IPL से पहले Sunrisers Hyderabad छोड़ सकते हैं Abhishek Sharma, कई फ्रेंचाइजी की नजर
आईपीएल की अगली नीलामी से पहले टीमों के बीच खिलाड़ियों को बनाए रखने और रिलीज करने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को लेकर सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है। टीम में कप्तानी की जिम्मेदारी ईशान किशन को दिए जाने के बाद अभिषेक के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद के साथ अभिषेक शर्मा के रिश्तों में पिछले सीजन से ही खटास की स्थिति बनी हुई है। अभिषेक लंबे समय से इस टीम का हिस्सा हैं और 2019 में फ्रेंचाइजी से जुड़े थे। वह टीम की कप्तानी करने की इच्छा भी रखते रहे हैं। ऐसे में ईशान किशन को कप्तान बनाए जाने के बाद उनके नाराज होने की बात सामने आई है।
हालांकि, अभिषेक शर्मा के अगले सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद छोड़ने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, कई फ्रेंचाइजी के साथ अनौपचारिक स्तर पर बातचीत हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस बात सामने नहीं आई है। मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स को संभावित विकल्पों के तौर पर देखा जा रहा है।
दिल्ली कैपिटल्स का नाम भी इस चर्चा में शामिल है। इसकी एक वजह अभिषेक के पुराने मार्गदर्शक युवराज सिंह का टीम से जुड़ना है। युवराज सिंह की मौजूदगी अभिषेक के लिए दिल्ली कैपिटल्स को संभावित विकल्प बना सकती है। हालांकि, अभी यह केवल संभावनाओं और अंदरूनी चर्चाओं तक ही सीमित है।
बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. शनमुगम से जब इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इन खबरों को सही नहीं बताया है। इससे साफ है कि फ्रेंचाइजी की तरफ से अभिषेक को लेकर अलग होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि 2027 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। ऐसे में पैट कमिंस की उपलब्धता को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। इसी वजह से सनराइजर्स हैदराबाद में कप्तानी को लेकर ईशान किशन पर भरोसा जताने की चर्चा को अहम माना जा रहा है। अभिषेक के लिए भी मौजूदा समय में कप्तानी का विकल्प सीमित दिखाई दे रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर सनराइजर्स हैदराबाद और अभिषेक शर्मा अलग होने पर सहमत होते हैं तो अगला सवाल यह होगा कि वह किस टीम में जाएंगे और यह बदलाव किस तरीके से होगा। खिलाड़ी को सीधे खरीदने के लिए नकद राशि का इस्तेमाल, खिलाड़ी की अदला-बदली या कोई दूसरा रास्ता अपनाने जैसे कई विकल्प हो सकते हैं।
इस समय अभिषेक शर्मा टी20 क्रिकेट के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। वह मौजूदा समय में दुनिया के दूसरे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें कई टीमों के लिए आकर्षक खिलाड़ी बनाया है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में उनके नाम को लेकर चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।
हालांकि, खिलाड़ी के करीबियों की तरफ से अभी तक यही कहा गया है कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। दूसरी ओर, आईपीएल से जुड़े लोगों की नजर सनराइजर्स हैदराबाद और अभिषेक शर्मा के बीच चल रही स्थिति पर बनी हुई है।
सभी टीमों के पास दिसंबर में होने वाली छोटी नीलामी से पहले अपने मुख्य खिलाड़ियों को तय करने के लिए 1 महीने से ज्यादा का समय है। इसलिए अभिषेक शर्मा का मामला तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचे, यह जरूरी नहीं है। फिलहाल उनकी टीम के साथ बने रहने या नई टीम में जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और आने वाले हफ्तों में इस पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
आनंदपुर साहिब-अमृतसर सराय केस में AAP ने SGPC-अकाली दल की चुप्पी पर उठाए सवाल, जांच को लेकर मांगा जवाब
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर की सराय में बहरीन से आई एक महिला से जुड़े मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अकाली दल (बादल) की लीडरशिप पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से मामले को लेकर SGPC और अकाली दल की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.
शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि मामले में कथित वित्तीय लेन-देन और पार्टी के अलग-अलग पदाधिकारियों से पैसे जुटाए जाने के आरोप सामने आए हैं. उन्होंने SGPC से सवाल किया कि मामले में कितना पैसा ट्रांसफर हुआ, यह पैसा कहां से आया, किसे दिया गया और उसका पूरा हिसाब क्या है.
ऑडियो क्लिप का हवाला देकर लगाए गंभीर आरोप
बलतेज पन्नू ने विरसा सिंह वल्टोहा और शिकायतकर्ता महिला के बीच कथित बातचीत की एक ऑडियो क्लिप का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि इस बातचीत से मामले से जुड़े कई तथ्य सामने आते हैं.
पन्नू ने SGPC सदस्य और अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह चावला पर महिला को कथित तौर पर आठ महीने तक शराबखाने में रखने और उसके शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाया कि SGPC के नियमों के तहत किसी अकेली महिला को इतने लंबे समय तक वहां कमरा कैसे मिला. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटनाओं को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए.
महिला के चरित्र पर सवाल उठाने पर भी आपत्ति
AAP नेता ने विरसा सिंह वल्टोहा समेत उन लोगों पर भी सवाल उठाए, जो सोशल मीडिया या अन्य मंचों पर महिला के चरित्र को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं. पन्नू ने सवाल किया कि अगर संबंधित लोगों को पहले से मामले की जानकारी थी तो महिला को वहां क्यों लाया गया और उसे वहां रहने की अनुमति किसके निर्देश पर दी गई. उन्होंने झिंजर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि महिला को टिकट दिलाने के पीछे क्या कारण था और यह फैसला किसके आदेश पर लिया गया.
SGPC जांच कमेटी पर उठाए सवाल
बलतेज पन्नू ने SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की ओर से बनाई गई जांच कमेटी की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कमेटी को लेकर कहा कि अगर जांच करने वाले सदस्य अपने वरिष्ठों या प्रभावशाली नेताओं से ही सवाल करेंगे, तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी.
उन्होंने पंजाब पुलिस की जांच में सहयोग करने के बजाय CBI जांच की मांग किए जाने पर भी सवाल उठाया. पन्नू ने कहा कि यदि जांच को लेकर निष्पक्षता सुनिश्चित करनी थी, तो किसी पूर्व सिख जज या पूर्व सिख IPS अधिकारी से जांच क्यों नहीं कराई गई.
सुखबीर बादल और SGPC नेतृत्व पर भी निशाना
AAP नेता ने सुखबीर सिंह बादल को SGPC का 'चीफ कस्टोडियन' बताते हुए कहा कि यह मामला कुछ दिनों तक इंतजार करने या इसे दबाने से खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि देश-विदेश में रहने वाले सिख समुदाय और युवा इस मामले को लेकर सवाल पूछ रहे हैं.
हरजिंदर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए पन्नू ने SGPC से मामले में सामने आए आरोपों और सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिस पवित्र स्थान पर लोग श्रद्धांजलि देने आते हैं, वहां एक महिला के आठ महीने तक रहने और उससे जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation







