Responsive Scrollable Menu

अब भारत में बनेंगे SJ-100 जेट, रूस-भारत के बीच फाइनल हुई डील: जानें- कैसे दक्षिण एशिया के लिए साबित हो सकता है मास्टरस्ट्रोक

रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) और भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में रूस के प्रसिद्ध सुपरजेट 100 (SJ-100) बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक करार 28–31 जनवरी तक चलने वाली विंग्स इंडिया 2026 अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रदर्शनी के पहले दिन हैदराबाद में किया गया। समझौते पर UAC के […]

Continue reading on the app

SIR पर सुनवाई, याचिकाकर्ता बोले- ECI मनमानी नहीं कर सकता:चुनाव अधिकारी अदालत नहीं जो नागरिकता तय करेंगे; अनपढ़ वोटर लिस्ट का फॉर्म कैसे भरेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव आयोग (ECI) को SIR प्रक्रिया में सभी राज्यों में नियमों का सही ढंग से पालन करना चाहिए। तमिलनाडु में जिन लोगों का नाम स्पेलिंग एरर के चलते काटा गया है। उनकी लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, सब-डिवीजन के तालुका ऑफिस और शहरी इलाकों के वार्ड ऑफिस में लगाई जाए। उधर याचिकाकर्ता की तरफ से पेश एडवोकेट प्रशांत भूषण ने दलील दी कि नई वोटर लिस्ट बनाने की कोशिश में महिलाओं के नाम कट रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। गरीब और कमजोर लोगों पर बोझ डाला गया। वोटर को खुद फॉर्म भरने की जिम्मेदारी दी गई है। जो अनपढ़ हैं या प्रवासी हैं वो फॅार्म नहीं भर पा रहे हैं। चुनाव आयोग मनमानी नहीं कर सकता है। चुनाव अधिकारी यह कैसे तय कर सकता है कि कोई नागरिक है या नहीं? वे कोई अदालत नहीं है। अगर विवाद हो तो जिरह का मौका मिलना चाहिए। कोर्ट रूम LIVE… कोर्ट: हम भारत के चुनाव आयोग से उम्मीद करते हैं कि वह उन सभी राज्यों में इन प्रक्रियात्मक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा जहां SIR प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट अब विभिन्न राज्यों में SIR को दी गई चुनौती पर सुनवाई कर रहा है। एडवोकेट प्रशांत भूषण: इससे महिला वोटरों की संख्या में काफी कमी आई है क्योंकि ECI शुरू से वोटर लिस्ट बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसा पहले के SIR में भी कभी नहीं किया गया। भूषण: जब आप वोटर पर फॉर्म भरने का बोझ डालते हैं, तो जो लोग कमजोर हैं और हमारे भारतीय समाज में महिलाएं कमजोर हैं, इसलिए उनमें से कई लोग फॉर्म नहीं भर पाते हैं। प्रवासी मजदूर जो कुछ समय के लिए काम के लिए पलायन करते हैं और वापस आ जाते हैं, वे लोग भी फॉर्म नहीं भर पाते हैं। भूषण: यूपी के एक निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर, जहां उन्होंने नई लिस्ट बनाने के विस्तृत कारण दर्ज किए, ऐसा इस देश के इतिहास में कभी नहीं किया गया। भूषण: यह बहुत जल्दबाजी में किया गया है। दूसरा, ECI का तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 324 हमें किसी भी तरह से काम करने की पूरी छूट देता है। वे कहते हैं कि हम संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून से बंधे नहीं हैं, किसी भी नियम से, अपने खुद के मैनुअल से बंधे नहीं हैं और हम जो चाहें कर सकते हैं, इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि कोई भी अथॉरिटी मनमाने ढंग से काम नहीं कर सकती। भूषण: और नागरिकता का मुद्दा, ERO (चुनाव अधिकारी) नागरिकता कैसे तय करेगा? जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट को छोड़कर अन्य दस्तावेज नागरिकता का कोई सबूत नहीं हैं। तो अगर किसी के पास जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट नहीं है तो ERO कैसे तय करेगा? भूषण: वोट देने का संवैधानिक अधिकार मनमाने ढंग से नहीं छीना जा सकता। यह एक ट्रिब्यूनल का काम है। भूषण: अगला सवाल पारदर्शिता पर भी है। सभी चरणों में वोटर लिस्ट उपलब्ध होनी चाहिए, ओरिजिनल वोटर लिस्ट, ड्राफ्ट रोल, हटाए गए लोगों के नाम, उन्हें क्यों हटाया गया, इसके कारण। उनके अपने मैनुअल में यह दिया गया है कि ECI को अपनी वेबसाइट पर नाम जोड़ने, नाम हटाने के हर आवेदन और कमीशन द्वारा रोज़ाना पास किए गए हर आदेश को डालना होगा। वे इसे वेबसाइट पर क्यों नहीं डाल रहे? सीनियर एडवोकेट शादान फरासत: नागरिकता अधिकारों का एक छाता है जिससे कई अधिकार निकलते हैं जिसमें वोट देने का अधिकार भी शामिल है। अलग-अलग एजेंसियों को उस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में नागरिकता की पहचान करनी होती है। ECI को भी इस संबंध में जरूरत होती है क्योंकि व्यक्ति का भारत का नागरिक होना जरूरी है। फरासत: कृपया नागरिकता अधिनियम की धारा 14 देखें। केंद्र सरकार भारत के हर नागरिक को अनिवार्य रूप से रजिस्टर कर सकती है और उसे राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी कर सकती है। फरासत: अनिवार्य रजिस्ट्रेशन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया वैसी होगी जैसा निर्धारित किया जा सकता है। इसलिए यदि ऐसी कोई एक्सरसाइज की जाती है तो केंद्र सरकार इस धारा के तहत नियम बनाएगी। SIR पर पिछली मुख्य 6 सुनवाई 22 जनवरी: EC बोला- हमें गाली देकर इलेक्शन जीतना फैशन बना इस पर चुनाव आयोग की तरफ से दलील दे रहे एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने कहा- वोटर लिस्ट की जांच करना न्यायसंगत और सही है। कोर्ट को इस प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर देना चाहिए। द्विवेदी ने आगे कहा कि कुछ NGO और नेताओं के कहने पर हर मामले की जांच नहीं हो सकती। बिहार में जिन 66 लाख लोगों के नाम हटे हैं, उनमें से किसी ने कोर्ट में शिकायत नहीं की। आजकल ECI को गाली देकर चुनाव जीतना फैशन बन गया है। पूरी खबर पढ़ें… 21 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट बोला- SIR के गंभीर परिणाम हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ पूरी खबर पढ़ें… 20 जनवरीः चुनाव आयोग बोला- सभी राज्यों की SIR प्रोसेस अलग चुनाव आयोग ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) प्रक्रिया में जिनके नाम कटे हैं, अभी तक किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे किसी एक मामले के तथ्यों को उठाकर उन्हें किसी दूसरे राज्य की SIR प्रक्रिया पर लागू करना गलत होगा, क्योंकि हर जगह प्रक्रिया अलग रही है। पूरी खबर पढ़ें… 19 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के वोटर्स को नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 1.25 करोड़ वोटर्स को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए एक और मौका दिया। कहा कि वे 10 दिन में अपने डॉक्यूमेंट्स चुनाव आयोग को पेश करें। कोर्ट ने कहा चुनाव आयोग गड़बड़ी वाली वोटर लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक तौर पर लगाए, ताकि लोगों को पता चल सके। पूरी खबर पढ़ें… 15 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा था- हम देश निकाला नहीं दे रहे चुनाव आयोग ने SC में कहा था- SIR के तहत आयोग सिर्फ यह तय करता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने के योग्य है या नहीं। इससे सिर्फ नागरिकता वेरिफाई की जाती है। SIR से किसी का डिपोर्टेशन (देश से बाहर निकालना) नहीं होता, क्योंकि देश से बाहर निकालने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। 6 जनवरी: चुनाव आयोग ने कहा- लिस्ट को सही रखना हमारा काम चुनाव आयोग (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसे वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) कराने का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी बताया कि उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि कोई भी विदेशी नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल न हो। आयोग की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और जज जैसे सभी प्रमुख पदों पर नियुक्ति के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। पूरी खबर पढ़ें… 26 नवंबर: चुनाव आयोग बोला- राजनीतिक पार्टियां डर का माहौल बना रहीं सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर को SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा, SC का केंद्र को नोटिस:कहा- छूट संविधान की भावना के खिलाफ हो सकती है, न्यायिक जांच की जरूरत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (EC) को उनके आधिकारिक कामों के लिए आजीवन कानूनी इम्युनिटी (सुरक्षा) देने वाला प्रावधान संविधान की भावना के खिलाफ हो सकता है। लॉ ट्रेंड के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (EC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

