गुजरात: 'एकता दिवस' परेड दल में डेंगू का प्रकोप, 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
गांधीनगर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात आए कम से कम 24 कर्मियों की पिछले दो दिनों में गांधीनगर सिविल अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि बुखार और बदन दर्द के बाद कई अन्य को निगरानी में रखा गया है। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गांधीनगर सिविल अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विपुल पंड्या ने आईएएनएस को बताया कि गुरुवार को लगभग 34 कर्मियों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 23 की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
शुक्रवार को शाम लगभग 5 बजे तक पांच और लोगों को भर्ती किया गया, जिनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और चार अन्य को रिपोर्ट आने तक संदिग्ध मामलों के रूप में इलाज किया जा रहा है।
पंड्या ने कहा कि कल 34 लोग आए थे। उनमें से 23 पॉजिटिव थे और बाकी संदिग्ध थे। उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार को भर्ती किए गए पांच मरीजों में एक पॉजिटिव और चार संदिग्ध मामले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक लगभग 10 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और बाकी मरीजों की हालत स्थिर है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में कई और मरीजों को भी छुट्टी दे दी जाएगी।
पांड्या ने आगे कहा कि सभी की हालत स्थिर है और फिलहाल कोई जटिलता नहीं है।
अधिकांश मरीजों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है और उनमें बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षण पाए गए हैं। पंड्या ने बताया कि भर्ती किए गए लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।
आरएमओ के अनुसार, ये कर्मी विभिन्न राज्यों से आए हैं, और इनमें उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और बिहार के लोग शामिल हैं।
ये उन कर्मियों में से हैं जो 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात पहुंचे हैं।
पंड्या ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को गांधीनगर के एक छात्रावास में एक साथ ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि सभी एक ही छात्रावास में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई हजार लोग आए थे और उनके लिए एक साथ रहने की व्यवस्था की गई थी।
हालांकि, उन्होंने छात्रावास को संक्रमण का स्रोत नहीं बताया। पंड्या ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के एक साथ आने के बाद अस्पताल ने राज्य और जिला स्तरीय महामारी/जन स्वास्थ्य टीमों को सूचित कर दिया है और महामारी विज्ञान संबंधी आकलन इन्हीं टीमों द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महामारी विशेषज्ञ सभी जांच करेंगे। हम डॉक्टरों का काम सिर्फ इलाज से जुड़ा है... हम यहां मरीजों की देखभाल करते हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अशोकनगर अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवाएं होंगी अपग्रेड, सिंधिया ने दिए तत्काल निर्देश
अशोकनगर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मरीजों को हो रही असुविधा की शिकायतों के बाद अशोकनगर जिला प्रशासन को जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सेवाओं और सुविधाओं में तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया है।
सिंधिया ने इस मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा समय पर और बिना किसी परेशानी के मिले।
उनके निर्देशों के बाद, जिला कलेक्टर ने स्वयं अस्पताल का दौरा किया और अल्ट्रासाउंड कक्ष और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत की और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्रशासन ने अब अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए दैनिक ड्यूटी रोस्टर जारी किया है और अधिकारियों को इसके सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस कदम का उद्देश्य डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना और मरीजों के लिए अनावश्यक देरी को रोकना है।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के लिए सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
प्रतीक्षा क्षेत्र में पर्याप्त कुर्सियां लगाई गई हैं ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जमीन पर न बैठना पड़े।
प्रशासन ने अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए छाया और पीने के पानी के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था की है।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मरीजों को सुलभ, समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते समय महिलाओं और आम जनता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
सिंधिया ने कहा कि महिलाओं और आम जनता को सुगम, समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और अल्ट्रासाउंड सेवाओं की निगरानी की जाए ताकि मरीजों को अनावश्यक असुविधा न हो।
प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में मौजूद कमियों को तुरंत दूर किया जाए और अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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