370 Biryani Controversy: 'गालियां रुकनी नहीं चाहिए...' मल्लिका दुआ ने Pranit More की लगाई क्लास, फूहड़ कॉमेडी पर भड़कीं
370 Biryani Controversy: कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप शो में शुरू हुए '370 बिरयानी' और 'फीमेल डॉक्टर' वाले विवाद को लेकर लोगों का जमकर गुस्सा फूटा है। सोशल मीडिया पर कई स्टार्स, इन्फ्लूएंसर्स और नामचीन लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए आलोचना की है। इसी बीच कॉमेडियन और अभिनेत्री मल्लिका दुआ ने भी इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट साझा कर इन विवादों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'कॉमेडी के नाम पर फूहड़पन'- मल्लिका
मल्लिका दुआ ने अपने पोस्ट में उन लोगों का जिक्र किया जो हालिया विवादों के रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पॉपुलैरिटी हासिल करने के लिए कुछ लोग विवादित और आपत्तिजनक कंटेंट का सहारा लेते हैं, जिससे गलत संदेश जाता है।
उनका मानना है कि ऐसे मामलों में लोगों की आलोचना को केवल ऑनलाइन ट्रोलिंग कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार वायरल होने की चाहत में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पीछे छूट जाती है।
महिला डॉक्टर को लेकर भी जताई नाराजगी
मल्लिका ने उस महिला डॉक्टर पर भी प्रतिक्रिया दी, जो हाल ही में एक विवादित टिप्पणी के कारण चर्चा में आई थीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जैसे पेशे में केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण भी बेहद जरूरी है।
अपने पोस्ट में मल्लिका दुआ ने प्रणित के स्टैंड-अप कॉमेडी के 'क्राउड वर्क कॉमेडी' पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कई कॉमेडियन इसे आसान लोकप्रियता हासिल करने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
Not the first time pranit more gave platform to these Trash, he doesn't host a comedy show but made this platform where ppl come nd objectifying Human even death body & patient as well, and ppl normalise it until koi famous na ho Jaye like Biryani boy
— ????αηу???? (@its_SanyHere) June 10, 2026
pic.twitter.com/Ljgyqpl1xI
Stand-up comedian Pranit More mocked on girls when a person told that he served a girl biryani of ₹370.
— Shailesh UP60 (@Shailes34135660) June 7, 2026
₹370 Ka Biryani Khila Di Toh Vasool karne Ka Haq Mil Gya.
Yahi Soch Problem Hai... pic.twitter.com/YBN3PrYGfV
प्रणीत मोरे मामले में दर्ज हुई FIR
इसी बीच, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे और अन्य लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के मामले में FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
World Health Day 2025: प्रेग्नेंसी में ऐसे रखें अपना और शिशु का ध्यान, डॉक्टर से जानें सही डाइट और जरूरी जांच
World Health Day 2025: गर्भावस्था के दौरान मां का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही गर्भस्थ शिशु के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इस बारे में, कोकून हॉस्पिटल, जयपुर में सीनियर कंसल्टेंट-ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, डॉ. मितुल गुप्ता सलाह देती हैं, ‘इस दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और हल्के व्यायाम जैसे वॉकिंग या योग करना बेहद फायदेमंद होते हैं, जिसे डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
इसके अलावा, पर्याप्त नींद लेना और कैफीन जैसी उत्तेजक चीजों से बचना भी जरूरी है। जहां तक मानसिक स्वास्थ्य की बात है, तो गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण तनाव और चिंता होना सामान्य है, लेकिन अगर यह ज्यादा बढ़ जाए तो यह मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।
सकारात्मक माहौल में रहना, परिवार और दोस्तों से जुड़ाव बनाए रखना और जरूरत महसूस होने पर किसी मनोवैज्ञानिक या चिकित्सक से परामर्श लेना फायदेमंद होता है। मेडिटेशन और सांस लेने से जुड़े योगाभ्यास मानसिक शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है।’
बदलावों का रखें ध्यान:
गर्भावस्था के दौरान मां की सेहत में होने वाले बदलावों के बारे में अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल, करोल बाग, दिल्ली में कंसलटेंट-गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स, डॉ. रुचिका शर्मा बताती हैं, ‘गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई हार्मोनल परिवर्तन होते हैं।
कई महिलाओं को इस दौरान मूड स्विंग्स, चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं को कम करने के लिए संतुलित आहार, जिसमें हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और आवश्यक विटामिन शामिल हों, अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
गर्भावस्था के दौरान डी-हाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्वों की दवाइयां भी देते हैं, जिनमें फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल होते हैं, इन्हे नियमित रूप से समय से लेना चाहिए।
ये पोषक तत्व शिशु के मस्तिष्क और हड्डियों के विकास में सहायक होते हैं और मां को एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाते हैं। मां का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सीधे शिशु के न्यूरोलॉजिकल और भावनात्मक विकास पर प्रभाव डालता है, इसलिए इस दौरान सकारात्मक सोच और आत्म-देखभाल को प्राथमिकता देना जरूरी है।’
नवजात बच्चे की करें केयर:
नवजात बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के के बारे में श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट-गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. मीनाक्षी बंसल कहती हैं, ‘गर्भावस्था के दौरान मां के पोषण और भावनात्मक स्थिति का सीधा असर शिशु के मस्तिष्क, हृदय और संपूर्ण शारीरिक विकास पर पड़ता है। इसीलिए मां को संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनावमुक्त वातावरण में रहना चाहिए। जन्म के बाद, नवजात शिशु की देखभाल में उसकी साफ-सफाई, सही पोषण और टीकाकरण का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।
मां का स्तनपान शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और उसके मानसिक और शारीरिक विकास में मदद करता है। इसके अलावा, नवजात को पर्याप्त नींद देना और डॉक्टर के निर्देशानुसार समय पर टीकाकरण कराना आवश्यक है। शिशु के शुरुआती वर्षों में उसके मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए माता-पिता को उसके साथ अधिक समय बिताना चाहिए, जिससे उसका बेहतर मानसिक विकास हो और उसका अच्छा भविष्य सुनिश्चित हो सके।’
अंत में, यह समझना महत्वपूर्ण है कि गर्भावस्था के दौरान मां का मानसिक स्वास्थ्य, शिशु के संपूर्ण विकास और भविष्य की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए, इस समय शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखना, आवश्यक सावधानियां बरतना और विशेषज्ञों की सलाह लेना मां, शिशु के लिए ही नहीं संपूर्ण समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
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