IAS Transfer: दो राज्यों में प्रशासनिक फेरबदल, 4 आईएएस अधिकारियों को मिला नया पदभार, देखें तबादला सूची
देशभर में प्रशासनिक फेरबदल कर सिलसिला जारी है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला (IAS Transfer) किया है। पश्चिम बंगाल में भी दो आईएएस अफसरों को नया पदभार सौंपा गया है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 30 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
आईएएस अधिकारी बाबूलाल मीणा को अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें अपर मुख्य सचिव उद्यान खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम पद का प्रभार सौंपा गया है। विभागाध्यक्ष खाद्य प्रसंस्करण पद का अतिरिक्त प्रभार भी सोपा गया है।
अमृत अभिजात को मिला अतिरिक्त प्रभार
यूपी सरकार ने आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात को अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वर्तमान में वह अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं परिवहन पद पर तैनात हैं। अफसरों को तत्काल प्रभाव ने नया कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।
पश्चिम बंगाल में इन आईएएस अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
बैच 2020 के आईएएस अधिकारी वंदावासी तेजा दीपक एडीएम उत्तर दिनाजपुर को सिलीगुड़ी नगर निगम आयुक्त पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें सिलीगुड़ी डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ पद का अतिरिकर प्रभार भी सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी वैभव चौधरी को रजिस्टार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज पश्चिम बंगाल पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्तमान में लैंड रिकॉर्ड्स एंड सर्वे के निदेशक और एल एंड आर एवं आरआर एंड आर डिपार्टमेंट के विशेष सचिव और कॉर्पोरेट कॉरपोरेशन डिपार्मेंट के विशेष सचिव पद पर कार्य करते हैं।
राज्य में 28 सितंबर को भी दो आईएएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया गया था। नीलम मीना को मुख्य निर्वाचन अधिकारी पश्चिम बंगाल और एक्स-ऑफिशियो प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम एंड हिल्स अफेयर्स (इलेक्शन) डिपार्टमेंट पद पर नियुक्त किया गया था। सुमित गुप्ता को पर्यावरण विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई थी।
e-KYC नहीं तो आज से LPG सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं:3.07 करोड़ यूजर अब भी बाकी, जानें मोबाइल से e-KYC कैसे करें
आपने अभी तक LPG कनेक्शन का e-KYC नहीं करवाया है तो तुरंत करें, क्योंकि 1 अक्टूबर से 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर के लिए e-KYC का नियम अनिवार्य कर दिया गया है। यानी जिन यूजर्स के LPG कनेक्शन की e-KYC पूरी नहीं होगी, वे 14.2kg वाले घरेलू सिलेंडर की बुकिंग तो कर पाएंगे लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी। आप मोबाइल से वेरिफिकेशन कर सकते हैं। 89.9% यूजर्स की e-KYC पूरी पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ एक्टिव घरेलू LPG कनेक्शन यानी 89.9% की e-KYC पूरी हो चुकी है। इनकी रिफिल बुकिंग बिना किसी रुकावट के चलती रहेगी। जिन उपभोक्ताओं का ऑथेंटिकेशन अधूरा है, उनके लिए सब्सिडी वाली रीफिल बुकिंग ऑथेंटिकेशन के बाद ही प्रोसेस होगी। eKYC न कराने पर क्या नुकसान होगा? सरकार ने कहा है कि जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं कराना चाहते या असमर्थ हैं, उन्हें भी सिलेंडर मिलेगा। इसके लिए उन्हें डिजिटल चैनल, एप, व्हाट्सएप या IVRS के जरिए अपना ऑप्शन चुनना होगा। अगर यूजर बाद में वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं, तो उनकी रेगुलर 14.2 kg सिलेंडर की सब्सिडी सुविधा दोबारा चालू कर दी जाएगी। e-KYC की डेडलाइन बार-बार बढ़ाई गई इसकी शुरुआती डेडलाइन 30 जून, 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 जुलाई, 7 अगस्त, 15 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर और अंत में 14 सितंबर किया गया था, ताकि उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय मिल सके। कंपनियों का घाटा 62 हजार करोड़ पार हुआ सरकार के डेटा के मुताबिक, सितंबर 2026 में 14.2kg वाले सिलेंडर पर लगभग ₹210 तक की सब्सिडी दी जा रही है। तेल कंपनियों का घरेलू LPG पर बकाया घाटा 31 अगस्त 2026 तक ₹62,000 करोड़ को पार कर चुका है। मोबाइल एप से e-KYC करने के लिए नीचे ग्राफिक देखें… फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो घबराएं नहीं फेस ऑथेंटिकेशन फेल होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। एप को दोबारा खोलकर फिर से फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया करें। ध्यान रखें कि चेहरे पर पर्याप्त रोशनी हो और मोबाइल को स्थिर रखें। फेस स्कैन के बाद एप में ‘e-KYC सक्सेस’ का स्टेटस जरूर देखें। सिर्फ फेस स्कैन हो जाने से यह न मानें कि e-KYC पूरी हो गई है। अगर स्टेटस सक्सेस नहीं दिख रहा है, तो गैस एजेंसी से अपने कंज्यूमर रिकॉर्ड में e-KYC का स्टेटस कन्फर्म कराएं। ऑफलाइन e-KYC कराने के 2 ऑप्शन अगर किसी ग्राहक को मोबाइल एप के जरिए प्रक्रिया पूरी करने में समस्या आ रही हो, तो उनके पास अन्य ऑप्शन भी हैं- ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… गूगल के AI मॉडल जेमिनाई ने 3 वेबसाइट्स हैक कीं:पब्लिक डेटा, पासवर्ड एक्सेस किया: मेटा, एंथ्रोपिक के AI भी हैकिंग कर चुके गूगल के AI मॉडल जेमिनाई ने साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान 3 कंपनियों के कंप्यूटिंग सिस्टम और वेबसाइट्स को बिना किसी इंसानी मदद के हैक कर लिया। यह ऐसा पहला मामला है, जहां गूगल का कोई AI मॉडल खुद से किसी असली सिस्टम में घुस गया। घटना मई महीने की है। साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग कंपनी ने 18 सितंबर को इसके बारे में जानकारी दी। कंपनी इररेगुलर साइबर सिक्योरिटी की टेस्टिंग कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
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