दिल्ली में बुजुर्ग कपल को कार ने टक्कर मारी:दोनों हवा में उछलकर सड़क पर गिरे; महिला ड्राइवर गिरफ्तार, घायलों को देखने क्रेटा से उतरी, फिर भागी
दिल्ली के किर्ती नगर में मॉर्निंग वॉक से घर लौट रहे एक बुजुर्ग कपल को क्रेटा कार ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसा आर्य समाज मंदिर के पास शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। पुलिस ने शनिवार को घटना की जानकारी दी। बुजुर्ग कपल की पहचान 79 साल के दयानंद तंगरा और उनकी 71 साल की पत्नी कुसुम तंगरा के रूप मे की गई है। दोनों गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं कार चला रही 49 साल की नवलीन कौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह भी गृहिणी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें दिखा कि नवलीन हादसे के बाद कार से उतरी और घायल दयानंद को देखने के बाद मौके से फरार हो गई। पुलिस ने क्रेटा को जब्त किया है। वहीं भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने और लोगों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने का केस दर्ज किया गया है। 6 विजुअल्स में देखिए पूरी घटना… कपल का इलाज जारी, बेटियां अमेरिका में रहती हैं डॉक्टरों के मुताबिक, दयानंद के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि कुसुम के शरीर के पिछले हिस्से में चोट आई है। दोनों का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दयानंद जूते के सोल बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं और कुसुम गृहिणी हैं। दंपती किर्ती नगर में रहता है। उनकी दोनों बेटियां अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहती हैं।
आज का पंचांग 4 अक्टूबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो देर रात 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: रविवार
- योग: परिघ, दोपहर 12:33 बजे तक
- नक्षत्र: पुनर्वसु, रात 12:14 बजे तक- विशेष: नवमी तिथि श्राद्ध और मातृ नवमी श्राद्ध
मातृ नवमी पर श्राद्ध का समय
- कुतुप मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:51 बजे तक
- रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:51 से 1:39 बजे तक
- अपराह्न काल: दोपहर 1:39 से शाम 4:01 बजे तक
4 अक्टूबर को क्यों खास है मातृ नवमी?
श्राद्ध पक्ष में मातृ नवमी का दिन विशेष रूप से महिला पितरों को समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर दिवंगत माता, दादी, नानी, सास, बहन या परिवार की अन्य दिवंगत महिला सदस्यों के लिए श्रद्धापूर्वक श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन महिला पितरों का स्मरण करने और उनके निमित्त धार्मिक कर्म करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होने की कामना की जाती है। परिवार अपनी परंपरा के अनुसार भोजन, दान और तर्पण जैसे कर्म भी कर सकता है।
4 अक्टूबर 2026 का राहुकाल
- दिल्ली: शाम 4:35 से 6:04 बजे तक
- मुंबई: शाम 4:55 से 6:25 बजे तक
- चंडीगढ़: शाम 4:36 से 6:05 बजे तक
- लखनऊ: शाम 4:21 से 5:50 बजे तक
- भोपाल: शाम 4:36 से 6:05 बजे तक
- कोलकाता: दोपहर 3:52 से शाम 5:21 बजे तक
- अहमदाबाद: शाम 4:55 से 6:24 बजे तक
- चेन्नई: शाम 4:27 से 5:57 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
4 अक्टूबर 2026 को दिए गए पंचांग के अनुसार सूर्योदय सुबह 6:15 बजे और सूर्यास्त शाम 6:03 बजे होगा।
धार्मिक महत्व
नवमी तिथि और मातृ नवमी के संयोग के कारण 4 अक्टूबर का दिन श्राद्ध कर्म के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जिन परिवारों में पितरों के लिए श्राद्ध की परंपरा है, वे इस दिन विधि-विधान के साथ तर्पण और श्राद्ध कर सकते हैं। मातृ नवमी विशेष रूप से उन दिवंगत महिला सदस्यों के स्मरण का अवसर मानी जाती है, जिन्होंने परिवार और आने वाली पीढ़ियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दिन पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार दान-पुण्य करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
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