Responsive Scrollable Menu

Finance Minister Nirmala Sitharaman बोलीं, वित्तीय अनुशासन और सुधारों से झटकों से निपटा भारत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत की आर्थिक मज़बूती पिछले दशक में सोच-समझकर किए गए वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे के निर्माण, बैंकिंग सुधारों, आखिरी छोर तक सेवा पहुंचाने और लगातार सुधारों के ज़रिए बनाई गई है। साथ ही, उन्होंने उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ज़्यादा रणनीतिक आज़ादी और तैयारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि मज़बूती का मतलब है विकास के रास्ते से भटके बिना झटकों को झेलने की क्षमता और भविष्य की रुकावटों से निपटने के लिए ज़रूरी नीतिगत गुंजाइश बनाए रखना। उन्होंने कहा कि इस मज़बूती का सबूत काफ़ी हद तक उन चीज़ों में मिलता है जो नहीं हुईं: जैसे महंगाई का बेकाबू न होना, ईंधन स्टेशनों पर लंबी लाइनें न लगना, बैंकिंग क्षेत्र में कोई संकट न आना और किसी मजबूरी में वित्तीय सुधार न करना। 

इसे भी पढ़ें: Nirmala Sitharaman ने कहा, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर दूसरे देशों पर निर्भरता घटा रही सरकार


कौटिल्य के अर्थशास्त्र का ज़िक्र करते हुए, सीतारमण ने कोश-पूर्वः सर्व-आरम्भः सिद्धांत का हवाला दिया, जिसका अर्थ है कि सभी काम सबसे पहले खजाने पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि मज़बूत सरकारी वित्त व्यवस्था राज्य को आर्थिक हालात बिगड़ने पर कार्रवाई करने की आज़ादी देती है। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले चार सालों के झटकों का सामना करते हुए भी अपनी बुनियादी मज़बूती बनाए रखी है। इसके लिए उन्होंने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP ग्रोथ, अगस्त 2026 में 4.82 प्रतिशत की CPI महंगाई दर, पहली तिमाही में GDP के 0.5 प्रतिशत के चालू खाता घाटे और लगभग 766 बिलियन अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार का हवाला दिया। 2014 से बनी मज़बूती की नींव को गिनाते हुए, वित्त मंत्री ने जन धन-आधार-मोबाइल तिकड़ी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के साथ-साथ PM आवास योजना, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और खाद्य सुरक्षा उपायों जैसी पहलों पर ज़ोर दिया। उन्होंने PM मुद्रा योजना के तहत मंज़ूर किए गए 52 करोड़ से ज़्यादा बिना गारंटी वाले लोन, बैंकिंग-सेक्टर में सुधार और अगस्त 2026 तक के साल में नॉन-फूड क्रेडिट में 18.8 प्रतिशत की ग्रोथ का भी ज़िक्र किया। 

इसे भी पढ़ें: Nirmala Sitharaman बोलीं, भारत 10 प्रतिशत से अधिक की Economic Growth हासिल कर सकता है


इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर, सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 12.22 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे नेटवर्क में लगभग 61 प्रतिशत का विस्तार हुआ है और 2014 के बाद से चालू एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी से ज़्यादा हो गई है। भविष्य की ओर देखते हुए, सीतारमण ने रणनीतिक संसाधन सुरक्षा, खुले और अनुमान लगाने योग्य ग्लोबल ट्रेड, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च और इनोवेशन में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने को मुख्य प्राथमिकताएं बताया। उन्होंने कहा कि भारत को नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन, रेयर अर्थ कॉरिडोर, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास जैसी पहलों के ज़रिए कमज़ोर सिंगल-सोर्स निर्भरता को कम करना चाहिए। सीतारमण ने कहा मज़बूती बनाए रखना कोई एक बार की प्रक्रिया नहीं है।" उन्होंने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के रास्ते पर ज़्यादा प्रोडक्टिविटी, बेहतर रोज़गार और ज़्यादा मौके पाने के लिए भारत को अपनी नींव मज़बूत करते रहना होगा।

Continue reading on the app

CP Radhakrishnan ने Kautilya Conclave में कहा, हर व्यक्ति तक पहुंचे विकास का लाभ

नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने आगाह किया कि ऐसा नहीं होने पर युवाओं का लोकतंत्र में विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समावेशिता से विकास को टिकाऊ बनाए रखने में मदद मिल सकती है और आम सहमति के आधार पर निर्णय लेना जरूरी है।

उपराष्ट्रपति ने यहां पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए विकास की व्यापक संभावनाओं और भारतीय अर्थव्यवस्था पर बात की। राधाकृष्णन ने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो लोग, विशेष रूप से युवा, लोकतंत्र में अपना विश्वास खो सकते हैं।

दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग फिर से कह रहे हैं कि साम्यवाद आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम.... साम्यवाद के विरोधी नहीं हैं लेकिन एक प्रभावी लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्थान शासन की कोई दूसरी प्रणाली नहीं ले सकती।’’ राज्यसभा के सभापति के रूप में उन्होंने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि न केवल भारत में बल्कि दुनिया में कहीं भी केवल स्वतंत्र और पारदर्शी चर्चा ही लोकतंत्र को मजबूत करती है। विकास का लाभ सभी तक पहुंचना लोकतंत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात कहने, काम करने, कानूनी तरीके से कमाने और अपनी इच्छा के अनुसार धन खर्च करने का अधिकार होना चाहिए। राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अल्पविकसित से विकासशील और अब विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हम खुद को विकसित अर्थव्यवस्था तभी कह सकते हैं जब यह सभी का समावेशी विकास हो और इसके लाभ हर कोने-कोने तक पहुंचें।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि तेजी से हो रहे बदलावों के इस दौर में, जब वैश्विक तनाव बढ़ रहे हैं और वैश्विक व्यापार बदल रहा है, हमें आम सहमति से फैसले लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम चर्चा कर सकते हैं और एक ऐसे अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं जो सभी को स्वीकार्य हो। राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका दृढ़ विश्वास है कि केवल स्वतंत्र और पारदर्शी चर्चा ही लोकतंत्र को मजबूत करती है।

उपराष्ट्रपति ने नीति निर्माताओं को हमेशा जमीनी तथ्यों से अवगत रहने की सलाह देते हुए कहा, नीति निर्माण में इतना लचीला होना चाहिए कि वह नीति अपने आप में एक बड़ी सफलता बन जाए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने यह साबित करके दिखाया है कि लोकतंत्र और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती को सामाजिक मजबूती से अलग नहीं किया जा सकता और वित्तीय समावेश तथा पारदर्शिता को बढ़ाने में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), जीएसटी और जैम त्रिमूर्ति (जन धन योजना, आधार और मोबाइल) ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

राधाकृष्णन कहा कि अगस्त 2026 तक 59 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले जा चुके हैं, जबकि जीएसटी पंजीकरण का आंकड़ा 2017 के लगभग 66.5 लाख से बढ़कर मई 2026 में 1.65 करोड़ हो गया है।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs WI: 1 जीत दूर… श्रेयस अय्यर की नजर खास रिकॉर्ड पर, सिर्फ एक भारतीय कप्तान ही कर सका है ऐसा

Shreyas Iyer: टीम इंडिया को 6 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. इस सीरीज के पहले मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की नजर एक बड़े रिकॉर्ड पर रहने वाली है. Sun, 04 Oct 2026 23:52:35 +0530

  Videos
See all

Acharya Pramod Krishnam on Asaduddin Owaisi: Owaisi शरिया कानूनी लाना चाहते हैं? #shorts #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-04T23:42:09+00:00

Putin का Nuclear धमाका! NATO को खुली चेतावनी, क्या एटम बम तक पहुंचेगा Ukraine War? | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-04T23:30:34+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers