इंपैक्ट फीचर:‘रीलर्निंग इंडिया’- नीरजा मोदी स्कूल में भारत के अतीत को समझने का नया तरीका; मैथ्स की तरह सवालों के जरिए इतिहास को जान रहे स्टूडेंट
हममें से अधिकांश ने इतिहास को किताबों में लेसन के रूप में पढ़ा है। युद्धों के साथ तारीखें और ऐतिहासिक शख्सियतों के साथ उनके नेतृत्व में हुई क्रांतियां रटी हैं। लेकिन क्या ये तरीका इतिहास को वास्तविक रूप में जानने-समझने के लिए बहुत अच्छा है? क्या हो अगर इतिहास सवालों के जरिए सीखा जाए? कितना अच्छा हो अगर इतिहासकारों से मिलकर उनसे व्यक्तिगत रूप से अपनी जिज्ञासाओं के बारे में पूछकर इतिहास को समझा जाए? जयपुर का नीरजा मोदी स्कूल कुछ ऐसी ही इनोवेटिव पहल कर रहा है। स्कूल अपने स्टूडेंट्स को इतिहास की किताबों में पढ़ी गई विचारधाराओं और सभ्यताओं से जुड़ने के नए मौके दे रहा है। स्कूल की नई पहल ‘रीलर्निंग इंडिया’ के तहत छात्र समकालीन इतिहासकारों, लेखकों, शोधकर्ताओं और कहानीकारों से मिलकर उनसे सवाल पूछ सकते हैं। ये लोग इतिहास को ऐसे अंदाज में सामने रखते हैं, जो छात्रों से सीधे जुड़ता है। अमीश त्रिपाठी से बातचीत में खुला भारत के अतीत को समझने का रास्ता बेस्टसेलिंग लेखक अमीश त्रिपाठी जब स्कूल पहुंचे तो छात्रों के सवाल ही भारत के अतीत और उसके वर्तमान में जीवंत रूप से मौजूद होने पर हुई बातचीत का आधार बने। एक छात्र ने मराठा साम्राज्य के बारे में सवाल पूछा तो बातचीत छत्रपति शिवाजी महाराज के आसपास की पूरी दुनिया तक पहुंच गई-किले, प्रशासनिक व्यवस्था और राज्य संचालन की वे अवधारणाएं, जिन्होंने साम्राज्य को आकार दिया। एक अन्य सवाल जैन और बौद्ध ग्रंथों की भाषाओं से जुड़ा था। इसने भारत की भाषाई और बौद्धिक परंपराओं को समझने का रास्ता खोला। ग्रैंड ट्रंक रोड पर पूछे गए एक सवाल ने छात्रों को केवल उस प्राचीन मार्ग की जानकारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सदियों से चल रहे आवागमन, व्यापार और बदलते राजनीतिक परिदृश्यों तक पहुंचाया। अमीश त्रिपाठी की नई किताब ‘ध्रुव-तारा एंड द ग्रेट इंडियन हिस्ट्री क्विज’ छात्रों को इसी विचार से जोड़ने का स्वाभाविक माध्यम बनती है। बच्चों के लिए लिखी गई उनकी यह पहली किताब रोमांच और क्विज के जरिए युवा पाठकों को भारतीय इतिहास से परिचित कराती है। NMS के छात्रों के साथ त्रिपाठी की बातचीत ने यह दिखाया कि जानकारी को युवाओं के लिए ज्यादा रोचक और अर्थपूर्ण कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने करीब 900 वर्ष पहले हुए भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री भास्कराचार्य के बारे में बात की। लीलावती से जुड़ी पारंपरिक कहानी साझा करते हुए उन्होंने एक ऐतिहासिक गणितीय ग्रंथ को उससे जुड़ी मानवीय कहानी के जरिए छात्रों की बातचीत का हिस्सा बना दिया। गणित में रुचि रखने वाले छात्र तो इससे प्रभावित हुए ही, मानविकी विषयों की ओर झुकाव रखने वाले छात्र भी उतने ही उत्साहित नजर आए। स्टूडेंट्स के बातचीत के सेशन में अमीश त्रिपाठी ने अपनी लेखन आदतों के बारे में भी खुलकर बताया। उन्होंने छात्रों से कहा— “मुझे अक्सर राइटर्स ब्लॉक नहीं होता। मैंने 16 साल में 13 किताबें लिखी हैं। मैं काफी सक्रिय रहता हूं। मेरे लिए संगीत काम