Jharkhand News: मांदर को GI टैग मिलने से गुमला के कारीगरों में खुशी, रोजगार और बाजार बढ़ने की उम्मीद
Jharkhand News: झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और लोक संगीत की पहचान माने जाने वाले वाद्य यंत्र मांदर को आधिकारिक तौर पर जीआई टैग मिल गया है. इस उपलब्धि से राज्य के साथ-साथ गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित जरजट्टा गांव के कारीगरों में खुशी और उत्साह का माहौल है. आपको बता दें कि जरजट्टा गांव मांदर निर्माण के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां कई पीढ़ियों से कारीगर मांदर बनाने का काम करते आ रहे हैं. कारीगरों ने एक एफपीओ कंपनी बनाकर इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाया और वर्ष 2021 से मांदर को जीआई टैग दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे. आखिरकार उनकी मेहनत सफल हुई और मांदर को अब आधिकारिक पहचान मिल गई है.
रोजगार और बाजार बढ़ने की उम्मीद
जीआई टैग मिलने के बाद कारीगरों को उम्मीद है कि मांदर को देशभर में बड़ा बाजार मिलेगा. इससे उनकी आमदनी बढ़ सकती है और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. कारीगरों का कहना है कि अगर सरकार की ओर से प्रशिक्षण, तकनीकी मदद और आर्थिक सहायता मिले, तो मांदर निर्माण को बड़े स्तर पर रोजगार का जरिया बनाया जा सकता है.
आदिवासी संस्कृति की अनमोल धरोहर
मांदर झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है. इसका इस्तेमाल पर्व-त्योहार, धार्मिक कार्यक्रमों और विभिन्न महोत्सवों में किया जाता है. जीआई टैग मिलने से मांदर की पहचान और मजबूत होगी. साथ ही, जरजट्टा गांव का नाम भी देश-दुनिया में अपनी पारंपरिक कला के लिए पहचान बना सकेगा.
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बिहार के समस्तीपुर में अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत, परिवार ने की तोड़फोड़
पटना, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के समस्तीपुर के हसनपुर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने विरोध प्रदर्शन किया और कथित तौर पर अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की।
परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। मामले की जांच जारी है।
मृतक की पहचान कैलाश साह की पत्नी राजकुमारी देवी के रूप में हुई है, जो बिथान थाना क्षेत्र के धोबौलिया गांव की निवासी थीं।
एक अधिकारी के अनुसार, राजकुमारी ने बुधवार को हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया था।
खबरों के मुताबिक, अगले दिन उनकी हालत और बिगड़ गई।
परिवार ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक सुजीत कुमार की सलाह पर उन्हें हसनपुर बाजार के इमली चौक स्थित सवेरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।
राजकुमारी के पति कैलाश साह ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था।
उनके अनुसार, इंजेक्शन लगने के लगभग पांच मिनट के भीतर ही राजकुमारी की हालत तेजी से बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य और अस्पताल में मौजूद अन्य लोग आक्रोशित हो गए।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और कथित तौर पर अस्पताल परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की।
परिवार ने राजकुमारी की मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों के बारे में अस्पताल से स्पष्टीकरण की मांग की है।
गड़बड़ी की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे और परिवार तथा घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों से जानकारी जुटाई।
राजकुमारी देवी की मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हो पाया है।
पुलिस उनके इलाज और मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रही है।
चिकित्सा लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जांच के निष्कर्ष और किसी भी पोस्टमार्टम या चिकित्सा मूल्यांकन से मृत्यु की परिस्थितियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
--आईएएनएस
एमएस/
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