अशोकनगर अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवाएं होंगी अपग्रेड, सिंधिया ने दिए तत्काल निर्देश
अशोकनगर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मरीजों को हो रही असुविधा की शिकायतों के बाद अशोकनगर जिला प्रशासन को जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सेवाओं और सुविधाओं में तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया है।
सिंधिया ने इस मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा समय पर और बिना किसी परेशानी के मिले।
उनके निर्देशों के बाद, जिला कलेक्टर ने स्वयं अस्पताल का दौरा किया और अल्ट्रासाउंड कक्ष और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत की और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्रशासन ने अब अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए दैनिक ड्यूटी रोस्टर जारी किया है और अधिकारियों को इसके सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस कदम का उद्देश्य डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना और मरीजों के लिए अनावश्यक देरी को रोकना है।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के लिए सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
प्रतीक्षा क्षेत्र में पर्याप्त कुर्सियां लगाई गई हैं ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जमीन पर न बैठना पड़े।
प्रशासन ने अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए छाया और पीने के पानी के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था की है।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मरीजों को सुलभ, समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते समय महिलाओं और आम जनता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
सिंधिया ने कहा कि महिलाओं और आम जनता को सुगम, समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और अल्ट्रासाउंड सेवाओं की निगरानी की जाए ताकि मरीजों को अनावश्यक असुविधा न हो।
प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में मौजूद कमियों को तुरंत दूर किया जाए और अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
‘लाठियां भीड़ को रोक सकती है, सवालों को नहीं’, CEC के खिलाफ प्रदर्शन के बीच बोले राहुल गांधी
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई समेत कई जगहों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निशाना साधा है. गांधी जयंती के मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है. उन्होंने इसे कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ युवाओं का शांतिपूर्ण विरोध बताया. राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग स्पष्ट है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए.
‘लाठी भीड़ को रोक सकती है, सवाल को नहीं’
राहुल गांधी ने अपने बयान में महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने लोगों को सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने का रास्ता दिखाया था. राहुल गांधी ने कहा, “लाठी भीड़ को रोक सकती है, लेकिन सवाल को नहीं.” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और उन्हें नियुक्त करने वाली व्यवस्था भी जाएगी. यह बयान दिल्ली और मुंबई में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों के प्रदर्शनों के बीच आया है.
दिल्ली में 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की. रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने करीब 700 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. प्रदर्शनकारियों को फिरोजशाह रोड और अशोका रोड समेत कई स्थानों पर रोका गया. प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), NSUI और इंडियन यूथ कांग्रेस समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए. AAP नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजीव झा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है.
मुंबई में भी हुआ प्रदर्शन
CEC के खिलाफ मुंबई में भी प्रदर्शन हुआ. शिवाजी पार्क में विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए.
विपक्षी दल और विभिन्न संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों और आयोग के भीतर कथित असहमति की व्याख्या को खारिज किया है. आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट चरण में अधिकारियों की ओर से सवाल, सुझाव और इनपुट देना सामान्य प्रशासनिक एवं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है. आयोग के अनुसार SIR के कार्यक्रम से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.
रिपोर्ट के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
CEC को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद उस रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR और चुनाव से जुड़े कुछ फैसलों एवं प्रक्रियाओं पर 10 महीनों के दौरान कई बार आपत्तियां या सवाल उठाए थे.
रिपोर्ट में फॉर्म-6, मतदाताओं के नाम हटाने और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था. हालांकि, चुनाव आयोग ने इसे संस्थागत असहमति के तौर पर पेश किए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे प्रशासनिक सवाल प्रक्रिया का हिस्सा हैं. विपक्षी दलों ने CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है. रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर भी विरोध कार्यक्रम प्रस्तावित हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation












