इमरान की पार्टी और PAK सरकार की बातचीत आज:इस्लामाबाद मार्च टालने पर चर्चा; PTI की मांग- इमरान से मिलने दें, अस्पताल में इलाज कराएं
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच आज फिर बातचीत होगी। बैठक में 4 अक्टूबर को होने वाले PTI के इस्लामाबाद मार्च को टालने और राजनीतिक तनाव कम करने पर चर्चा होगी। शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक हुई थी, लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई। PAK संसद स्पीकर अयाज सादिक के चैंबर में दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक में सरकार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और PTI के प्रतिनिधि शामिल होंगे। PTI ने मांग रखी है कि इमरान खान से तुरंत मुलाकात करने दी जाए। उन्हें ऐसे अस्पताल ले जाया जाए, जहां उनके निजी डॉक्टर उनकी जांच कर सकें। पार्टी ने इमरान की बहनों और प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों को रिहा करने की मांग भी की है। इसके अलावा, इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की मेडिकल जांच कराने और उनके खिलाफ चल रहे मामलों की बिना किसी दखल के सुनवाई करने की मांग रखी गई है। 4 अक्टूबर से इस्लामाबाद मार्च निकालने की तैयारी PTI ने पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने की घोषणा की थी। बाद में इसे एक हफ्ते टालकर 4 अक्टूबर कर दिया गया। जुल्फिकार बुखारी के मुताबिक, मार्च खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत में गांधी चौक से शुरू होगा। इसका पहला पड़ाव करक और दूसरा 5 अक्टूबर को कोहाट में होगा। इसके बाद मार्च पेशावर जिले में दाखिल होगा। मार्च को देखते हुए सरकार ने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी है। राजधानी में जाने वाले रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। शुक्रवार की बैठक में बातचीत के जरिए समाधान पर बात हुई सरकार और PTI के बीच शुक्रवार को हुई पहली बैठक में देश के राजनीतिक हालात और मतभेद दूर करने पर चर्चा हुई। तीनों पक्षों ने बातचीत से समस्याओं का हल निकालने पर जोर दिया। बैठक में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम शामिल हुई। इसमें गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी थे। PTI की ओर से पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान और पूर्व स्पीकर असद कैसर समेत कई नेता पहुंचे। वहीं, PPP की ओर से सैयद नदीम कमर, शेरी रहमान और एजाज जखरानी शामिल हुए। स्पीकर बोले- संसद में ही मुद्दों का समाधान संभव नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक दोनों पक्षों के बीच बातचीत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। देश के मुद्दों और मतभेदों को सुलझाने के लिए संसद ही सही मंच है। बैठक से पहले सरकार के प्रतिनिधि राणा सनाउल्लाह ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन से समस्याएं हल नहीं होतीं। बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि इमरान खान के खिलाफ चल रहे मामलों पर फैसला सरकार नहीं, अदालतें करेंगी। वहीं, PTI अध्यक्ष गौहर अली खान ने बातचीत सफल होने की उम्मीद जताई। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक वजहों से मामले दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं। उनका कहना है कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में ट्रम्प के बेटों की कंपनी ड्रोन यूनिट लगाएगी:3 साइट्स चुनीं; भारत की 4 फैक्ट्री तैयार, 3 बनाई जा रहीं, 2 प्रस्तावित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों से जुड़ी पॉवरस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की कंपनी ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाला को-पायलट सीरिया में रहा:कट्टरपंथी सोच के चलते ओमान में ट्रेनिंग से हटाया था; 8 महीने पहले फ्लाईदुबई जॉइन किया
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल्हमामी के तौर पर हुई है। वह ओमान का रहने वाला है। अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आरोपी लंबे समय तक सीरिया में रहा था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अल्हमामी कट्टरपंथी विचारों का था। उसकी सोच के कारण उसे पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन में पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरा काम दिया गया। वह पहले रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम कर चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई में उसे काम करते हुए करीब 8 महीने हुए थे। अल्हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। उसने अपनी जिंदगी के कई साल यूएई में भी बिताए। आरोपी ने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया था। दावों के मुताबिक वह प्लेन क्रैश करवाना चाहता था। विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। हालांकि घायल कैप्टन ने उससे मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को पकड़ा। इसके बाद सऊदी अरब में विमान की लैंडिंग हुई। आरोपी के पास से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा आई24 न्यूज ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि अल्हमामी के पास से ‘फ्री फिलिस्तीन’ समूहों के पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामान मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के विरोध की बात करता था। जांच एजेंसियां इन दावों को उसके कट्टरपंथ और संभावित आतंकी मकसद की जांच के हिस्से के तौर पर देख रही हैं। हालांकि, हमले के मकसद और किसी संगठन से उसके संबंध की जांच अभी जारी है। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि या किसी पूर्व योजना से संबंध की जांच के आदेश दिए हैं। ओमानी पायलट को तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच होगी ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि ओमान के नागरिक अल्हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि अल्हमामी को इस रूट पर उड़ान भरने की मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत दी गई थी। घटना के बाद सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। इसके बाद अल्हमामी को यूएई भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच की जा रही है। 174 लोगों को लेकर जा रहा था विमान, एक मिनट में 17,000 फीट नीचे आया घटना वाले दिन फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली यात्री थे। विमान में भारत और UAE के नागरिक भी मौजूद थे। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चार यात्री अमेरिकी नागरिक थे। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। दोनों के बीच पहले हाथापाई हुई। इसके बाद आरोपी ने चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट तक नीचे आ गया। UAE के अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित कैप्टन स्मित अभी UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया है। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। मित्तल ने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताया। उन्होंने कहा कि हवा में आपात स्थिति के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… कैप्टन स्मित ने पीएम से वीडियो कॉल पर बात की, बोले- घायल था पर हिम्मत नहीं हारी, हनुमान चालीसा पढ़ते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 174 जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट वीडियो कॉल पर बात की। स्मित ने दो दिन पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन की हाइजैकिंग नाकाम की थी। ओमानी को-पायलट ने उन्हें चाकू मारा। स्मित ने फिर भी प्लेन क्रैश नहीं होने दिया। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 









