Responsive Scrollable Menu

EPFO New PF Rule 2026: 15 हजार से ₹25 हजार हुई PF की सीमा, आपकी इन-हैंड सैलरी पर क्या होगा असर?

EPFO New PF Rule 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नौकरीपेशा लोगों के हित में एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है. संगठन ने अनिवार्य भविष्य निधि कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को पुराने 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये कर दिया है. यह नया नियम अक्टूबर महीने से पूरी तरह लागू होने जा रहा है.

अब तक के नियमों के अनुसार अगर कोई कर्मचारी 20,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर नई नौकरी शुरू करता था, तो वह तय वैधानिक सीमा से बाहर रहता था. ऐसे कर्मचारियों के लिए पीएफ और पेंशन का खाता खुलना अनिवार्य नहीं था. अब नए बदलाव के बाद 25,000 रुपये तक कमाने वाले सभी नए कर्मचारी अनिवार्य रूप से इस सामाजिक सुरक्षा दायरे में शामिल हो जाएंगे.

भविष्य निधि का मिलेगा सुरक्षा कवच

सरकार का अनुमान है कि इस नए फैसले से देश भर के 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारियों को सीधे तौर पर भविष्य निधि का सुरक्षा कवच मिलेगा. जो कर्मचारी अब तक बिना किसी बचत और पेंशन योजना के काम कर रहे थे, उन्हें अब रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा फंड बनाने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही वे कर्मचारी पेंशन योजना के हकदार बनेंगे और कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना यानी ईडीएलआई के तहत मुफ्त जीवन बीमा का लाभ भी उठा सकेंगे. हालांकि, इसका सीधा असर हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा. अलग-अलग वेतन वर्ग के कर्मचारियों पर इस बदलाव का प्रभाव भी अलग देखने को मिलेगा.

20 हजार रुपये कमाने वालों की जेब पर असर

जिन कर्मचारियों का पीएफ वेतन 20,000 रुपये है, वे अब तक इस अनिवार्य नियम से बाहर चल रहे थे. नए नियमों के तहत अब ऐसे कर्मचारियों के वेतन से 12 प्रतिशत यानी 2,400 रुपये हर महीने ईपीएफ खाते के लिए कटेंगे. इतनी ही राशि यानी 2,400 रुपये कंपनी या नियोक्ता की ओर से भी जमा कराई जाएगी. कंपनी के इस अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा, जो लगभग 1,666 रुपये बनता है, वह कर्मचारी पेंशन योजना में जमा होगा. बाकी बचा हुआ 734 रुपये सीधे कर्मचारी के पीएफ खाते में जुड़ेगा.

इसके अलावा कंपनी को कर्मचारी के लिए ईडीएलआई योजना में भी 0.5 प्रतिशत का योगदान देना होगा, जिससे कर्मचारी को एक तय बीमा सुरक्षा मिल जाएगी. इस पूरे गणित को आसान भाषा में समझें तो 20,000 रुपये बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारी के हाथ में आने वाली मासिक सैलरी 2,400 रुपये कम हो जाएगी. शुरुआत में यह कटौती जेब पर भारी लग सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह कर्मचारी के रिटायरमेंट और परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी.

25 हजार रुपये वेतन पर कटौती का गणित

अब बात करते हैं 25,000 रुपये की पूरी सीमा पर काम करने वाले कर्मचारियों की. इस वर्ग में आने वाले कर्मचारियों का मासिक पीएफ अंशदान 12 प्रतिशत की दर से 3,000 रुपये बनेगा. इतना ही 3,000 रुपये का योगदान नियोक्ता की तरफ से भी दिया जाएगा. कंपनी के हिस्से में से 2,083 रुपये पेंशन खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे, जबकि शेष 917 रुपये भविष्य निधि खाते में जमा होंगे. साथ ही कंपनी की तरफ से 125 रुपये का बीमा अंशदान अलग से दिया जाएगा.

साफ है कि 25,000 रुपये कमाने वाले कर्मचारी के खाते से हर महीने 3,000 रुपये की बड़ी कटौती होगी. 20,000 रुपये कमाने वाले साथी के मुकाबले इस कर्मचारी की टेक-होम सैलरी में ज्यादा कमी आएगी. फिर भी इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी का अपना पीएफ फंड बहुत तेजी से बढ़ेगा और भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार होगा.

35 हजार रुपये वेतन वालों के लिए क्या हैं नियम

इस पूरे बदलाव में 35,000 रुपये मासिक कमाने वाले कर्मचारियों के लिए स्थिति थोड़ी अलग रहने वाली है. अगर किसी कर्मचारी का वेतन 35,000 रुपये है, तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसका 12 प्रतिशत यानी 4,200 रुपये पीएफ के रूप में कटेगा. नियम के अनुसार जहां वैधानिक सीमा लागू होती है, वहां कंपनी और कर्मचारी का अंशदान अधिकतम 25,000 रुपये की सीमा पर ही तय किया जा सकता है. ऐसे में 35,000 रुपये वेतन होने के बाद भी कटौती 3,000 रुपये तक ही सीमित रह सकती है.

