सार्वजनिक जगहों पर उत्पात मचाने वालों पर शिवपुरी पुलिस की सख्ती, 7 को भेजा जेल
शिवपुरी में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। शहर भर में सभी गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। इसी कड़ी में सार्वजनिक स्थानों पर उत्पात करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अलग-अलग स्थान पर की गए कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इन सभी को पकड़ा है। पकड़ने के बाद इन सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह के करवाई जा रही रहने वाली है।
शिवपुरी पुलिस की सख्ती
शिवपुरी में चल रही इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए कोतवाली ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर शांति बनी रहे इसके लिए लगातार गश्त की जा रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों से जब सूचना मिल रही है कि लोग उत्पात मचाने या शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा रहा है। आगे भी ये कार्रवाई जारी रहेगी।
इन इलाकों में की गई कार्रवाई
कोतवाली थाना पुलिस की टीम की ओर से रेलवे स्टेशन, पानी की टंकी और फतेहपुर चौराहा के पास ये कार्रवाई की गई। यहां पर कुछ लोगों के उत्पात करने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने 45 वर्षीय कलाम आजाद, 42 वर्षीय चांद मोहम्मद, 43 वर्षीय इनामुल, 41 वर्षीय जाहिदुल हक, 28 वर्षीय अर्शद एसके, 31 वर्षीय कपिल राठौर और 40 वर्षीय एमडी फिरोज एसके को गिरफ्तार किया।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक चांद मोहम्मद, कलाम आजाद, एमडी फिरोज एसके, अर्शद एसके और जाहीदुल हक समस्तपुर, जिला मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वहीं कपिल राठौर शिवपुरी के ही फतेहपुर का रहने वाला है।
इन धाराओं में की गई कार्रवाई
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में सभी सात लोगों के खिलाफ धारा 170, 126, 135 (3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र में इनके व्यवहार के कारण लोगों में भय का वातावरण बन रहा था। यही वजह रही कि इनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
5 अक्टूबर से बदलेगा MP का मौसम, पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार, 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई संभव
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगी है। मौसम विभाग की मानें तो 10 अक्टूबर तक मानसून मध्य प्रदेश से विदा ले सकता है। इसकी शुरूआत सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से होगी। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से लौटेगा।
फिलहाल 4 अक्टूबर तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। हालांकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबूांदी हो सकती है।
इस मानसूनी सीजन में 4 फीसदी कम हुई बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है, जो कि अब खत्म हो चुका है। इस बार पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है,जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 4 फीसदी बारिश कम हुई।
पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 4% ज्यादा पानी गिरा लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई। इसी के चलते प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
भोपाल समेत 25 जिलों में हुई अच्छी बारिश
इस सीजन में बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां
- 48 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे पीछे लौटने (वापसी) के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
- पश्चिमी विक्षोभ, माध्य समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊँचाई के बीच उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में, जबकि इसके ऊपर मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई से गुजर रही है।
- ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के ऊपर बना अब माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के ऊपर स्थित है।
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