ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला, समंदर में मची खलबली; बाल-बाल बचे क्रू मेंबर्स और पांच भारतीय
Attack on Crude Oil Tanker: ओमान के पास गहरे समुद्र में एक बार फिर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा सामने आया है. ओमान तट से महज चार समुद्री मील दूर कच्चे तेल को लेकर जा रहे एक बड़े टैंकर पर अज्ञात दिशा से दागे गए गोले से हमला हुआ है. देर रात हुए इस हमले के बाद समुद्र के इस व्यस्त रास्ते पर हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि हमले के बावजूद जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित बच गए हैं और तेल रिसाव जैसी कोई बड़ी पर्यावरणीय आपदा भी नहीं हुई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए है और इलाके से गुजरने वाले तमाम जहाजों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं.
समुद्र में अचानक हुआ जोरदार धमाका
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ के ऑपरेशंस सेंटर को शुक्रवार देर रात इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिली. जहाज के मास्टर यानी कैप्टन की तरफ से भेजे गए संदेश में बताया गया कि उनके कच्चे तेल के टैंकर के बाएं हिस्से में एक अज्ञात गोला आकर टकराया. धमाका होते ही जहाज पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया. एजेंसी ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में साफ किया है कि हमले के बाद भी जहाज के सभी कर्मचारी पूरी तरह से सुरक्षित हैं. प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि समुद्र में किसी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरण को बड़े नुकसान की खबर नहीं है. स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां और समुद्री अधिकारी इस हमले की गहन जांच में जुट गए हैं.
Crude oil tanker hit by unknown projectile off Oman, says UKMTO, all crew safe
— ANI Digital (@ani_digital) October 3, 2026
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होर्मुज में शिकार बने जहाज से 5 भारतीयों की सुरक्षित वापसी
यह ताजा घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही समय पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले एक टैंकर पर भी हमला हुआ था. उस घटना में एमटी काजिमा तीन नाम का तेल टैंकर अज्ञात गोले की चपेट में आ गया था. ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए उस जहाज पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़ा बचाव अभियान चलाया. भारतीय दूतावास ने इस सफल रेस्क्यू के बाद जानकारी दी कि सभी पांचों भारतीय नागरिकों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया गया है. भारतीय मिशन ने इस राहत कार्य में लगातार मदद और सहयोग देने के लिए ओमान के स्थानीय प्रशासन और राहत दलों का आभार भी जताया.
पश्चिम एशिया के जलमार्गों पर मंडराता बारूदी खतरा
समुद्री जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले ट्रैकर्स के मुताबिक एमटी काजिमा तीन कुवैती झंडे के नीचे टोगो के लोमे बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा था, तभी वह इस अचानक हुए हमले का शिकार बन गया. हाल के दिनों में फारस की खाड़ी, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री व्यापारिक गलियारों में ऐसे हमले लगातार बढ़ रहे हैं. समुद्र के इन रास्तों से पूरी दुनिया की ऊर्जा और तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में कच्चे तेल के जहाजों पर अज्ञात गोलों और मिसाइलों से हो रहे हमले दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति के लिए बड़ा सिरदर्द बनते जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नए हमले के पीछे किसका हाथ है.
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार सतर्क
फारस की खाड़ी और ओमान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह गंभीर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में साफ किया था कि सरकार खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर हर पल नजर रख रही है. उन्होंने बताया कि इस इलाके में व्यापारिक जहाजों पर साढ़े चार हजार से ज्यादा भारतीय नाविक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इनमें से भारत के झंडे वाले छह जहाजों और विदेशों से भारत के लिए माल ला रहे छह विदेशी जहाजों पर भी लगभग एक सौ तिरसठ भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात हैं. भारत का जहाजरानी मंत्रालय हमारे दूतावासों के साथ तालमेल बनाकर समुद्र में मौजूद अपने नागरिकों की हर जरूरी मदद के लिए हमेशा तैयार खड़ा है.
