Pitru Paksha: मातृ नवमी पर घर की बहुएं इस विधि से करें महिला पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण
हिंदू धर्म पितृ पक्ष का समय बेहद खास माना जाता है और यह समय पितृ पक्ष का चल रहा है। आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को 'मातृ नवमी' के नाम से जाना जाता है। यह तिथि पितृ पक्ष की पावन अवधि में पड़ती है और इस दौरान सभी महिला पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है।
जैसे बेटे अपने पिता और पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं, उसी तरह इस दिन घर की बहुएं दिवंगत महिला पूर्वजों का श्राद्ध विधि-विधान से करती हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। मातृ नवमी के दिन दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं।
जिन विवाहित महिलाओं की मृत्यु नवमी तिथि को हुई हो या जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जाता है। मातृ नवमी के दिन सभी मृत महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए एक विशेष दिन माना जाता है। आइए आपको बताते हैं किस दिन मातृ नवमी है और किस विधि से श्राद्ध करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
मातृ नवमी 2026 कब है?
नवमी तिथि आरंभ - 04अक्टूबर, रविवार को प्रातः 05:51 बजे
नवमी तिथि समाप्त - 05 अक्टूबर, सोमवार प्रातः 03:53 बजे तक
उदया तिथि के अनुसार मातृ नवमी 04 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी।
मातृ नवमी कुतुप मूहूर्त - प्रातः 11:46 से दोपहर 12:33 तक, इस दिन श्राद्ध के लिए 47 मिनट की अवधि शुभ मानी जा रही है।
रौहिण मूहूर्त - दोपहर 12:33 से दोपहर 01:20 तक
मातृ नवमी का श्राद्ध करने की विधि
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर सभी दिवंगत महिलाओं का आह्वाहन किया जाता है और उनके लिए श्राद्ध कर्म का संकल्प लिया जाता है।
- महिला पूर्वजों के लिए तर्पण में काले तिल और सफेद पुष्पों के लेकर उनके लिए तर्पण किया जाता है। यह कार्य मुख्य रुप घर की बहू और अन्य कोई स्त्री कर सकती है।
- मातृ नवमी के दिन चावल या जौ के आटे से पिंड बनाए जाते हैं और इसे घी के मिश्रण में दूध और चीनी भी मिलाकर भी बनाया जा सकता है।
- पिंडदान के साथ ही जल का तर्पण किया जाता है और पूर्वजों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की जाती है।
- इतना ही नहीं, इस दिन पंचबलि भोग भी निकला जाता है और माता की पंसद को भोजन तैयार किया जाता है। ब्राह्मणी को भोज कराया जाता है।
- अगर दिवंगत महिला सुहागिन थी, तो दान में श्रृंगार की चीजें दी जाती हैं।
- गोबर के उपले से हवन करते हुए मृत महिलाओं की विदाई की जाती है और फिर उनकी मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
मातृ नवमी का महत्व
हिंदू धर्म में नवमी श्राद्ध तिथि को 'मातृ नवमी' भी कहा जाता है। महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए यह तिथि सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। परिवार की उन सभी दिवंगत महिला सदस्यों को प्रसन्न करने के लिए नवमी तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। जिन महिलाओं का निधन शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि में हुआ है या किसी भी तिथि में हुआ है। इस दिन समस्त मृत महिला पूर्वजों का श्राद्ध करके उन्हें धरती लोक से विदा किया जाता है।
SRK praises Smit Machchhar: विमान में घायल पायलट के साहस के मुरीद हुए शाहरुख खान, कैप्टन स्मित मच्छार को यूं दी शाबाशी
SRK praises Smit Machchhar: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हर तरफ तारीफ हो रही है। स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले के दौरान अपनी सूझबूझ और हिम्मत से 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। बॉलीवुड के कई सितारों ने उनकी बहादुरी को सलाम किया है। अब अभिनेता शाहरुख खान ने भी सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित की हिम्मत की तारीफ की है।
शाहरुख ने दिल खोलकर की तारीफ
शाहरुख खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैप्टन स्मित के लिए पोस्ट लिखा- कैप्टन स्मित मच्छार, जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तब आप मज़बूती से डटे रहे!! मुश्किल हालात का सामना करना और अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना आसान नहीं होता... लेकिन आपने जहाज़ पर मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए ठीक यही किया और हमें दिखाया कि एक कैप्टन होने का क्या मतलब होता है। यह हिम्मत और कर्तव्यनिष्ठा की एक सच्ची मिसाल है। आपके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं, देश को आप पर गर्व है...
सलमान खान भी कर चुके हैं कैप्टन की तारीफ
शाहरुख से पहले सलमान खान भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम कर चुके हैं। सलमान ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि उन्होंने शानदार काम किया और सभी लोग उन्हें सलाम करते हैं। अभिनेता ने यह भी कहा था कि उनके साथ उड़ान भरना खुशी की बात होगी।
शाहरुख और सलमान के अलावा बॉलीवुड की कई अन्य हस्तियों ने भी कैप्टन स्मित की हिम्मत की सराहना की है। करण जौहर, विक्की कौशल, रणवीर सिंह, आर. माधवन, विजय देवरकोंडा, परेश रावल और रवि किशन समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला किया, जिसके बाद विमान को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। विमान में 174 लोग सवार थे और सभी सुरक्षित बच गए।
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