हरियाणा से कनाडा को फ्रोजन फूड उत्पादों का निर्यात, किसानों की बढ़ेगी आय
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 1 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप को रवाना करने में मदद की। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि ‘अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ द्वारा निर्यात की गई इस खेप में कुल सीएडी 35,140 मूल्य के फ्रोजन फूड उत्पादों के 2,295 डिब्बे शामिल हैं।
किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के जरिए किए जाने वाले इस निर्यात में हरे मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर एवं गाजर, स्वीट कॉर्न और समोसा शामिल हैं। निर्यात करने वाली इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना के तहत मदद मिली थी।
मंत्रालय के मुताबिक, यह खेप भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवसर बढ़ाने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को वैश्विक खरीदारों एवं बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक और कदम है।
यह निर्यात केंद्रित मूल्य श्रृंखला बनाने और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करने में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की बढ़ती भूमिका को दिखाता है। एपीडा, बाजार तक पहुंच को मजबूत करने और किसान समूहों को निर्यात के अवसरों से जोड़ने वाली पहलों के जरिए एफपीओ/एफपीसी और निर्यातकों के बीच संबंध बनाने में मदद कर रहा है।
खेती के उत्पादों को प्रसंस्करण और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर, एफपीओ-आधारित मॉडल उत्पादकों को बेहतर लाभ अर्जित करने और निर्यात मूल्य श्रृंखला में किसान समूहों की भागीदारी को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एपीडा, भारतीय कृषिगत एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए बाजार से जुड़ाव और निर्यात के अवसर बनाने में मदद करता है। साथ ही, यह किसान समूहों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने में भी सहयोग करता है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
JSSC CGL Scam: झारखंड SSC-CGL घोटाले के मामले में कार्रवाई जारी
JSSC CGL Scam: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी जेएसएससी सीजीएल में हुए बड़े धांधली कांड में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इस पूरे मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है. जांच एजेंसी ने इस नेटवर्क के सबसे प्रमुख और मोस्ट वांटेड एजेंट रितेश को बोकारो जिले के दुगदा इलाके से धर दबोचा है. रितेश की तलाश सीआईडी को लंबे समय से थी और वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था. सीआईडी की टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद सीधे रांची ले आई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.
30 अभ्यर्थियों को एक जगह जुटाकर रटवाए थे सवाल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रितेश ने परीक्षा से ठीक पहले लगभग 30 अभ्यर्थियों को एक गुप्त ठिकाने पर बुलाया था. वहां उसने इन सभी अभ्यर्थियों को पहले से लीक किए गए प्रश्न पत्र बांटे और उनके उत्तर पूरी रात रटवाए थे. इस काम के बदले आरोपी ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से मोटी रकम की सौदेबाजी की थी. प्रति अभ्यर्थी लाखों रुपये का सौदा तय हुआ था और बड़ी मात्रा में नकद व ऑनलाइन लेनदेन भी किया गया था. यह पूरा खेल इतनी चालाकी से रचा गया था कि किसी को कानों-कान खबर न हो सके, लेकिन सीआईडी की पड़ताल में धीरे-धीरे सभी तार जुड़ते चले गए.
कॉल डिटेल और बैंक खातों से खुलेगा लेन-देन का राज
सीआईडी अब गिरफ्तार आरोपी रितेश के तमाम डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों को खंगालने में जुट गई है. आरोपी के पास से जब्त मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दिन रितेश किन-किन लोगों के संपर्क में था. इसके अलावा आरोपी के तमाम बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है. सीआईडी का मुख्य मकसद उस पूरे मनी ट्रेल का पर्दाफाश करना है, जिसके जरिए अभ्यर्थियों से वसूला गया काला धन सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया गया था.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation












