Rajasthan में पंचायत चुनाव से पहले 14 IPS और 15 RAS अधिकारियों का तबादला
जयपुर, तीन अक्टूबर राजस्थान सरकार ने शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 14 अधिकारियों और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 15 अधिकारियों का तबादला कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के कार्मिक विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वहीं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 10 अन्य अधिकारियों को पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत राज चुनाव की घोषणा से कुछ घंटे पहले यह आदेश जारी किया गया। तबादला आदेश के अनुसार, फलोदी, दौसा, सिरोही और सीकर जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले गए हैं।
आदेश में बताया गया कि 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंह को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात किया गया है। आदेश के मुताबिक, 2009 बैच के आईपीएस रामेश्वर सिंह का तबादला जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) पद से जयपुर में ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के पद पर किया गया है। आईपीएस विकास शर्मा का तबादला पुलिस मुख्यालय में उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) पद से विशेष अभियान समूह (एसओजी) जयपुर के उप-महानिरीक्षक पद पर किया गया है।
आदेश के अनुसार, बीकानेर में अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र पाल सिंह को जैसलमेर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार पूनिया का तबादला बांसवाड़ा स्थित गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद पर किया गया है। आदेश के तहत कुल 15 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
वहीं, पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखे गए 10 आरएएस अधिकारियों में झुंझुनू के अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य और जैसलमेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम शामिल हैं।
Manipur में Census से पहले NRC लागू करने पर विचार, सरकार ने दिया आश्वासन
इंफाल, तीन अक्टूबर मणिपुर सरकार ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की एक संगठन की मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संगठन ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (जेएफडी) के तहत एनआरसी की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और उसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से इस मुद्दे पर केंद्र के साथ विचार-विमर्श करने को कहा है। संगठन ने आगाह किया कि अगर 30 सितंबर तक उसकी मांग नहीं मानी गई, तो वह अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेगा।
मणिपुर सरकार के प्रवक्ता सपम रंजन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अधिकारी इस मांग को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध हैं कि जनगणना की प्रक्रिया से पहले एनआरसी कराया जाए।’’ भाजपा विधायक रंजन ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी गंभीरता से’’ प्रयास कर रही है और ‘‘मणिपुर के लोगों की इच्छा पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जेएफडी से अपील करना चाहता हूं कि वह लोगों के भविष्य और समाज के सभी वर्गों के हित के लिए मिलकर काम करे। हम सभी एक ही नाव में हैं।’’ एनआरसी की मांग को लेकर मेइती और नगा संगठनों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने मणिपुर में 2027 की जनगणना को स्थगित कर दिया था। राज्य में मई 2023 में घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था।
इस जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की जान गई, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए।
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