इस राज्य ने दो बकाया DA जारी करने का दिया आदेश, एरियर को लेकर क्या हुआ फैसला?
DA hike News: इस राज्य के कर्मचारियों को दो बकाया डीए मिलने जा रहा है। तेलंगाना सरकार के कैबिनेट ने इसका अप्रूवल दे दिया है।
विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: SIR के बाद छूटे वोटरों के लिए चलेगा विशेष अभियान, EC घर-घर जाकर जोड़ेगा नाम
देश में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार वोट देने वाले युवाओं के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और पात्र लोगों को फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करेंगे।
आयोग के 1 अक्टूबर 2026 के निर्देश के मुताबिक, बीएलओ प्री-एसआईआर मतदाता सूची और मौजूदा मतदाता सूची की तुलना करेंगे। इस दौरान ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पहले की मतदाता सूची में था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है। इसके अलावा पहली बार मतदान के पात्र हुए युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को भी इस विशेष अभियान में शामिल किया जाएगा।
Special drive in States/UTs after completion of Special Intensive Revision (SIR)
— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 2, 2026
Commission has instructed to undertake a special drive for enrolment of left-out and first time/young electors.
Read in detail ???? pic.twitter.com/s80LByssWx
एसआईआर के बाद छूटे नामों की होगी पहचान
चुनाव आयोग के निर्देश में कहा गया है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाताओं की सूची तैयार की थी।
अब विशेष अभियान के दौरान मौजूदा मतदाता सूची की तुलना प्री-एसआईआर सूची से की जाएगी।
इससे ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी:
- जिनका नाम प्री-एसआईआर सूची में था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है।
- जो एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए।
- जो पहली बार मतदान के पात्र हुए हैं।
- ऐसे युवा और अन्य पात्र नागरिक जिनका नाम अभी मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
आयोग ने कहा है कि विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
घर-घर जाएंगे बीएलओ
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात घर-घर जाकर सत्यापन है।
बीएलओ संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे। यदि व्यक्ति पात्र पाया जाता है तो उसके नाम को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कराने में सहायता की जाएगी।
आयोग ने बीएलओ को प्रति सप्ताह करीब 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का लक्ष्य दिया है। पूरी कवायद को लगभग एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फॉर्म-6 भरवाने का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा
बीएलओ विशेष अभियान के दौरान तैयार की गई सूची में प्रत्येक संबंधित मतदाता की वर्तमान स्थिति दर्ज करेंगे। जिन मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 भर दिया जाएगा, उनके नाम के सामने इसकी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
इसके बाद सूची को भरे गए फॉर्म-6 और मैदानी सत्यापन रिपोर्ट के साथ संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी यानी ईआरओ को सौंपा जाएगा। अंतिम कार्रवाई ईआरओ द्वारा संबंधित कानून और नियमों के तहत की जाएगी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी मिलेगी सूची
चुनाव आयोग ने विशेष अभियान में राजनीतिक दलों की भागीदारी का भी प्रावधान रखा है। बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा।
अभियान पूरा होने के बाद बूथवार सूची भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने में उन्हें भी सहयोग का अवसर मिल सके।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं पर भी फोकस
यह विशेष अभियान केवल उन लोगों के लिए नहीं है जिनके नाम एसआईआर के बाद मतदाता सूची में नहीं रहे। आयोग ने पहली बार वोट देने वाले और युवा पात्र मतदाताओं को भी अभियान में शामिल किया है। बीएलओ घर-घर अभियान के दौरान ऐसे पात्र युवाओं की पहचान होने पर उनका भी फॉर्म-6 भरवाने में सहयोग करेंगे।
बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे
चुनाव आयोग ने नामांकन की सुविधा के लिए बूथ लेवल कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों तक विशेष रूप से पहुंचने के लिए कैंप लगाए जा सकते हैं जो सामान्य परिस्थितियों में मतदाता पंजीकरण केंद्रों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
इनमें शामिल हैं:
- नाइट शेल्टर में रहने वाले लोग
- मजदूर कॉलोनियों में रहने वाले लोग
- बेघर नागरिक
- वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोग
स्कूल-कॉलेज और स्थानीय स्तर पर चलेगा जागरूकता अभियान
आयोग ने अधिकारियों को केवल मतदाता सूची अपडेट करने तक सीमित नहीं रहने को कहा है। शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय आउटरीच, स्वीप गतिविधियों और प्रेस ब्रीफिंग के जरिए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के अवसर की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब एक महीने तक चलेगी कवायद
आयोग ने इस विशेष अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसकी निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और चुनाव पंजीकरण अधिकारी के स्तर पर की जाएगी।
इसका उद्देश्य एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नामांकन का अवसर देना है।
आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। यानी कोई पात्र व्यक्ति अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है या किसी वजह से उसका नाम हट गया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामांकन के लिए आवेदन कर सकता है।
विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें नामांकन में सहायता उपलब्ध कराना है।
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