गोवा में कैब ड्राइवर की नहीं रुक रही है मनमानी, सामने आया ये वीडियो
गोवा के टूरिज्म और टैक्सी ड्राइवरों के व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है. एक युवती ने वीडियो शेयर कर अपने साथ हुई आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने कैब स्कैम और बदसलूकी का दावा किया है.
क्या है पूरा मामला?
एक युवती गोवा के सियोल (Siolim) इलाके में रुकी हुई थी. उसे वहां से साउथ गोवा जाना था, जिसकी दूरी करीब 50 से 60 किलोमीटर थी. जब उसने एक लोकल टैक्सी ड्राइवर से किराया पूछा, तो ड्राइवर ने 2500 रुपये की मांग की. युवती ने जब ऑनलाइन ऐप पर चेक किया, तो वही सफर 1500 रुपये में दिख रहा था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई.
बदतमीजी फिर अजीबोगरीब कमेंट्स
युवती का आरोप है कि जैसे ही उसने ड्राइवर से कहा कि वह ज्यादा पैसे मांग रहा है, ड्राइवर अपना आपा खो बैठा. युवती के मुताबिक, ड्राइवर ने बहुत ही गंदी भाषा का इस्तेमाल किया और यहां तक कह दिया कि 200 रुपये भीख में रख लो और जो बीमारी हमें है, वो तुम्हें लग जाए. ड्राइवर के इस बर्ताव ने युवती को काफी डरा और परेशान कर दिया.
लोकल लोगों को बुलाकर डराने की कोशिश
बात सिर्फ बहस तक नहीं रुकी. आरोप है कि ड्राइवर ने कुछ लोकल लोगों को इकट्ठा कर लिया और युवती पर दबाव बनाने लगा कि उसे उसी की टैक्सी से जाना होगा. जब युवती ने कहा कि वह ऑनलाइन कैब बुक करेगी, तो ड्राइवर ने धमकी दी कि वह इस इलाके में किसी भी ऑनलाइन कैब को घुसने नहीं देगा.
पीछा किया और डराया
हालात तब और खराब हो गए जब युवती वहां से जाने लगी. उसका दावा है कि टैक्सी ड्राइवर और एक स्कूटी सवार युवक उसका पीछा करने लगे. डर के मारे युवती ने 'गोवा माइल्स' (ऑनलाइन कैब सर्विस) के ड्राइवर को फोन किया और पूरी स्थिति बताई. कैब ड्राइवर ने हिम्मत दिखाई और सही लोकेशन पर पहुंचकर युवती को वहां से सुरक्षित निकाला.
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग गोवा प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं. टूरिस्ट्स का कहना है कि गोवा में टैक्सी ड्राइवरों की मनमानी और 'गुंडागर्दी' बढ़ती जा रही है, जिससे वहां आने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं.
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नेपाल चुनाव को लेकर तैयारियों के बीच भारत ने भेजी मदद की दूसरी खेप
काठमांडू, 29 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाल में 5 मार्च 2026 को चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में भारत की तरफ से चुनाव के सकुशल आयोजन के लिए मदद भेजी जा रही है। भारत ने चुनाव से जुड़ी मदद की दूसरी खेप नेपाल को वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल की मौजूदगी में सौंपा। भारत की तरफ से मदद का दूसरी खेप नेपाल में भारतीय दूतावास के प्रभारी डॉ. राकेश पांडे ने गुरुवार को काठमांडू में वित्त मंत्रालय में हुए एक सेरेमनी के दौरान सौंपी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत ने मदद की दूसरी खेप में नेपाल सरकार को 250 से ज्यादा गाड़ियां सौंपीं। नेपाल में होने वाले आगामी चुनाव से पहले अंतरिम सरकार की ओर से मदद मांगी गई थी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और दोस्ताना रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने सप्लाई के लिए भारत सरकार और लोगों को धन्यवाद भी दिया और आने वाले चुनाव की तैयारियों में उनकी अहमियत की सराहना भी की।
भारत सरकार की तरफ से चुनाव से जुड़ी मदद का पहला हिस्सा 20 जनवरी को नेपाल को सौंपा गया था। आने वाले हफ्तों में अगले बैच में और डिलीवरी होने की उम्मीद है।
भारत की तरफ से चल रहा सहयोग और समर्थन न सिर्फ दोनों देशों के बीच मौजूद कई तरह की और कई सेक्टर वाली विकास साझेदारी को दिखाता है, बल्कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे आपसी भरोसे और दोस्ती को भी दिखाता है।
नेपाल में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भारत की तरफ से चुनाव से जुड़ी मदद का दूसरा हिस्सा, जिसमें 250 से ज्यादा एसयूवी और डबल-कैब पिकअप शामिल हैं, आज नेपाल सरकार को डॉ. राकेश पांडे ने वित्त मंत्री रमेशोर प्रसाद खनल और कार्यवाहक चीफ इलेक्शन कमिश्नर राम प्रसाद भंडारी की मौजूदगी में औपचारिक तौर पर सौंपा। नेपाल सरकार की अपील पर भारत सरकार आने वाले चुनावों की तैयारियों के लिए गाड़ियां और दूसरा सामान तोहफे में दे रही है।
नेपाल में सितंबर 2025 में तब की केपी ओली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पूरी दुनिया में इस विरोध प्रदर्शन को जेनजी आंदोलन के नाम से जाना जाता है। जेनजी आंदोलन के तहत केपी ओली की सरकार गिरा दी गई। जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान भारी हिंसा देखने को मिला।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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