Jitiya Vrat 2026 Paran Time: जितिया व्रत का पारण कब किया जाएगा? नोट करें व्रत खोलने का समय और विधि
Jitiya Vrat 2026 Paran Time: जितिया व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उत्तम सेहत के लिए रखती है. आज, 3 अक्टूबर 2026 को जितिया व्रत रखा जा रहा है. इस दिन भगवान जीमूतवाहन की पूजा करते हैं. यह व्रत स्त्रियों की तपस्या, मातृत्व प्रेम एवं निष्ठा का प्रतीक होता है. श्रद्धापूर्वक यह व्रत करने से संतान दीर्घायु, निरोगी और तेजस्वी बनती है. साथ ही संतान का जीवन सुख-समृद्धि से भरा जाता है. आपको बता दें कि जितिया व्रत में पारण दिन का विशेष महत्व होता है. जितिया व्रत शुभ मुहूर्त में ही तोड़ा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं जितिया व्रत का पारण कब किया जाएगा.
जितिया व्रत 2026 का पारण मुहूर्त
जितिया व्रत का पारण दूसरे दिन नवमी तिथि में किया जाता है. इस वर्ष जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. पंचांग के अनुसार, जितिया का पारण 4 अक्टूबर को सुबह 07:28 मिनट के बाद किया जाएगा. नवमी तिथि में व्रत का पारण सबसे उचित माना जाता है. पारण के दिन व्रत महिलाएं जल और अन्न ग्रहण करके अपना व्रत खोलती है.
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जीवित्पुत्रिका व्रत पारण विधि
जितिया व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनें. इसके बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत मिलाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें. फिर पूजा स्थल पर धूप-दीप जलाकर भगवान जीमूतवाहन, चील और सियारिन का ध्यान करें और उन्हें जल व प्रसाद अर्पित करें. पूजा के बाद सबसे पहले प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें. इसके पश्चात भगवान को चढ़ाए गए जल और प्रसाद को ग्रहण करके व्रत का पारण करें. प्रसाद ग्रहण करने के बाद सात्विक भोजन करें. मान्यता के अनुसार, जितिया पारण के दिन नोनी का साग और झिंगनी यानी तोरी की सब्जी खाना शुभ माना जाता है.
जितिया व्रत पारण के नियम
- जितिया व्रत के दौरान सात्विक भोजन का ही सेवन करना चाहिए. भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल करने से बचें.
- पारण से पहले ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, धन, भोजन या अनाज का दान करना शुभ माना जाता है. चाहें तो अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की सामग्री अलग से निकालकर भी रख सकते हैं.
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जितिया व्रत का पारण अष्टमी तिथि में नहीं किया जाता है. इसलिए पारण का समय समाप्त होने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए.
- इस साल जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 7:28 बजे के बाद किया जाएगा. इसके बाद ही व्रती अन्न और जल ग्रहण करें.
जितिया व्रत पारण के बाद क्या खाएं?
जितिया का व्रत लंबे समय तक रखा जाने वाला एक कठिन व्रत है, इसलिए इसके पारण के बाद खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. व्रत खोलते समय सबसे पहले भगवान को अर्पित किया गया प्रसाद ग्रहण करें और इसके बाद जल पीएं. लंबे उपवास के बाद अचानक बहुत अधिक या तला-भुना भोजन करने से बचना चाहिए. पारण के दिन हल्का और सात्विक भोजन करना उचित माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन नोनी का साग और झिंगनी यानी तोरी की सब्जी का सेवन शुभ माना जाता है. इसके अलावा अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या अन्न का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
पंजाब की भगवंत मान सरकार की अहम पहल, नशा मुक्ति केंद्रों में होगी HIV और हेपेटाइटिस की जांच
Punjab News: पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य को नशा मुक्ति करने की दिशा में अभियान चला रही है. ऐसे में राज्य सरकार ने एचआईवी और हेपेटाइटिस को लेकर अहम पहल शुरू करने की तैयारी कर ली है. दरअसल, मान सरकार जल्द राज्य में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच के लिए ट्रिपल एच स्क्रीनिंग शुरू करने जा रही है. जिसे सरकारी नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में कराया जा सकेगा. इस पहले से राज्य में नशे के दुरुपयोग और संक्रामक बीमारियों के खिलाफ जारी लड़ाई को और मजबूत किया जा सकेगा.
'युद्ध नशेआं विरुद्ध' पहल का हिस्सा
बता दें कि एचआईवी और हेपेटाइटिस की जांच भगवंत मान सरकारी की 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' पहल का हिस्सा है. इस पहल का उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को व्यापक उपचार उपलब्ध कराने के साथ राज्य में खून के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की रोकथाम करना है. बता दें कि एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे वायरल संक्रमण संक्रमित सुइयों और सिरिंजों के एक से दूसरे में इस्तेमाल करने से भी फैसलते हैं. ऐले में इन बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार नशे की लत से उबर रहे लोगों को फिर से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है.
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