3 ओवर में 59 रन... दुनिया के खूंखार तेज गेंदबाज के नाम जुड़ा शर्मनाक रिकॉर्ड, वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने बेरहमी से पीटा

Anrich Nortje unwanted records: साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्किया के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया. नॉर्किया ने इस दौरान अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. मौजूदा समय में दुनिया के सबसे खूंखार तेज गेंदबाजों में शुमार नॉर्किया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 3 ओवर में 59 रन लुटा दिए. इससे पहले उन्होंने साल 2024 में विंडीज के खिलाफ 47 रन खर्च करने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया था. नॉर्किया के एक ओवर में वेस्टइंडीज के ओपनर ब्रैंडन किंग ने 24 रन बटोरे. Thu, 29 Jan 2026 23:40:04 +0530

  Videos
See all

बर्फ की चादर में लिपटा मनाली! | #manali #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T20:45:04+00:00

Supreme Court on UGC Rules: 3 बजते ही UGC पर बहुत बड़ी खबर? UGC Protest | Breaking News | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T21:30:01+00:00

तरन तारन के बाकीपुर गांव में गोलीकांड, एक की मौत | #punjab #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T21:15:02+00:00

UGC Rules Protest: सवर्णों का भारी विरोध, क्यों रद्द हुए नए नियम? | N18V Breaking News | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T21:00:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers