Election Commission के खिलाफ प्रदर्शनों पर Derek O Brien ने महात्मा गांधी को किया याद
तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव डेरेक ओ’ब्रायन ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के महत्व को रेखांकित किया। ओ’ब्रायन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गांधी के सार्वजनिक संस्थानों को लेकर विचार साझा करते हुए कहा, ‘‘गांधी जयंती पर, निर्वाचन आयोग के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन शुरू होने के बीच महात्मा के कुछ महत्वपूर्ण शब्द।’’ ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के नेता ने गांधी के उद्धरण का हवाला देते हुए कहा, ‘‘सार्वजनिक संस्था का अर्थ ऐसी संस्था है जो जनता की स्वीकृति से और जनता के धन से संचालित होती है। जब ऐसी संस्था को जनता का समर्थन मिलना बंद हो जाता है, तो वह अपने अस्तित्व का अधिकार खो देती है।’’ ब्रायन का यह पोस्ट निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई में विरोध-प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आया है।
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दिल्ली में नेताओं और छात्र संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) ने कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
Lieutenant General Akhilesh Kumar ने संभाली Mathura स्थित First Corps के GOC की कमान
अलग-अलग इलाकों एवं अभियानगत माहौल में काम करने का खास और दुर्लभ अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने एक अक्टूबर को मथुरा स्थित प्रथम कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) का पदभार संभाल लिया। सेना ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन का स्थान लेंगे।
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उन्होंने एक अक्टूबर को प्रथम कोर का पदभार संभाला। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सेना मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल कुमार सैनिक स्कूल, तिलैया और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 13 जून 1992 को राजपूताना राइफल्स की चौथी बटालियन में शामिल किया गया था।
उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एमएससी और उस्मानिया विश्वविद्यालय से प्रबंधन अध्ययन में मास्टर डिग्री हासिल की है। बयान में कहा गया है, ‘‘अधिकारी को अलग-अलग तरह के इलाकों और अभियानगत माहौल में काम करने का खास और बेहतरीन अनुभव है, जिसमें नियंत्रण रेखा (एलओसी) और जम्मू कश्मीर में उग्रवाद-विरोधी और आतंकवाद-विरोधी अभियान शामिल हैं।’’ उन्होंने 34 वर्ष से अधिक के अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान अपनी मूल इकाई राजपूताना राइफल्स की चौथी बटालियन की कमान संभालने के अलावा जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स के एक सेक्टर के कमांडर और स्ट्राइक कोर के तहत एक इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी काम किया है। बयान में कहा गया है, ‘‘अधिकारी ने कई अहम और प्रतिष्ठित पदों पर काम किया है, जिनमें ‘रैपिड’ के कर्नल जनरल स्टाफ, मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी और एडजुटेंट जनरल ब्रांच में ब्रिगेडियर डिसिप्लिन एंड विजिलेंस (ए) शामिल हैं।’’ सेना ने बताया कि प्रथम कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का पदभार संभालने से पहले वह एडजुटेंट जनरल ब्रांच में अतिरिक्त महानिदेशक, अनुशासन एवं सतर्कता के पद पर कार्यरत थे।
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देश की सेवा के प्रति उनके दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ समर्पण के लिए उन्हें सेना मेडल (विशिष्ट) और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही, उनके बहुमूल्य योगदान के लिए दक्षिण-पश्चिमी कमान ने उन्हें ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ प्रशस्ति पत्र’ से सम्मानित किया है।
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