इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा
फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म 'फालतू' (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।
एशियन गेम्स में मनु भाकर नहीं जीत पाईं मेडल:पिता बोले- रेंज पहुंचने में 4-5 घंटे लगते थे, बदबू के बीच शूटिंग करते थे
हरियाणा की ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट शूटर मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 में कोई मेडल नहीं जीत सकीं। 10 मीटर एयर पिस्टल में वह 5वें स्थान पर रहीं, जबकि 25 मीटर पिस्टल में 11वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। वह कुल चार इवेंट में उतरीं, लेकिन किसी में पोडियम पर नहीं पहुंचीं। मनु के पिता राम किशन भाकर ने ANI से बातचीत में एशियन गेम्स में शूटिंग इवेंट की व्यवस्थाओं और खिलाड़ियों के ट्रैवल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शूटिंग रेंज नागोया शहर से काफी दूर थी और खिलाड़ियों को रोजाना आने-जाने में करीब 4-5 घंटे लग रहे थे। उनके मुताबिक, रेंज के पास नाले की बदबू आती थी और खिलाड़ियों को ऐसे वातावरण में शूटिंग करनी पड़ रही थी। दादी की रस्म क्रिया में भी शामिल नहीं हो पाईं 8 सितंबर को मनु भाकर की दादी दया कौर का निधन हो गया था। मनु उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं। इसके बाद 15 सितंबर को वह एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए जापान रवाना हो गईं। 18 सितंबर को दादी की रस्म क्रिया हुई, जिसमें मनु शामिल नहीं हो पाईं। परिवार के मुताबिक, यह मनु के लिए भावनात्मक समय था, लेकिन देश के लिए खेलने की जिम्मेदारी के चलते उन्हें ट्रेनिंग और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए जापान लौटना पड़ा। X पर लिखा- 10 साल बाद भी वही भावना 16 सितंबर को जापान पहुंचने के बाद मनु भाकर ने X पर पोस्ट कर एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा, “एशियन गेम्स 2026, जापान। इस सफर में 10 साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन भावना वही है। भारतीय जर्सी पहनकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व, उत्साह और सम्मान। यह हमेशा एक सौभाग्य की बात रही है। मैं हमेशा आभारी रहूंगी।” रहूंगी। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं मनु भाकर:पिता के साथ झज्जर पहुंची, सोशल मीडिया पर लिखा-आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगी ओलिंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर 8 सितंबर को अपनी दादी दया कौर के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। मनु अपने पिता रामकिशन भाकर के साथ दादी की अंतिम यात्रा में शामिल होने झज्जर पहुंचीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और परिचित भी मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर…
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