शुभेंदु बोले-ममता ने पांव में फ्रैक्चर का बहाना किया था:दावा- मेडिकल रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं; 2021 चुनावों में TMC को सबसे बड़ी जीत मिली थी
पश्चिम बंगाल सरकार ममता बनर्जी की 2021 में लगी चोट की जांच करेगी। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को दावा किया कि इस चोट में फ्रैक्चर होने के सबूत नहीं मिले हैं। 10 मार्च 2021 को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने पैर में चोट आने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि भीड़ के दबाव व धक्के से कार का दरवाजा उनके बाएं पैर पर जोर से लगा। इसके बाद ममता ने पूरा चुनाव प्रचार पैर में प्लास्टर चढ़ाकर किया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC को अपने राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी जीत मिली थी। पार्टी ने बंगाल की 294 में से 215 सीटें जीती थीं। शुभेंदु बोले- 9 अक्टूबर के बाद जानकारी दूंगा मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु ने कहा कि ममता के झूठे आरोप ने नंदीग्राम के लोगों का अपमान किया है। 9 अक्टूबर के बाद आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और अधिक जानकारी दूंगा। दरअसल, बंगाल की 2 विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। TMC के दोनों गुट को नया नाम-सिंबल चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है। इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाला मूल चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह अंतरिम व्यवस्था है। मूल नाम और चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। अब दोनों गुट उपचुनाव में नई पार्टी नाम और सिंबल से चुनाव लड़ेंगे। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… ममता बनर्जी की पार्टी का नाम 'ममता टीएमसी': सिंबल फुटबॉल प्लेयर; बागी गुट 'डेमोक्रेटिक टीएमसी' कहलाएगा बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
एयर चीफ मार्शल बोले- तेजस की डिलीवरी में देरी नुकसानदायक:वायुसेना को हर साल 36-40 फाइटर जेट चाहिए; फाइटर जेट स्क्वॉड्रन घटकर 29 हुई
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि तेजस लड़ाकू विमानों को शामिल करने में हो रही देरी से भारतीय वायुसेना को नुकसान हो रहा है। मौजूदा हालात में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हवाई ताकत बहुत जरूरी होती जा रही है और वायुसेना के पास फाइटर जेट स्क्वाड्रन की संख्या कम हो रही है। एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना को अगले कुछ साल हर साल कम से कम 36-40 फाइटर जेट चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि तेजस मार्क-1A और फ्रांस से लिए जाने वाले राफेल जेट की आपूर्ति से स्थिति सुधरेगी। वायुसेना इन विमानों को शामिल करना चाहती है, क्योंकि उसके फाइटर जेट स्क्वॉड्रन की संख्या घटकर 29 रह गई है। वायुसेना के फाइटर स्क्वॉड्रन की आधिकारिक मंजूर संख्या 42 है। 114 राफेल की पेंडिग डील फरवरी में मंजूरी मिली एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि भारत मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) डील को इसी वित्त वर्ष में अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के मुताबिक काम हुआ, तो ऐसा संभव है। फरवरी में भारत ने 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की लंबित योजना को मंजूरी दी थी। यह खरीद फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार समझौते के तहत होगी। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद अभियान है। वायुसेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए यह योजना करीब दो दशक पहले शुरू की गई थी। एयर चीफ ने कहा, “अगर चीजें ठीक रहीं, तो हमें इस वित्त वर्ष में इसे (MRFA डील) साइन कर लेना चाहिए। यही मेरी उम्मीद है। लेकिन यह दोतरफा प्रक्रिया है।” तेजस मार्क-1A की डील से अब तक का अपडेट एयर चीफ मार्शल ने कहा कि वायुसेना तेजस मार्क-1A, MRFA के तहत मिलने वाले विमानों, तेजस मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लड़ाकू विमानों का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर AMCA कार्यक्रम में देरी होती है, तो वायुसेना को किसी दूसरे प्लेटफॉर्म की खरीद पर भी विचार करना पड़ सकता है। रूस ने Su-57 विमानों की पेशकश की है, लेकिन इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद थिएटर कमांड पर नई चर्चा प्रस्तावित थिएटराइजेशन योजना पर एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस पर नए नजरिए से विचार किया जा रहा है। मार्शल बोले- “मैंने साफ किया है कि भारतीय वायुसेना थिएटर कमांड के खिलाफ नहीं है। हम इसकी दिशा में काम कर रहे हैं और शुरुआत से ही चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं।” एयर चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद थिएटराइजेशन योजना पर चर्चा ने “थोड़ी अलग दिशा” ले ली है। उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमें सीधे अनुभव मिले।” सरकार ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए 2019 में थिएटराइजेशन योजना का ऐलान किया था। हालांकि, इस पर अब तक कोई स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है। इस मॉडल के तहत सेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एक साथ जोड़ा जाएगा। युद्ध और अभियानों में उनके संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। एयर चीफ ने कहा कि सरकार तय करेगी कि थिएटराइजेशन के लिए किस तरह का संगठन बनाया जाए। यह भी तय होगा कि इसे किस क्रम में बनाया जाए और एक साथ लागू किया जाए या धीरे-धीरे। उन्होंने कहा, “जब हम सरकार के सामने उपलब्ध विकल्प रखेंगे, तब मुझे पूरा भरोसा है कि इन फैसलों पर सरकार ही निर्णय लेगी।” उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। थिएटराइजेशन योजना के तहत हर थिएटर कमांड में सेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां होंगी। ये सभी एक ही इकाई के रूप में काम करेंगी और किसी तय भौगोलिक क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों को संभालेंगी। फिलहाल सेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमांड हैं। एयर पावर और AI पर जोर एयर चीफ मार्शल सिंह ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में एयर पावर की बढ़ती अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी एयर पावर और मजबूत करने की जरूरत है। वायुसेना के आधुनिकीकरण पर उन्होंने कहा कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। हालांकि, अहम फैसले इंसान ही लेते रहेंगे। उन्होंने कहा, “हमें AI से मजबूत वायुसेना बनानी होगी।
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