हफ्ते की टॉप जॉब्स:झारखंड में टीचर के 7299 पदों पर भर्ती; केनरा बैंक में 3500 वैकेंसी, इस हफ्ते निकलीं 12 हजार से ज्यादा नौकरियां
इस हफ्ते झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और केनरा बैंक सहित पांच विभागों में 12,577 पदों पर नौकरियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे पर अड़े AISA प्रदर्शनकारी, Jantar Mantar से 200 हिरासत में
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के सिलसिले में लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर आदेश न मानने और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने तथा उनपर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। नयी दिल्ली जिले में पाबंदी आदेश लागू होने के बावजूद, छात्र संगठनों और नागरिक संगठन के सदस्यों समेत प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने की कोशिश की।
हिरासत में लिये गए लोगों में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल थे। आइसा ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, नित्या रामकृष्णन और पल्लव सिसोदिया भी प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 223(ए), 221, 132 और 3(5) लगाई हैं।
ये धाराएं क्रमश: लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवहेलना, लोक सेवक को उसके सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाना, लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल और कई लोगों द्वारा साझा मंशा को आगे बढ़ाने के लिए किए गए कृत्यों से संबंधित हैं। आइसा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को नए सिरे से प्रदर्शन के लिए जुटने का आह्वान किया था। इससे एक दिन पहले जंतर-मंतर और उसके आसपास प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
शुक्रवार को हिरासत में लिए गए कई लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया। शनिवार को प्रदर्शनकारी पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करते हुए पहुंचे, जहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने अवरोधक लगाए थे और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया था। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन स्थल के पास एकत्र हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में ले जाया गया।
जंतर-मंतर पर एक बार फिर जुटने का आह्वान बोरा ने शुक्रवार शाम किया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जंतर-मंतर लौटकर कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखने को कहा था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) की छात्र इकाई एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) ने भी प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि उसके कुछ स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया गया और कई घंटे तक बस में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घुमाने के बाद जाफरपुर थाने ले जाया गया। आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने छात्र प्रदर्शनिकारियों को हिरासत में रखे जाने पर सवाल उठाया।
दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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