इसके अलावा पेंशन अंशदान को लेकर भी स्थिति बदल सकती है. अगर कोई कर्मचारी पहले से तय नियमों के तहत पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं पाया जाता है, तो नियोक्ता का पूरा 12 प्रतिशत अंशदान सीधे पीएफ खाते में ही जमा कर दिया जाता है. इसलिए अधिक वेतन पाने वाले लोगों को अपनी सैलरी स्लिप और कंपनी की पॉलिसी को ध्यान से समझना बहुत जरूरी है.

सैलरी स्लिप जांचते समय इन बातों का रखें ध्यान

अक्टूबर से लागू हो रहे इस नियम के बाद सभी कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्लिप को बारीकी से देखना चाहिए. सिर्फ कुल वेतन देखकर संतुष्ट होने के बजाय यह जांचना जरूरी है कि पीएफ गणना के लिए मूल वेतन कितना माना गया है. हर कर्मचारी को यह देखना चाहिए कि उसके वेतन से ईपीएफ के नाम पर कितनी कटौती हुई है और कंपनी ने अपनी तरफ से कितना पैसा जमा कराया है.

इसके साथ ही पेंशन योजना और बीमा योजना के लिए जमा होने वाली राशि का सही विवरण भी सैलरी स्लिप पर दर्ज होना चाहिए. नए नियमों से भले ही हर महीने घर खर्च के लिए मिलने वाला नकद पैसा थोड़ा घट जाए, लेकिन ईपीएफओ का यह नया ढांचा कर्मचारियों को एक भरोसेमंद और सुरक्षित भविष्य देने का काम करेगा.

यह भी पढ़ें: EPFO के नए बदलाव के बाद इन-हैंड सैलरी पर कितना पड़ेगा असर? समझें पूरा हिसाब

Continue reading on the app

पीएम ई-ड्राइव योजना से 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को मिला समर्थन, चार्जिंग बुनियादी ढांचे का भी हुआ विस्तार

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत जून 2026 तक 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री संभव हुई है। इससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आई है, चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है और घरेलू विनिर्माण इकोसिस्टम मजबूत हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

11,900 करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन वाली इस योजना की अवधि बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी गई है। यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों की विभिन्न श्रेणियों और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे को समर्थन देती है।

सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, योजना के तहत 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा ई-बसों, चार्जिंग स्टेशनों और परीक्षण सुविधाओं को भी समर्थन दिया जा रहा है, जिससे पूरे भारत में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है।

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए करीब 4,391 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इनमें से अगस्त 2026 तक 14,000 ई-बसों का आवंटन किया जा चुका है।

करीब 13,800 ई-बसें सात शहरों—दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत—को आवंटित की गई हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों (ईवी पीसीएस) और परीक्षण एजेंसियों के अपग्रेड के लिए भी अनुदान सहायता उपलब्ध है।

देशभर में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। 28 सितंबर 2026 तक तीन तेल विपणन कंपनियों और 10 राज्यों में 8,147 चार्जर लगाने के लिए 851 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

इसके अलावा, वाहन परीक्षण एजेंसियों के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए 780 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

लक्षित नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहनों और सहायक उपायों के चलते देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ रही है।

यह योजना विभिन्न वाहन श्रेणियों और उनसे जुड़े घटकों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता प्रदान करती है।

इस योजना के दायरे में ई-2 व्हीलर (ई-2डब्ल्यू), ई-3 व्हीलर (ई-3डब्ल्यू), जिनमें पंजीकृत ई-रिक्शा और ई-कार्ट तथा एल5 श्रेणी के वाहन, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक, ई-बस, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और परीक्षण एजेंसियों का उन्नयन शामिल हैं।

पंजीकृत ई-2डब्ल्यू के लिए 2,500 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपए प्रति वाहन है। यह लाभ 1.5 लाख रुपए तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले वाहनों पर लागू होता है। इसके लिए कुल 2,767 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया गया है। योजना का लक्ष्य 45.79 लाख से अधिक पंजीकृत ई-2डब्ल्यू को समर्थन देना है।

सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, पंजीकृत ई-3डब्ल्यू (एल5) के लिए निर्धारित बिक्री लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और इस श्रेणी को 26 दिसंबर 2025 को बंद कर दिया गया। वहीं, ई-3डब्ल्यू (ई-रिक्शा और ई-कार्ट) के लिए समर्थन मार्च 2028 तक जारी रहेगा।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IND vs PAK: टॉस जीतकर भारत ने चुनी बैटिंग, श्रेयस अय्यर ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया

भारत vs पाकिस्तान एशियन गेम्स फाइनल लाइव 2026: आखिरकार वो घड़ी आ ही गई, जिसका तमाम क्रिकेट फैंस को बेसब्री से इंतजार था. एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान के खिलाफ पहले बल्लेबाजी चुनी है. टॉस के बाद श्रेयस अय्यर ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया. भारतीय टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में उतरे 11 खिलाड़ी ही गोल्ड मेडल जीतने उतरेंगे. टीम इंडिया डिफेंडिंग चैंपियन है, यानी पिछले एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट जबकि पाकिस्तानी टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में आजतक किसी भी इवेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा नहीं किया है. Sat, 3 Oct 2026 09:47:22 +0530

  Videos
See all

Spain Heavy Rain Flash Flood | मूसलाधार बारिश से तबाही! पानी में बह गईं गाड़ियां | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-03T04:07:27+00:00

UP News:Congress ने यूपी में इमरान मसूद को दी बड़ी जिम्मेदारी,मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-03T04:06:48+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers