमलावर हमाम अल-हमामी को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींचने में मदद की. कुछ अन्य यात्रियों ने भी उसे काबू करने की कोशिश की. इसी अफरा-तफरी के बीच विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों में से एक तुरंत कॉकपिट की ओर बढ़ा.
भीड़ के बीच से कॉकपिट तक पहुंचा विमान में मौजूद पायलट
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों में से एक तेजी से आगे बढ़ा और वहां मौजूद लोगों के बीच से निकलकर पायलट की सीट तक पहुंच गया. इसके बाद उसने विमान का नियंत्रण संभाल लिया. कुछ ही देर में दूसरा अतिरिक्त पायलट भी कॉकपिट में पहुंच गया. दोनों ने दरवाजा बंद किया और विमान को स्थिर करने की कोशिश शुरू कर दी.
श्लिच्टर ने इस पायलट के फैसले और प्रतिक्रिया की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह उसने संकट के बीच तुरंत विमान की कमान संभाली, उससे ऐसा लगा जैसे उसे पूरी स्थिति का अंदाजा था और वह जानता था कि आगे क्या करना है.
विमान को स्थिर करने में लगा काफी समय
हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था. रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विमान का रडार क्षतिग्रस्त हो गया था. ऐसी स्थिति में विमान को नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है. श्लिच्टर के मुताबिक, अतिरिक्त पायलटों को विमान को दोबारा नियंत्रण में लाने में करीब 10 मिनट या उससे भी ज्यादा समय लगा. इस दौरान केबिन में बैठे यात्रियों को यह जानकारी नहीं थी कि कॉकपिट के अंदर क्या चल रहा है. स्थिति संभलने के बाद आपातकालीन 'मेडे' कॉल की गई और विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त एयरपोर्ट तलाशा गया.
यात्रियों को लगा हाईजैक हो गया विमान
विमान को नियंत्रण में लेने के बाद भी यात्रियों को तुरंत स्थिति की जानकारी नहीं दी गई. इससे केबिन में बेचैनी और डर बढ़ता गया. श्लिच्टर ने बताया कि कुछ यात्रियों को आशंका होने लगी कि कहीं विमान को हाईजैक करके ईरान की दिशा में तो नहीं ले जाया जा रहा. यह डर इसलिए भी बढ़ा क्योंकि विमान उस क्षेत्र से बहुत दूर नहीं था. करीब 45 मिनट बाद पायलटों ने यात्रियों से संपर्क किया. उन्हें बताया गया कि विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा जाएगा और स्थिति नियंत्रण में है. इसके बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली और विमान ने सुरक्षित रूप से तबुक में लैंडिंग की.
कैप्टन स्मित मच्छार की भी हुई तारीफ
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की जमकर तारीफ हुई. क्योंकि घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अन्य लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका दिया, जिससे हमलावर को काबू करने और विमान का नियंत्रण वापस लेने का रास्ता बना. घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय पायलट से बातचीत की और उनके साहस की सराहना की.
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