इस सरकारी बैंक ने बदले डेबिट कार्ड और ATM से जुड़े नियम, 1 सितंबर से होंगे लागू, यहाँ जानें डिटेल
केनरा बैंक पब्लिक सेक्टर प्रमुख बैंकों में से एक है। यदि आपका भी अकाउंट इस बैंक में है, तो आपके लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। बैंक ने डेबिट कार्ड और एटीएम से संबंधित नियमों (Debit Card Rules) में बदलाव किया है। कुछ सेवाओं के लिए शुल्क में वृद्धि, तो कुछ के लिए कटौती की गई है। इसकी जानकारी बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है।
डेबिट कार्ड इश्यूएंस शुल्क में बदलाव किया गया है। फ्री लिमिट से अधिक के लिए ग्रीन पिन रीजेनरेशन शुल्क में कटौती की गई है। 1 सितंबर से ग्राहकों ग्रीन पिन रीजेनरेट करने के लिए केवल 5 रुपये प्लस जीएसटी का भुगतान चार्ज के रूप में करना होगा। वर्तमान में अलग-अलग कार्ड वेरिएंट क्लासिक/स्टैंडर्ड, प्लेटिनम, बिजनेस और सिलेक्ट/वर्ल्ड डेबिट कार्ड के लिए ग्राहकों को 23 रुपये शुल्क का का भुगतान करना पड़ता है।
यहाँ देखें नोटिफिकेशनATM से जुड़े नए नियम
ATM ट्रांजेक्शन संबंधित सर्विस चार्ज में भी बदलाव किए गए हैं। केनरा बैंक के एटीएम से अब ग्राहकों को एक कैलेंडर महीने में केवल 5 फ्री ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी। वर्तमान में फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट 6 है। यह बदलाव केवल सेविंग बैंक अकाउंट होल्डर्स पर ही लागू होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रांजेक्शन की अधिकतम सीमा अभी भी 8 रहेगी।
सीमा से अधिक ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज
केनरा बैंक के एटीएम से लिमिट से अधिक वित्तीय लेनदेन होने पर अब अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। चार्ज को बढ़ाकर 23 रुपये+जीएसटी कर दिया है, जो 1 सितंबर से लागू होगा। वर्तमान में शुल्क 20 रुपये प्लस जीएसटी है। इसमें यूपीआई कैश विड्रोल को भी शामिल किया गया है। नॉन फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए कोई बदलाव नहीं किया है।
फ्री लिमिट से अधिक ट्रांजेक्शन करने पर यदि ग्राहकों के खाते में पर्याप्त राशि नहीं रहती है, तो ऐसी स्थिति में अब 23 रुपये प्लस जीएसटी का भुगतान चार्ज के रूप में करना होगा। वर्तमान में शुल्क 17 रुपये प्लस जीएसटी है। 1 सितंबर से यह बदलाव केनरा बैंक के साथ-साथ अन्य बैंकों के एटीएम से जुड़े लेनदेन पर भी लागू होगा।
यहाँ देखें नोटिफिकेशनकर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार, 19 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ, देखें पूरी लिस्ट
बेंगलुरु में सोमवार को कर्नाटक कैबिनेट का विस्तार किया गया। इस विस्तार में संतोष लाड और बी नागेंद्र सहित 19 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। यह कैबिनेट विस्तार सियासी गलियारों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के प्रति वफादार नेताओं और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के समर्थकों के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
नई कैबिनेट में कुछ नए चेहरों को जगह मिली है, वहीं कांग्रेस ने अपने कई पुराने और प्रभावशाली नेताओं पर भी भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कई करीबी नेताओं को दोबारा मंत्री बनाया गया है, जो पार्टी के भीतर उनके प्रभाव को दर्शाता है।
कर्नाटक कैबिनेट में 33 पद भरे
हालांकि, इस विस्तार के दौरान एक अप्रत्याशित घटना भी सामने आई। महिला विधायक गायत्री शान्ते गौडा को शपथ नहीं दिलाई गई, जबकि उनका नाम शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों की सूची में शामिल था। मुख्यमंत्री सहित कर्नाटक में कुल 34 मंत्री पद हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद अब 33 स्थान भरे जा चुके हैं।
सूची में नाम फिर भी गायत्री शान्ते गौडा ने नहीं ली शपथ
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गायत्री शान्ते गौडा को शपथ न दिलाए जाने के पीछे एक कानूनी वजह है। यह मामला वर्ष 2021 में हुए चिकमंगलूर लोकल अथॉरिटी क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव से संबंधित है। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार प्राणेश को मात्र 6 वोटों से विजयी घोषित किया गया था। इस चुनावी परिणाम को गायत्री शान्ते गौडा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पिछले सप्ताह ही सर्वोच्च न्यायालय ने रीकाउंटिंग के आदेश दिए, जिसके आधार पर गायत्री शान्ते गौडा को विजयी घोषित किया गया। हालांकि, विधान परिषद के निर्धारित 6 साल के कार्यकाल का अधिकांश समय अब तक बीत चुका है। पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि कांग्रेस हाई कमान ने गायत्री का नाम मंत्री पद के लिए पहले ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन शपथ ग्रहण से ठीक पहले ली गई कानूनी सलाह के बाद उन्हें फिलहाल मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।
एक मंत्री पद को फिलहाल खाली रखा गया है, ताकि भविष्य में नाराज नेताओं को साधने का अवसर मिल सके। पूर्व सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रहीं लक्ष्मी हेब्बलाकर भी नाराज बताई जा रही हैं।
इन मंत्रियों ने ली मंत्री पद की शपथ
कैबिनेट विस्तार के दौरान शपथ लेने वाले 19 मंत्रियों की पूरी सूची इस प्रकार है: डॉ अजय सिंह (जेवर्गी), एचसी बालकृष्ण (मगडी), केएस बसवंतप्पा (मायाकोंडा), बसवराज रायरेड्डी (येलाबुर्गा), एन चालुवराय स्वामी (नागमंगला), लक्ष्मण सावदी (अथानी), मधु बंगारप्पा (सोरबा), एसएस मल्लिकार्जुन (दावणगेरे उत्तर), बी नागेंद्र (बल्लारी ग्रामीण), नरेंद्र स्वामी (मालवल्ली), सी पुत्तुरंगाशेट्टी (चामराजनगर), रुद्रप्पा लमानी (हावेरी), रिज़वान अरशद (शिवाजीनगर), टी रघुमूर्ति (चल्लाकेरे), संतोष लाड (कालाघाटगी), केएम शिवालिंगे गौड़ा (अरासिकेरे), शिवराज तंगदागी (कनकगिरि), विजयानंद कशप्पनवार (बगलाकोटे) और बीजेड ज़मीर अहमद खान (चामराजपेट)।
इससे पहले, 20 जुलाई से पहले शिवकुमार कैबिनेट के विस्तार की खबरें सामने आई थीं, जिसमें कई नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना थी। हालांकि, यह कार्यक्रम बाद में विलंबित हो गया था।
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