कर्नाटक में प्रॉपर्टी के लिए मां-बाप और बहन का मर्डर:बेटे ने शव घर में दफनाए, लापता बताकर पुलिस के साथ ढूंढ़ने का नाटक किया
कर्नाटक के विजयनगर जिले में पुलिस ने शनिवार को 24 साल के युवक को माता-पिता और बहन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हत्या के बाद तीनों के शवों को कोट्टूर स्थित उनके किराए के घर में दफना दिया था। तिलकनगर थाने की पुलिस ने शव बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने बताया कि कोट्टूर निवासी आरोपी अक्षय कुमार ने 29 जनवरी को बेंगलुरु के तिलकनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उसके माता-पिता और बहन लापता हैं। इसके बाद खुद पुलिस के साथ मिलकर उन्हें ढूंढने का नाटक करता रहा। जांच के दौरान आरोपी ने अलग-अलग बयान दिए, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद मामला दर्ज कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने अपने पिता भीमराज, मां जयलक्ष्मी और बहन अमृता की हत्या करने की बात कबूल कर ली। हत्या कैसे की इसकी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हत्याएं 27 जनवरी को की गई थीं। घर में दफनाए शवों को निकालने के बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। ऑटोप्सी रिपोर्ट से मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात के पीछे का मुख्य कारण प्रॉपर्टी विवाद सामने आया है। परिवार चित्रदुर्ग का रहने वाला था भीमराज का परिवार मूल रूप से चित्रदुर्ग जिले के नायकनहट्टी गांव का रहने वाला था। काम के सिलसिले में वे लोग कई सालों से लगातार जगह बदल-बदलकर रह रहे थे। पहले वो चित्रदुर्ग में बटन की दुकान चलाते थे। उसके बाद बेल्लारी और फिर दावणगेरे में जाकर रहने लगे। डेढ़ करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद का शक दावणगेरे में उन्होंने करीब 1.5 करोड़ रुपए की लागत से एक घर बनाया था। करीब दो साल पहले यह परिवार कोट्टूरु आकर किराए के मकान में रहने लगा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में अक्षय के साथ कोई और भी शामिल था। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में महिला का कटा हुआ सिर मिला:10 अलग-अलग जगहों से शव के टुकड़े बरामद, 4 दिन से लापता थी महिला कर्नाटक के टुमकुरु जिले में 42 साल की एक महिला के शरीर के टुकड़े जिले की 10 अलग-अलग जगहों पर मिले। शुक्रवार को सिद्धरबेट्टा के पास महिला का सिर मिला था। 7 अगस्त को लिंगपुरा गांव में एक कुत्ता सड़क पर एक कटा हुआ हाथ खींचते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पूरी खबर पढ़ें…
RSS के सह-क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख बने हितानंद शर्मा:4 साल पहले बनाए गए थे BJP के प्रदेश संगठन महामंत्री; 3 प्रचारकों की भी जिम्मेदारी बदली
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदल दी गई है। उन्हें मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया है। उनका केंद्र जबलपुर रहेगा। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक रणनीति के तहत यह बदलाव किया गया है। हितानंद शर्मा मूल रूप से अशोकनगर (चंबल क्षेत्र) के निवासी हैं। वे लंबे समय से विद्या भारती संगठन से जुड़े रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि के चलते संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं, 3 प्रचारकों की भी जिम्मेदारी बदली गई है। सुरेंद्र मिश्रा अब पूर्व सैनिक सेवा परिषद में काम करेंगे। मुकेश त्यागी ग्राहक पंचायत में काम संभालेंगे। वहीं ब्रजकिशोर भार्गव क्षेत्र गो सेवा प्रमुख बनाए गए हैं। हितानंद शर्मा की नई जिम्मेदारी तय होने के बाद नया प्रदेश संगठन महामंत्री को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। RSS से गहरा जुड़ाव, संगठन में रही अहम भूमिका मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री बनने से पहले वे सह संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें प्रदेश सह-संगठन महामंत्री बनाया था, जबकि 2022 में वे सुहास भगत के स्थान पर प्रदेश संगठन महामंत्री बने थे। आरएसएस में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है, खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में। संगठन के भीतर उन्हें अनुशासन और कैडर मैनेजमेंट के लिए जाना जाता है। तहसील प्रचारक से प्रदेश महामंत्री तक पहुंचे हितानंद शर्मा के संगठन महामंत्री रहते संगठन से लेकर चुनावी रणनीति में बड़ी कामयाबियां मिली हैं। बूथ सशक्तिकरण अभियान में उन्होंने माइक्रो-लेवल पर जाकर तैयारियां कीं। तकनीकी नवाचारों को जिस तरह अपनाया गया, वह भाजपा में पहला प्रयोग माना गया।उन्होंने प्रदेश संगठन में मंडल स्तर तक प्रवास किया है। भाजपा में निरंतर चलने वाले अभियानों की संपूर्ण जानकारी उनके मोबाइल और तकनीकी सिस्टम में उपस्थिति रहती थी। विधानसभा चुनाव में ताबड़तोड़ जीत और लोकसभा चुनाव में 100 प्रतिशत यानी 29 सीटों पर विजय के पीछे हितानंद शर्मा की पर्दे के पीछे रहकर चुनावी तैयारी का बड़ा योगदान था। 10 साल विद्या भारती का काम देखा हितानंद शर्मा तत्कालीन संगठन महामंत्री सुहास भगत के सह संगठन महामंत्री के रूप में भाजपा में आए थे। पार्टी से पहले उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक विद्या भारती का काम देखा। उससे भी पहले वे तहसील प्रचारक, जिला प्रचारक और विभाग प्रचारक जैसे दायित्व निभा चुके हैं।
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