'जन नायकन' विवाद पर थलापति विजय की दो टूक, ‘मैं फिल्में छोड़ चुका हूं, प्रोड्यूसर के लिए दुख होता है’
CBFC में फंसी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर थलापति विजय ने साफ शब्दों में अपनी बात रखी है. एक इंटरव्यू में विजय ने कहा कि वह फिल्मों को छोड़ चुके हैं और अब उनका पूरा फोकस राजनीति पर है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि फिल्म के रिलीज न हो पाने से उन्हें प्रोड्यूसर के लिए दुख होता है. विजय ने कहा कि राजनीति में आने के बाद फिल्मों को लेकर मुश्किलें आएंगी, इसके लिए वह मानसिक रूप से तैयार हैं.
शादी का मजा और प्यार की शरारत, 80-90 के नहीं, हर दौर का फेवरेट रोमांटिक एंथम, मोहब्बत का वो अनोखा एहसास
प्यार की मासूमियत, शरारत भरी नजदीकियां और दिल को सुकून देने वाली धुन. यही एहसास जगाता है यह सदाबहार रोमांटिक गीत, जो दशकों बाद भी अपनी चमक बरकरार रखे हुए है. प्यार में होना एक अद्भुत एहसास है. दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं और हर पल जादुई लगता है. इसी जादू को फिर से महसूस करने के लिए याद कीजिए यश चोपड़ा की क्लासिक फिल्म ‘सिलसिला’ (1981) का वो रोमांटिक और मजेदार गाना ‘सर से सरके सर की चुनरिया’. किशोर कुमार और लता मंगेशकर की मधुर आवाजों में बुना यह गीत शिव-हरि की संगीत रचना और हसन कमाल के बोलों से सजा है. शशि कपूर और जया बच्चन पर फिल्माया यह गाना शादी के माहौल में प्यार की शरारत, नज़रों का मिलना-जुलना और हल्की-फुल्की मस्ती को बखूबी दर्शाता है. चुनरिया सरकने की वो मासूमियत, लाज भरी अखियों में छुपी मोहब्बत और सखियों के साथ नाच-गाना सब मिलकर इसे एक परफेक्ट रोमांटिक-फन ट्रैक बनाते हैं. आज भी यह गाना सुनकर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं और दिल कहता है. प्यार तो बस ऐसे ही होता है! इस अनमोल गीत को सुनिए और उस जादुई एहसास को दोबारा जीएं.
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