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Flydubai विमान के घायल कैप्टन Smit Machhar से PM Modi ने की बात, बहादुरी को सराहा

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी, सूझबूझ और असीम धैर्य की जमकर सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि हिंदुस्तानी दूसरों की जान लेने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं। कैप्टन स्मित ने इजराइल जा रहे ‘फ्लाईदुबई’ विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था। प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से फोन पर बातचीत की।

बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में सह-पायलट ने मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस उड़ान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। प्रधानमंत्री ने पायलट के साहस और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि मच्छार ने बेहद कम समय में सही फैसला लिया और इतने लोगों की जान बचा ली।

मोदी ने वीडियो कॉल के दौरान कहा, ‘‘देश गर्व से कह सकता है कि कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालने वाले लोग हैं। आप अपने शरीर पर इतना बड़ा घाव झेल रहे थे और स्वयं जीवन-मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।

इसीलिए मैं हदय से गर्व अनुभव कर रहा हूं।’’ मच्छार अस्पताल में बिस्तर पर थे और उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी। कैप्टन ने इस घटना के अपने अनुभव और मुश्किल परिस्थिति में साहस जुटाने के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। मच्छार ने कहा कि वह 17 साल से विमान उड़ा रहे हैं और बतौर कैप्टन उनका अनुभव 11 साल का है।

उन्होंने कहा कि सह-पायलट के साथ हाथापाई के दौरान उनके अनुभव ने ही उन्हें अहसास कराया कि अगर वह उस वक्त जरा भी चूके, तो विमान का क्या हश्र होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं घायल हालत में (कॉकपिट के) फर्श पर पड़ा था। मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सही कदम उठाया और विमान को सुरक्षित बचा लिया।’’ मच्छार ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी वह किसी संकट में होते हैं, तो ‘‘हनुमान चालीसा’’ का पाठ करते हैं और उस घड़ी में भी उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया।

जब प्रधानमंत्री ने इस पर प्रसन्नता जताई, तो पायलट ने जवाब दिया, ‘‘मैं देश से दूर हूं, अपनी संस्कृति से नहीं।’’ मोदी ने पायलट से कहा कि उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए देशभर के मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं और कई भारतीय महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक बहादुर इंसान हैं। भारत आपका स्वागत करने का इंतजार कर रहा है।’’ मच्छार ने इस घटना को अपने जीवन की यात्रा का एक हिस्सा बताया और विश्वास जताया कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

मुंबई में जन्मे और मूल रूप से गुजरात के निवासी कैप्टन मच्छार इस बातचीत के दौरान भावुक हो गए और कहा कि प्रधानमंत्री से बात करना उनके लिए बेहद खास पल है। उन्होंने मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि वे उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और मोदी का फोन आना उनके लिए अत्यंत गर्व की बात है।

उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा। मोदी ने मच्छार की मां गीता बेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे का पालन-पोषण ‘भगवद गीता’ के संस्कारों और शिक्षाओं के साथ किया है। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि भारत और दुनिया भर के लोग उनसे बात करने के लिए उत्सुक हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘आपने देश का मान बढ़ाया है।’’ पायलट ने कहा कि अस्पताल में उनका बेहतरीन इलाज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के उचित इलाज और देखभाल करने के लिए सऊदी अरब और यूएई की सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज गांधी जयंती है।

आपने दुनिया को दिखाया है कि ‘अहिंसा’ का सही अर्थ क्या होता है।’’ मूल रूप से गुजरात के निवासी कैप्टन मच्छार से प्रधानमंत्री ने कुछ देर गुजराती में भी बातचीत की। बाद में मोदी ने इस वीडियो कॉल के बारे में ‘एक्स’ पर पोस्ट भी किया। इसके पहले, प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद और अत्यंत संकट के क्षणों में भी मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

मोदी ने कहा था कि मच्छार एक ‘‘नायक’’ हैं और उनके पराक्रम ने सैकड़ों लोगों की जान बचाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। प्रधानमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि फ्लाईदुबई विमान के पायलट ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और बहादुरी दिखाई। उन्होंने कहा था, ‘‘जैसा कि इजराइल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) ने भी कहा कि इस भारतीय सपूत ने 9/11 जैसी भयानक साजिश को नाकाम कर दिया।

स्मित की इस बहादुरी से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।’’ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा था कि एक इजराइली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद एक यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहे और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था। दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे।

इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

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मतदाता सूची से मृत और गैर-भारतीयों के नाम हटने चाहिए: Shivraj Singh Chouhan

पणजी, दो अक्टूबर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि मृत लोगों और गैर भारतीयों के नाम मतदाता सूची में नहीं रहने चाहिए। गोवा सरकार द्वारा पोंडा में आयोजित ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने एसआईआर पर उठाई जा रही आपत्तियों पर सवाल किया। चौहान ने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया, “अगर मतदाता सूची में कोई गलत नाम है, अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, तो क्या उसका नाम मतदाता सूची में रहना चाहिए?

क्या उसे हटा देना चाहिए? अगर कोई भारत का नागरिक नहीं है, तो क्या उसका नाम मतदाता सूची में रहना चाहिए?” चौहान ने यह टिप्पणी एसआईआर को लेकर जारी राजनीतिक बहस और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावों के बीच आई है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।” केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब वह चुनाव हारती है, तो निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, जबकि चुनाव जीतने पर वह चुनाव प्रक्रिया को स्वीकार करती है।

उन्होंने कांग्रेस के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने लोकतंत्र को कमजोर किया था। चौहान ने कहा, “लोकतंत्र खतरे में नहीं है। अगर किसी ने लोकतंत्र को कुचलने का पाप किया था, तो वह कांग्रेस थी।

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डिब्बे बनाने वाले की बिटिया का स्वर्णिम निशाना, 4 दशक का सूखा खत्म कर रचा इतिहास, बनीं एशियन चैंपियन

Kumkum Mahod father makes cardboard boxes: महाराष्ट्र की कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए महिला इंडिविजुअल रिकर्व में भारत को 48 साल बाद पहला पदक और सीधा स्वर्ण दिलाया है. कभी अपनी दादी के 3000 रुपये से साधारण लकड़ी का धनुष खरीदने वाली कुमकुम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाज को शूट-ऑफ में 6-5 से मात दी. एक सेकंड-हैंड धनुष और सीमित संसाधनों के बावजूद, कुमकुम का यह सफर उनके और उनके पिता के कड़े संघर्ष की शानदार मिसाल है. इस गेम्स में यह उनका दूसरा स्वर्ण है. Sat, 3 Oct 2026 09:10:50 +0530

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West Bengal: Dilip Ghosh ने Captain Smith Macchar की बहादुरी की तारीफ की l Hero Pilot #tmktech #vivo #v29pro
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