महिलाओं पर हिंसा रोकने को स्वीडन सरकार की नई पहल, पीएम क्रिस्टर्सन करेंगे ‘क्विनोफ्रिड’ परिषद की अगुवाई
हेलसिंकी, 29 जनवरी (आईएएनएस)। स्वीडन में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक नई पहल की है। इसके तहत प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने देश की सबसे बड़ी और सबसे डरावनी सामाजिक समस्याओं में से एक, महिलाओं के खिलाफ पुरुषों की हिंसा से निपटने की कोशिश की है।
स्थानीय समयानुसार बुधवार को स्टॉकहोम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि वह क्विन्नोफ्रिड (महिलाओं की शांति) पर एक नई मिनिस्टीरियल काउंसिल की अध्यक्षता करेंगे, जिसका मकसद सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना है।
क्रिस्टर्सन ने कहा यह नई पहल गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हिंसा, घरेलू हिंसा और तथाकथित सम्मान के नाम पर हिंसा से निपटेगी, जिसमें महिलाओं को उनके ही परिवार के सदस्य निशाना बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट पहले ही पैरोल नियमों को सख्त करने और बार-बार अपराध करने वालों के आकलन की प्रक्रिया को मजबूत करने का फैसला कर चुकी है।
सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा दिसंबर 2025 के अंत में फिर से सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गया, जब स्टॉकहोम के दक्षिणी इलाके रॉनिंगे और उत्तरी स्वीडन के शहर बोडेन में दो चर्चित घटनाएं सामने आईं।
इन मामलों के बाद यह सवाल फिर उठने लगा कि अधिकारी जोखिम का आकलन कैसे करते हैं और हिंसक अपराधियों से बार-बार जुड़े मामलों को कैसे संभालते हैं।
रॉनिंगे में 26 दिसंबर की रात एक 25 वर्षीय महिला के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। महिला का शव 27 दिसंबर को मिला, जिसके बाद मामले को हत्या में बदल दिया गया। वहीं, बोडेन में 25 दिसंबर 2025 को पुलिस को एक घर से कॉल मिली थी, जहां बाद में पुष्टि हुई कि एक महिला की अत्यधिक हिंसा के चलते मौत हो गई।
न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रोमर ने कहा, स्वीडन में एक महिला होना जानलेवा नहीं होना चाहिए। खतरनाक आदमियों को बंद कर देना चाहिए ताकि महिलाएं सार्वजनिक तौर पर सुरक्षित महसूस कर सकें।
क्विनोफ्रिड शब्द की स्वीडिश कानूनी परंपरा में गहरी जड़ें हैं। ऐतिहासिक बातें अक्सर इसे 13वीं सदी के शांति कानूनों से जोड़ती हैं, जिनका मकसद महिलाओं पर हमलों और किडनैपिंग को रोकना था।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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YRKKH: फिर जुदा होंगी अरमान-अभीरा की राहें, 8 साल के लीप के बाद एक वाणी तो दूसरा मायरा संग आएगा नजर
Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: टीवी के पॉपुलर सीरियल 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' सालों से दर्शकों के दिलों-दिमाग पर कब्जा करे हुए हैं. शो में आए दिन ऐसे-ऐसे ट्विस्ट देखने को मिलते हैं जो फैंस को सीरियल से बांधे रखते हैं. इन दिनों शो में अभीरा-अरमान की जिंदगी मायरा और वाणी के इर्द-गिर्द घूम रही है. इस बीच में शो में 8 साल का लीप आने वाला है और एक बार फिर से अभीरा अपनी बेटी मायरा और अरमान से जुदा हो जाएगी. तो चलिए जानते हैं अब शो की कहानी में क्या देखने को मिलेगा.
शो में आएगा 8 साल का लीप?
ये रिश्ता क्या कहलाता है में 8 साल का लीप आने वाले हैं. शो में अब मायरा और वाणी दोनों बड़े हो जाएंगे. वहीं, अभीरा और अरमान की राहें एक बार फिर से अलग हो गई है. शो का जो प्रोमो सामने आया है, उसमें सबसे पहले अभीरा को दिखाया गया है, जो एक गैराज में काम कर रही है. उसके साथ वाणी है, जिसका किरदार एक्ट्रेस सारा किल्लेदार निभा रही है. दोनों एक साथ गैराज में काम करके पैसा कमा रहे हैं और जिंदगी गुजार रहे हैं. दूसरी और अरमान के साथ मायरा है और एक बार फिर अभीरा अपनी बेटी से अलग है.
अभीरा से नफरत करेगी मायरा?
प्रोमो में आगे देखने को मिला है कि अरमान और मायरा पोद्दार हाउस में हैं और दोनों एक दूसरे के साथ बेहद खुश हैं. दादी सा को भी दिखाया गया है, जो अरमान से कहती हैं कि मायरा कही अपनी मां को भूल ना जाए, वहीं अरमान कहता है कि भूल जाएगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेदा. शो में आगे देखने को मिलेगा कि मायरा अभीरा से नफरत करेगी क्योंकि वो उसे छोड़कर वाणी के साथ रह रही है. वहीं, शो में कई अन्य नए कलाकारों की भी एंट्री हो सकती है.
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