Gold Rate Today: 28 सितंबर को 24 कैरेट सोना ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹2.23 लाख पर पहुंची; जानें ताजा भाव
Gold-Silver Rate Today (28 September 2026): 28 सितंबर 2026 को सोने-चांदी की कीमतों में ताजा अपडेट सामने आया है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹1,48,048 प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,35,612 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत ₹2,23,192 प्रति किलोग्राम रही। ऐसे में अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले आज के ताजा भाव जान लेना जरूरी है।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,37,800 |
| मुंबई | 1,37,650 |
| कोलकाता | 1,37,650 |
| चेन्नई | 1,37,650 |
| भोपाल | 1,37,700 |
| जयपुर | 1,37,800 |
| लखनऊ | 1,37,800 |
| अहमदाबाद | 1,37,700 |
| रायपुर | 1,37,650 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें? जानें 4 आसान तरीके
1. मैग्नेट से जांच करें: शुद्ध चांदी चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होती। अगर कोई चांदी की वस्तु तेज़ी से चुंबक से चिपकती है, तो उसमें दूसरी धातु होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता तय नहीं की जा सकती।
2. बर्फ से करें जांच: चांदी गर्मी को तेजी से ट्रांसफर करती है। इसलिए चांदी की सतह पर रखी बर्फ सामान्य धातुओं की तुलना में तेजी से पिघल सकती है। यह एक आसान घरेलू संकेत है, लेकिन इसे अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
3. गंध पर ध्यान दें: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास धातु जैसी गंध नहीं होती। अगर वस्तु से तेज या असामान्य धातु की गंध आती है, तो उसमें दूसरी धातु मिली होने की संभावना हो सकती है।
4. सफेद कपड़े से रगड़कर देखें: चांदी को साफ सफेद कपड़े से रगड़ने पर कभी-कभी कपड़े पर काला या गहरा निशान दिखाई दे सकता है। ऐसा चांदी की सतह पर होने वाली ऑक्सीकरण प्रक्रिया के कारण हो सकता है। हालांकि, यह टेस्ट भी अकेले चांदी के असली या नकली होने की पक्की पुष्टि नहीं करता।
ध्यान रखें: घरेलू टेस्ट केवल शुरुआती अंदाजा लगाने में मदद करते हैं। चांदी की शुद्धता की सही पुष्टि के लिए हॉलमार्क, 925 स्टैम्प या प्रोफेशनल प्योरिटी टेस्ट कराना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है।
Stock Market Crash: बाजार खुलते ही Sensex में 850 अंक की गिरावट, Nifty 23,000 के नीचे; निवेशकों में हड़कंप
Stock Market Crash: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही Sensex और Nifty दबाव में आ गए। Sensex में करीब 850 अंकों तक की गिरावट देखी गई, जबकि Nifty 23,000 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
बाजार खुलते ही Sensex-Nifty में तेज गिरावट
सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex शुक्रवार के 73,895.74 के स्तर से 73,734 के आसपास खुला और शुरुआती कारोबार में गिरावट बढ़ गई। कुछ ही देर में सेंसेक्स 73,000 के स्तर से नीचे चला गया और करीब 850 अंक तक फिसलता दिखाई दिया।
NSE Nifty 50 भी दबाव में रहा। शुक्रवार को 23,140.50 पर बंद हुआ निफ्टी सोमवार को 23,000 के नीचे चला गया। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स करीब 22,900 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बैंकिंग और IT शेयरों पर भी दबाव
बाजार में बिकवाली का असर कई प्रमुख सेक्टरों में दिखाई दिया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में दबाव ने प्रमुख इंडेक्स की गिरावट को और बढ़ाया। इससे पहले भी बाजार में लगातार कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल को प्रमुख चिंता के तौर पर देखा जा रहा था।
आपके मूल ड्राफ्ट में दिए गए ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा मार्केट-कैप घटने के आंकड़े को प्रकाशित करने से पहले उसी समय के BSE market-cap डेटा से दोबारा मिलाना बेहतर रहेगा, क्योंकि शुरुआती कारोबार में यह आंकड़ा लगातार बदलता है।
क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
बाजार की ताजा गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल शामिल है। सोमवार को रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की उस पहल को खारिज कर दिया, जिसमें संघर्ष खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव शामिल था। इसके बाद तेल बाजार में फिर दबाव बढ़ा।
Brent crude शुरुआती कारोबार में करीब $106 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी चिंता
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹3,693.93 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹2,838 करोड़ की खरीदारी की थी। सितंबर में अब तक FII की बिकवाली भी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।
इससे पहले 25 सितंबर को खत्म सप्ताह में Sensex 0.54% और Nifty 0.88% नीचे रहा था। दोनों बेंचमार्क लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए थे।
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