तमाम जहाजों को सावधानी बरतने की सख्त सलाह
ओमान के पास हुए इस नए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले सभी व्यापारिक जहाजों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. जहाजों के कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे इस पूरे इलाके से गुजरते वक्त अत्यधिक सावधानी बरतें. साथ ही समुद्र में किसी भी तरह की संदिग्ध नाव, ड्रोन या हलचल दिखने पर तुरंत यूकेएमटीओ और संबंधित सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें. सुरक्षा बल इस इलाके में निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखा जा सके और समुद्र में काम करने वाले नाविक बिना किसी डर के अपना सफर पूरा कर सकें.
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योग में आसनों का क्रम है जरूरी, पश्चिमोत्तानासन के बाद करें ये दो आसन
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। योग अभ्यास का मूल सिद्धांत केवल आसनों को करना ही नहीं बल्कि, उनके उचित क्रम और संतुलन को बनाए रखना है। उत्थित पश्चिमोत्तानासन शरीर के पिछले हिस्से में गहरा खिंचाव लाता है और पेट की मांसपेशियों को एक्टिव करता है। इस आसन के बाद शरीर को आराम देने के लिए मकरासन और भुजंगासन करना जरूरी है।
मकरासन शरीर को तुरंत शिथिलता और विश्राम देता है, वहीं भुजंगासन रीढ़ को मजबूती और लचीलापन प्रदान करता है।
मकरासन- योगाभ्यास में उत्थित पश्चिमोत्तानासन (एक तीव्र आगे की ओर झुकने और संतुलन बनाने वाला आसन है) के बाद मकरासन (पेट के बल लेटकर आराम करने वाला आसन) करना रीढ़ की हड्डी के संतुलन, मांसपेशियों की रिकवरी और तंत्रिका तंत्र को शांत करने के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अनुसार, उत्थित या निरालम्ब पश्चिमोत्तानासन के बाद मकरासन का अभ्यास मुख्य रूप से एक काउंटर-पोज और शिथिलीकरण के रूप में किया जाता है, जब आप शरीर को एक दिशा में गहराई से मोड़ते हैं, तो उसके विपरीत दिशा में किया जाने वाला आसन शरीर को वापस सामान्य स्थिति में लाता है।
उत्थित पश्चिमोत्तानासन में रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों पर आगे की तरफ एक गहरा और तीव्र खिंचाव आता है। इसके ठीक बाद मकरासन करने से आराम मिलता है, जिससे रीढ़ की हड्डी की प्राकृतिक संरचना संतुलित बनी रहती है और उसकी जकड़न दूर होती है।
भुजंगासन - उत्थित पश्चिमोत्तानासन एक तीव्र फॉरवर्ड बेंड (आगे की ओर झुकने वाला आसन) है, जिसमें रीढ़ की हड्डी आगे की ओर पूरी तरह खिंचती है। भुजंगासन एक बैकबेंड (पीछे झुकने वाला आसन) है। जब अभ्यासकर्ता आगे झुकने के बाद पीछे झुकते हैं, तो रीढ़ की हड्डी के जोड़ों और मांसपेशियों पर पड़ा दबाव तुरंत दूर हो जाता है और वह अपनी प्राकृतिक स्थिति में वापस आ जाती है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, उत्थित पश्चिमोत्तानासन करने से पेट के अंगों पर दबाव बनता है, जिससे पाचन अग्नि तीव्र होती है। भुजंगासन उसी दबाव को विपरीत खिंचाव देकर पेट के अंगों (जैसे लिवर, किडनी और आंतों) की टोनिंग पूरी करता है। इससे कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में दोगुना लाभ मिलता है।
अगर अभ्यासकर्ता लगातार आगे झुकने वाले आसन ही करते रहेंगे और उसके काउंटर (पीछे झुकने वाले) आसन नहीं करेंगे, तो रीढ़ की हड्डी के जोड़ों पर गलत दबाव पड़ सकता है। भुजंगासन और मकरासन का यह क्रम आपकी पीठ के निचले हिस्से को सुरक्षित रखता है।
शुरुआती अभ्यासकर्ता इस आसन को करने से पहली किसी विशेषज्ञ की देख-रेख पर ही करें।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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