क्या जल्दबाजी में लिया गया फैसला? सुनेत्रा पवार आज डिप्टी सीएम बनेंगी, लेकिन शरद पवार बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं
Sunetra Pawar Oath Taking Ceremony: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद अब उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार इस पद को संभालने वाली हैं. वे आज शाम महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी. इस बीच एनसीपी (एसपी) चीफ शरद पवार का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि उनके डिप्टी सीएम बनने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है. इसे लेकर उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा. ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है?
क्या जल्दबाजी में लिया गया सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला?
दरअसल, राष्ट्रीवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के शपथ लेने की जानकारी नहीं होने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के एक साथ आने की भी बात चल रही थी, और ये बातचीत सकारात्मक दौर में थी. हालांकि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय से पहले अजित पवार का बारामती में हुए विमान क्रैश में निधन हो गया. शरद पवार ने ये भी कहा कि एनसीपी के विलय के बारे में मैं सीधे तौर पर शामिल नहीं था.
चार महीने से चल रही थी बातचीत- शरद पवार
उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच चार महीने से बातचीत हो रही थी. अजित पवार का मानना था कि विलय 12 फरवरी को होना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके भतीजे की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद विलय की बातचीत फिलहाल रोक दी गई है. अब क्या होगा पता नहीं. ऐसे में माना जा रहा है कि एनसीपी के मर्जर की बात सामने आने की वजह से ही सुनेत्रा पवार को जल्द से जल्द डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया गया है.
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अजित पवार के निधन के बाद थम गई विलय की चर्चा
क्योंकि अगर इसमें देरी होती तो एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चा आगे बढ़ सकती थी और जल्द इसका एलान भी हो सकता था. लेकिन फिलहाल सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनाए जाने के बाद मर्जर को लेकर चर्चाओं का दौर थम गया है. हालांकि शरद पवार ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर अंतिम निर्णय जयंत पाटिल ही करेंगे. यानी अगर मर्जर को लेकर दोबारा से बातचीत हुई तो शरद पवार की पार्टी की ओर से जयंत पाटिल फैसला लेंगे.
Baba Vanga 2026 Predictions: शेयर बाजार में उथल-पुथल का संकेत! बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से निवेशकों की बढ़ी चिंता
Baba Vanga 2026 Prediction: बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने 2026 के लिए कई चेतावनियां दी हैं. उनके अनुसार विश्व गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर सकता है. ऐसे समय में नकदी की कमी देखने को मिलेगी. लोग कागजी मुद्रा के बजाय सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करेंगे. ऐसे में चलिए जानते हैं इस बार बाबा वेंगा की कौन सी भविष्यवाणी चर्चा में है.
बाबा वेंगा की कई भविष्यवाणियां हुई सच
बाबा वेंगा के अनुसार, ऐसे समय में सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं पर निवेश करेंगे. उनकी कई भविष्यवाणियां पूर्व में सच हो चुकी है, इसलिए साल 2026 के लिए कही गई बातें एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी है.
सोना बनी निवेशकों की पहली पसंद
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के अनुसार, संकट के समय सोना सबसे सुरक्षित निवेश माना जाएगा. वर्तमान में सोने की कीमत पहले ही मजबूत स्थिति में है. MCX पर सोना लगभग 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. यह 2025 की तुलना में लगभग 50% अधिक है.
केंद्रीय बैंक भी लगातार सोना खरीद रहे हैं. भारत में सालाना सोने की खरीद 100 टन से अधिक बताई जा रही है. मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली 2026 तक सोने की कीमत 1.62 लाख से 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है. यह अनिश्चित समय में सोने की बढ़ती मांग को दर्शाता है.
चांदी की कीमत पर मजबूत रुझान
चांदी की कीमत भी मजबूत स्तर पर बनी हुई है. वर्तमान में यह लगभग 3.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही है. तांबे ने भी अब तक के उच्च स्तर को छू लिया है. MCX कॉपर फ्यूचर्स 1328 से 1335 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में हैं. शुद्ध तांबे की सिल्लियों की कीमत 1400 से 1690 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है. इलेक्ट्रिक गाड़ियां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती मांग ने तांबे की कीमत को और बढ़ाया है.
निवेश में समझदारी जरूरी
बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां धातुओं की मांग को बढ़ा सकती हैं. लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर निवेश करना चाहिए. डॉलर पर वैश्विक अविश्वास, व्यापारिक तनाव और महंगाई जैसी चुनौतियां धातुओं को सहारा देती हैं.
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है संतुलन और विविधता बनाए रखना. सोना, चांदी और तांबा 2026 में सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर निवेश करने से ही लाभ मिलेगा.
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