करता है। मैं लिखते समय संगीत सुनता हूं और खूब क्रीम बिस्किट खाता हूं।” जो स्टूडेंट्स लेखक को उनकी किताबों के जरिए जानते थे, उन्हें अब उन किताबों के पीछे मौजूद व्यक्ति से मिलने और यह जानने का मौका मिला कि वह लिखने के तरीके को कैसे देखते हैं। इससे उन्हें यह समझने का अवसर भी मिला कि इतिहास की कहानियां भी शोध, कल्पना और रचनात्मक कौशल के जरिए तैयार होती हैं। त्रिपाठी के साथ हुआ यह कार्यक्रम बताता है कि समकालीन भारतीय लेखक युवाओं और देश के अतीत के बीच एक पुल की तरह काम कर सकते हैं। NMS छात्रों को ऐसे और अवसर देना चाहता है, जहां वे उन लोगों के माध्यम से अतीत को समझ सकें, जिन्होंने अपना जीवन इतिहास की व्याख्या करने या उसे नए रूप में प्रस्तुत करने में लगाया है। यह अवसर किसी लेखक के नई किताब पर बातचीत करने, किसी इतिहासकार के किसी प्रचलित धारणा को चुनौती देने, किसी शोधकर्ता के यह समझाने के रूप में हो सकता है कि नए प्रमाण किसी घटना की हमारी समझ को कैसे बदलते हैं, या किसी कहानीकार के जरिए किसी दूर के कालखंड को कहानी के माध्यम से करीब लाने के रूप में। इतिहास कोई बंद विषय नहीं नीरजा मोदी स्कूल (NMS) का मानना है कि इतिहास को अलग-अलग खानों में बांधकर पढ़ने के बजाय छात्रों को भारतीय इतिहास को अलग-अलग नजरिये और कहानी कहने के अलग-अलग तरीकों के मेल से समझने का अवसर मिलना चाहिए। लेखकों और कलाकारों की प्रस्तुतियां इतिहास को संदर्भ देती हैं। इस तरह किताबों में पढ़ी इतिहास की बातें केवल याद करने या रटने वाली जानकारी नहीं रह जाते, बल्कि छात्रों को अतीत की घटनाएं और उनसे जुड़े लोग ज्यादा करीब और जीवंत लगने लगते हैं। एनएमएस की इस पहल का उद्देश्य केवल सिलेबस में और ज्यादा इतिहास जोड़ना नहीं है, बल्कि इतिहास की बातचीत में नई आवाजों को शामिल करना और यह बदलना है कि भारत के युवा अपने अतीत से किस तरह जुड़ते हैं। इतिहास, गणित और साहित्य-सबके केंद्र में इंसान इतिहास भी गणित और साहित्य की तरह आखिरकार लोगों की ही कहानी है। NMS किताबों के पीछे और उनमें मौजूद लोगों को छात्रों के लिए अधिक सहज और सुलभ बना रहा है। ये आवाजें अकादमिक शिक्षा का विकल्प नहीं हैं, बल्कि जिज्ञासा जगाने का माध्यम हैं। अतीत को जानने से आगे, उसे सवालों से समझना स्कूल के लिए ऐसी शख्सियतों को छात्रों के बीच लाने का महत्व यही है कि वे केवल यह सवाल न पूछें कि उन्हें भारत के अतीत के बारे में क्या पता है, बल्कि यह भी सोचें कि उन्होंने अभी क्या नहीं खोजा है और किन कहानियों ने उस देश को आकार दिया है, जिसमें वे आज रह रहे हैं। यही सोच ‘रीलर्निंग इंडिया’ के पीछे है। इसका उद्देश्य देश के इतिहास को उस पीढ़ी के साथ संवाद में लाना है, जो पिछली पीढ़ियों से बिल्कुल अलग सूचना-परिवेश में बड़ी हो रही है। ‘रीलर्निंग इंडिया’ का अर्थ केवल पीछे मुड़कर देखना नहीं है। इसका अर्थ छात्रों को सवाल करने, चीजों को आपस में जोड़ने और उस विरासत में मिली कहानी की गहराई और विविधता को नए तरीके से खोजने के अवसर देना है। भारत की युवा पीढ़ी वैश्विक संस्कृति और डिजिटल सूचनाओं से तेजी से प्रभावित हो रही है। ऐसे में स्कूल इन मुलाकातों को छात्रों को भारत की अपनी कहानी की गहराई और विविधता से जोड़े रखने के एक माध्यम के रूप में देखता है। कक्षा इसका शुरुआती बिंदु है। लेकिन इसके आगे किताबें हैं, संवाद हैं, शोधकर्ता हैं, लेखक हैं, कहानियां हैं और ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी खोजे जाने बाकी हैं।
Motorola Signature 27: 1 लाख के करीब हो सकती है कीमत, Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 चिपसेट से होगा लैस
Motorola जल्द ही अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Signature 27 ग्लोबल मार्केट में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। Snapdragon Summit 2026 में फोन की झलक दिखाने के बाद अब इसके जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है। Motorola India की आधिकारिक वेबसाइट पर स्मार्टफोन की डेडिकेटेड माइक्रोसाइट भी लाइव हो चुकी है, जिससे भारत में इसके लॉन्च की पुष्टि होती है। फोन को PANTONE Coal Smoke और PANTONE Capulet Olive कलर में दिखाया गया है।
कंपनी ने फोन के कुछ फीचर्स की जानकारी पहले ही दे दी है, जबकि बाकी स्पेसिफिकेशंस और कीमत से जुड़ी जानकारी लीक्स और रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आई है।
Motorola Signature 27 के स्पेसिफिकेशंस
Motorola Signature 27 में 6.8 इंच का AMOLED LTPO डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 165Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट कर सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का लेटेस्ट फ्लैगशिप Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 चिपसेट दिया जाएगा। फोन में कंपनी का ArcticMesh कूलिंग सिस्टम भी मिलेगा।
Motorola ने फोन के लिए 7 साल के OS अपडेट देने की पुष्टि की है। यह स्मार्टफोन Android 17 पर आधारित Hello UI के साथ आ सकता है। डिजाइन की बात करें तो फोन में कंटूर्ड एज के साथ एल्युमिनियम फ्रेम दिया जाएगा। कंपनी ने इसमें Gemini Omni और AI टूल Lyria की मदद से साउंडट्रैक जनरेशन जैसे AI फीचर्स की भी पुष्टि की है। फोन में Bang & Olufsen से पावर्ड ऑडियो एक्सपीरियंस मिलेगा।
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200MP कैमरा और 100x जूम
कैमरा सेटअप की बात करें तो Motorola ने फोन में 50MP Sony LYTIA 910 मेन कैमरा और 200MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस होने की पुष्टि की है। यह टेलीफोटो कैमरा 100x जूम सपोर्ट कर सकता है। इसके अलावा फोन में अल्ट्रावाइड और एक अन्य टेलीफोटो कैमरा भी मिलने की उम्मीद है। Motorola Signature 27 में IP69 रेटिंग और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिलने की संभावना है।
Motorola Signature 27 की कीमत और लॉन्च टाइमलाइन
लीक्स और रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola Signature 27 की भारत में कीमत करीब 1 लाख रुपए हो सकती है। कंपनी ने भारत में फोन को टीज करना शुरू कर दिया है, इसलिए इसके आने वाले हफ्तों में देश में लॉन्च होने की उम्मीद है। हालांकि, Motorola ने अभी तक भारत में Signature 27 की सटीक कीमत और लॉन्च डेट का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
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