ज्ञानेश ब्रो रिजाइन करो...शिवाजी पार्क से CJP का जेल भरो आंदोलन, CM फडणवीस को दिपके ने दी चुनौती
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन कर रही है। वे चुनाव आयोग में असहमति के कथित विवाद और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि अगर कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन मुंबई से शुरू होगा और बाद में भारत के दूसरे शहरों में भी फैल जाएगा। दिपके ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए समर्थकों से गांधी जयंती पर "लोकतंत्र बचाने" का आह्वान किया। शिवाजी पार्क में प्रस्तावित सभा से पहले दादर स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ताज़ा अपडेट के लिए indiatoday.in को फॉलो करें।
अभिजीत दिपके ने PM मोदी पर निशाना साधा; शिवसेना (UBT) और MNS ने आंदोलन का समर्थन किया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, CJP नेता अभिजीत दिपके ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दो महीने के भीतर ही एक और आंदोलन की ज़रूरत पड़ गई। उन्होंने महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस को प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार करने की चुनौती भी दी। शिवसेना (UBT) और MNS ने इस आंदोलन का समर्थन किया।
इसे भी पढ़ें: IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे की मौत पर प्रदर्शन तेज, छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल
भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क पहुँचे
दादर स्टेशन के आस-पास भारी पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेड्स के बावजूद, प्रदर्शनकारी तिरंगा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग वाले पोस्टर लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क पहुँचे। SFI और AISF के कार्यकर्ता भी इस भीड़ में शामिल हुए, जिसमें शबाना आज़मी, नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी और एक्टिविस्ट तुषार गांधी भी मौजूद थे।
CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के ख़िलाफ़ ‘अभिजीत दिपके वापस जाओ’ के नारे लगे
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी मांगों को लेकर पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के ख़िलाफ़ ‘अभिजीत दिपके वापस जाओ’ के नारे लगाए गए। यह घटना तब हुई जब समर्थक और प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल पर जमा हुए थे और पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर रखी थी।
इसे भी पढ़ें: Mithi River Scam: मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे Dino Morea, ईओडब्ल्यू की जांच में हुए शामिल
दीपके ने CM फडणवीस को शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार करने की चुनौती दी
CJP नेता अभिजीत डिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि वे शिवाजी पार्क में जमा उन प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार करें जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। डिपके का यह बयान मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा और पुलिस पाबंदियों के बीच आया है।
Amarinder Singh Raja Warring ने Rahul Gandhi को सौंपा Punjab Congress अध्यक्ष पद से इस्तीफा
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर कांग्रेस की पंजाब इकाई में पिछले कई महीनों की खींचतान के बाद शुक्रवार को अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष के बारे में फैसला करेगा। वड़िंग ने शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात के बाद उन्होंने यह कहा कि गांधी ने उन्हें हमेशा की तरह बहुत प्यार दिया। वड़िंग ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने उनसे पंजाब में हालात, वहां क्या हो रहा है और पार्टी को आगे क्या करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपने साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया।
मैंने बताया कि हमारी चुनौतियां क्या हैं, इन चुनौतियों का सामना कैसे करना है और हमारी ताकत क्या है। इन सभी विषयों पर उनके साथ विस्तार से चर्चा हुई।’’ वड़िंग ने यह भी कहा कि उनका कांग्रेस से जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा और पार्टी को जब भी उनकी जरूरत होगी, वह उपलब्ध रहेंगे। बाद में उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘राहुल गांधी के साथ कई व्यक्तिगत और पारिवारिक मुद्दों के साथ-साथ पंजाब की राजनीति पर भी चर्चा हुई और बातचीत सकारात्मक रही।
कुछ अन्य बातें आंतरिक हैं, इसलिए मैं उन्हें कैमरे के सामने सार्वजनिक करना पसंद नहीं करूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब का संगठनात्मक ढांचा बहुत मजबूत है और हमने बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक एक पूरा संगठन खड़ा किया है। कांग्रेस जमीनी स्तर पर बहुत मजबूत है।’’ वड़िंग ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझसे किसी ने इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा था। मुझे कुछ समय से अहसास हो गया था कि क्या परिस्थितियां हैं और जब मुझे लगा कि ऐसी स्थितियां पैदा हो गई हैं, तो मैंने खुद अपना इस्तीफा दे दिया और अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ‘पूर्व पीसीसी अध्यक्ष’ लिख दिया।’’ पायलट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सचिन पायलट की बात है, आपको उनसे पूछना चाहिए।
शायद उन्हें लगा हो कि मेरे लिए पीसीसी अध्यक्ष के रूप में बने रहना उचित नहीं था...सुनने में यह रहा है कि पायलट चाहते थे कि मैं हटूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चन्नी साहब की जीत हो गई।’’ वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे और करीब साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चल रही है। वडिंग ने भले ही अब पद छोड़ा हो, लेकिन इस बदलाव की जमीन कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के प्रदेश प्रभारी का कार्यभार संभालने से पहले ही तैयार हो चुकी थी।
सूत्रों ने बताया कि वडिंग के नेतृत्व को लेकर असंतोष से कांग्रेस नेतृत्व उस समय भी अवगत था, जब भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे। पार्टी नेतृत्व पंजाब के सांसदों और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ सीधे लगातार संपर्क में था। सूत्रों के अनुसार, बदलाव पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि पार्टी इस बात पर विचार कर रही थी कि चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलना उचित होगा या नहीं।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला, पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा केपी सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसे नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है जो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले वडिंग और चन्नी, दोनों गुटों को साथ लेकर चल सके। पंजाब विधानसभा चुनाव में अगले साल फरवरी-मार्च में संभावित है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








