CG SET 2026: 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा, 2 पालियों में होगी आयोजित, ये रहेंगे नियम, जानें अन्य डिटेल
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर (cgssb) द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा ( SET 26) का आयोजन 4 अक्टूबर 2026, रविवार को किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 10 बजे से 11.15 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक होगी।
परीक्षा 10 जिलों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, राजनांदगांव, धमतरी, कांकेर, जांजगीर-चांपा में आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से कम से कम दो घंटे पहले अपने परीक्षा केन्द्र पहुंचना होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केन्द्र में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
परीक्षा केन्द्रों में अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग (सुरक्षा जांच) के लिए एक पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाएगी। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सभी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया जा सकता है। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उसकी अभ्यर्थिता समाप्त की जा सकती है।
परीक्षा पैटर्न
- मोड: ऑफलाइन OMR, कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
- Paper-1: 50 प्रश्न, 100 अंक, समय 10:00 से 11:15 AM (सामान्य पेपर – टीचिंग एप्टीट्यूड, रीजनिंग, सामान्य जागरूकता)
- Paper-2: 100 प्रश्न, 200 अंक, समय 2:00 से 4:15 PM (आपके चुने हुए 30 विषयों में से एक)कुल: 150 प्रश्न, 300 अंक
परीक्षार्थी इन बातों का रखें ध्यान
- परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट निकालकर लाना होगा।
- प्रवेश पत्र के प्रत्येक पेज को केवल एक तरफ प्रिंट करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा के लिए व्यापम की प्रति परीक्षा केन्द्र में जमा की जाएगी।
- अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में उत्तर अंकित करने के लिए केवल काले या नीले बॉल पॉइंट पेन का उपयोग करना होगा।
- परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे तथा परीक्षा समाप्ति के अंतिम आधे घंटे में किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- प्रवेश पत्र के साथ अभ्यर्थी को फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र भी अनिवार्य रूप से लाना होगा।
- पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड में से कोई एक मूल दस्तावेज मान्य होगा।
- मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी।
- यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र में अभ्यर्थी का फोटो प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो अभ्यर्थी को अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लेकर परीक्षा केन्द्र पहुंचना होगा।
परीक्षा केन्द्र में इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त ड्रेस कोड और प्रतिबंध लागू किए गए हैं। खास करके हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर अनावश्यक सामान लेकर नहीं आने की सलाह दी गई है
- काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी एवं गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनकर परीक्षा केन्द्र आने की अनुमति नहीं होगी।
- फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना भी वर्जित रहेगा।
- परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक पहनकर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सामान्य समय से पहले परीक्षा केन्द्र पर रिपोर्ट करना होगा। ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
अनूपपुर में EVM गायब मिलने से सियासी बवाल, कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग, पढ़ें पूरी खबर
देश में एक ओर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाने की बात कह रहे हैं। तो वहीं, मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से EVM से जुड़ा एक मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहडोल संभाग के अनूपपुर में EVM मशीनों के गायब होने की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर अब जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और EVM के रखरखाव एवं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि अनूपपुर में पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने EVM वेयरहाउस से 24 EVM मशीनें गायब मिली हैं। इनमें 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। इस मामले में सियासी बवाल शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने हाथों में EVM चोर गद्दी छोड़ के बैनर और जुबां पर तीखे सवाल लेकर सरकार को घेरा एवं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की
बता दें कि इस मामले में अनूपपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू सिंह चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में EVM को लेकर जो सवाल और शंकाएं सामने आई हैं, उनका जवाब निष्पक्ष जांच के जरिए मिलना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के वोट और जनादेश की पवित्रता सर्वोपरि है। गुड्डू सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर चुप नहीं बैठेगी। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वास्तविकता जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर निर्वाचन जैसी संवेदनशील सामग्री वेयरहाउस से गायब कैसे हो गई? मामला सामने आने के बाद अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गायब मशीनों के सीरियल नंबर, रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वेयरहाउस से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मशीनें आखिरी बार कहां दर्ज थीं और वे कब से गायब हैं।
क्या है पूरा मामला?
अनूपपुर के पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने EVM वेयरहाउस से 24 मशीनें गायब मिलने का मामला सामने आया है। इनमें 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल बताई जा रही हैं। वहीं, 20 अगस्त को ठेकेदार ने खुले में पड़ी EVM की सूचना तत्कालीन SDM को दी थी। वेयरहाउस की पिछली दीवार टूटी होने से इसी रास्ते से मशीनें बाहर ले जाने की आशंका जताई जा रही है। 21 सितंबर को EVM को नए तहसील कार्यालय में शिफ्ट किया गया था। 24 से 28 सितंबर के बीच सत्यापन में 24 EVM कम मिलीं, हालांकि मशीनें कब और कैसे गायब हुईं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि अनूपपुर में EVM चोरी की खबर ऐसे समय सामने आई है जब मध्य प्रदेश में 29 सितंबर को पंचायत उपचुनाव के तहत 103 पदों पर मतदान हुआ था। इन पदों में 79 सरपंच, 15 जनपद पंचायत सदस्य, 5 जिला पंचायत सदस्य और 4 पंच पद शामिल थे। प्रदेश में पंचायत उपचुनाव की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग पदों पर मतदान कराया गया था। अनूपपुर जिले की बात करें तो चार जनपद पंचायतों में 13 पंच पदों के लिए चुनाव होना था। इनमें 10 पदों पर मतदान हुआ, जबकि 3 पद खाली रह गए। पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की बिजौरा वार्ड-3, बेंदी वार्ड-18 और गिरारी वार्ड-10 सीटों पर एक भी नामांकन नहीं आया था। इसी बीच पुराने EVM वेयरहाउस से मशीनों के गायब होने का मामला सामने आया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News











