अमेरिका जाने से पहले जयशंकर की अहम मीटिंग, अमेरिकी राजदूत बोले- 'डिफेंस में दिखेगा दम'
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर के बीच दिल्ली में एक अहम मुलाकात हुई. जयशंकर के अमेरिका दौरे से ठीक पहले हुई इस मीटिंग में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई. मुलाकात के बाद डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की.
उन्होंने बताया कि सर्जियो गोर के साथ उनकी बातचीत बहुत अच्छी रही और इसमें भारत-अमेरिका पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई. जयशंकर ने भरोसा जताया कि गोर के राजदूत बनने से दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे.
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस मीटिंग को काफी 'सीरियस' और 'काम का' बताया. उन्होंने बताया कि बातचीत सिर्फ हाथ मिलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें डिफेंस, ट्रेड और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे जरूरी मुद्दों पर डिटेल में चर्चा हुई. गोर ने कहा कि दोनों देश अपने कॉमन इंटरेस्ट यानी साझा हितों के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.
जयशंकर का वाशिंगटन दौरा
यह मुलाकात इसलिए भी जरूरी है क्योंकि डॉ. जयशंकर अगले हफ्ते वाशिंगटन डीसी जा रहे हैं. फरवरी की शुरुआत में होने वाले इस दौरे में वह एक बड़ी मीटिंग में हिस्सा लेंगे. 4 फरवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक खास 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल' होस्ट कर रहे हैं, जिसमें जयशंकर भारत की तरफ से शामिल होंगे.
कौन हैं सर्जियो गोर?
सर्जियो गोर ने इसी साल 12 जनवरी को भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत के रूप में कमान संभाली है. भारत आने से पहले वह व्हाइट हाउस में काफी ऊंचे पदों पर रहे हैं. वह अमेरिकी राष्ट्रपति के असिस्टेंट और 'डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल' के तौर पर काम कर चुके हैं, जिससे उनके अनुभव का फायदा भारत-अमेरिका के रिश्तों को मिलेगा.
10 साल का डिफेंस समझौता
रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों की नजदीकी बढ़ रही है. गोर ने याद दिलाया कि पिछले साल भारत और अमेरिका ने एक 10 साल का डिफेंस पैक्ट साइन किया था. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज जारी रहेंगी और हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है.
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Mood Of the Nation Survey: आज चुनाव हुए तो किसके सिर सजेगा ताज, एनडीए और इंडिया गठबंधन की क्या होगी स्थिति?
Mood of the Nation Survey: देश की सियासत को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सी-वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे ने संकेत दिए हैं कि अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएं, तो राजनीतिक तस्वीर 2024 के मुकाबले काफी बदली हुई नजर आ सकती है. सर्वे के नतीजे बताते हैं कि सत्ता की कुर्सी पर एक बार फिर बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए मजबूती से काबिज हो सकता है.
एनडीए को भारी बढ़त, बीजेपी की सीटें बढ़ने का अनुमान
सर्वे के मुताबिक, एनडीए को कुल 352 लोकसभा सीटें मिलने का अनुमान है. इनमें अकेले बीजेपी के खाते में 287 सीटें जा सकती हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में बड़ा उछाल माना जा रहा है. यह आंकड़ा बीजेपी को अपने दम पर स्पष्ट बहुमत के करीब ले जाता दिखता है, जबकि 2024 में पार्टी को इसके लिए सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ा था.
इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस की सीटें घटने की आशंका
वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के लिए यह सर्वे ज्यादा उत्साहजनक नहीं है. सर्वे के अनुसार, इंडिया गठबंधन को कुल 182 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस की स्थिति में खास गिरावट का अनुमान जताया गया है. पार्टी की सीटें 99 से घटकर 80 तक सिमट सकती हैं. अन्य दलों के खाते में महज 9 सीटें जाने की संभावना है, जो यह दर्शाता है कि मुकाबला मुख्य रूप से दो बड़े गठबंधनों के बीच सिमटता जा रहा है.
वोट प्रतिशत में भी एनडीए आगे
अगर वोट शेयर की बात करें तो एनडीए को 47 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि इंडिया गठबंधन को 39 फीसदी वोट मिल सकते हैं. अन्य दलों के खाते में करीब 14 फीसदी वोट जाने की संभावना जताई गई है. यह अंतर बताता है कि एनडीए न सिर्फ सीटों में बल्कि जनसमर्थन के स्तर पर भी विपक्ष से आगे दिखाई दे रहा है.
2024 के मुकाबले बदला राजनीतिक समीकरण
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला था. उस समय एनडीए ने कुल 293 सीटें जीती थीं, जिनमें बीजेपी को 240, टीडीपी को 16 और जेडीयू को 12 सीटें मिली थीं. दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन ने 233 सीटों पर जीत दर्ज की थी. उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी को उस चुनाव में नुकसान झेलना पड़ा था.
राज्य चुनावों से बदला माहौल
हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों ने राजनीतिक माहौल बदल दिया. झारखंड को छोड़कर लगभग सभी राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगियों की सरकार बनी. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई, जिससे पार्टी का आत्मविश्वास और बढ़ा है.
क्या ये रुझान चुनाव तक टिकेंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे मौजूदा माहौल की तस्वीर जरूर दिखाता है, लेकिन चुनाव तक कई समीकरण बदल सकते हैं. फिर भी, मौजूदा संकेत यह जरूर बताते हैं कि अगर आज वोटिंग हुई, तो एनडीए एक बार फिर सत्ता में लौटने की मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है.
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