Asian Games से बाहर हुए Bangladesh के बल्लेबाज Najmul Hossain Shanto, ढाका लौटेंगे
बांग्लादेश क्रिकेट टीम को एशियाई खेलों में अहम मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज नजमुल हुसैन शांतो बीमारी के कारण 20वें एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। नागोया पहुंचने के बाद से ही उन्हें हल्का बुखार था, जो 4 दिन बीतने के बाद भी ठीक नहीं हुआ है। अब शांतो मंगलवार को वापस ढाका लौटेंगे।
बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के फिजियो बेयजेदुल इस्लाम खान ने शांतो की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि टीम के नागोया पहुंचने के बाद से ही उन्हें बुखार की शिकायत थी। लगातार 4 दिन तक बुखार रहने के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी कई जांच कराई गईं। इन जांचों में संक्रमण के संकेत मिले हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि शांतो की जांच इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 के लिए नकारात्मक आई है। फिजियो के मुताबिक, लगातार बुखार के कारण शांतो काफी कमजोर हो गए हैं। ऐसे में उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर एशियाई खेलों में मैदान पर उतरने की उम्मीद नहीं है। इसी वजह से उन्हें वापस घर भेजने का फैसला किया गया है।
बेयजेदुल इस्लाम खान ने कहा कि शांतो को नागोया पहुंचने के बाद से बुखार था और 4 दिन गुजरने के बावजूद यह बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यह हल्का बुखार है, लेकिन जांच में संक्रमण के संकेत सामने आए हैं। इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 की जांच नकारात्मक आने के बावजूद उनकी कमजोरी इतनी ज्यादा है कि वह एशियाई खेलों में आगे कोई मुकाबला नहीं खेल पाएंगे।
बता दें कि बांग्लादेश की पुरुष क्रिकेट टीम को एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है। टीम का अगला मुकाबला 29 सितंबर को मलेशिया के खिलाफ होना है। ऐसे में शांतो का बाहर होना बांग्लादेश के लिए अहम समय पर हुआ है। टीम को अब अपने शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल शांतो के बिना ही नॉकआउट मुकाबले में उतरना होगा।
गौरतलब है कि बांग्लादेश और मलेशिया के बीच एशियाई खेलों में इससे पहले भी क्वार्टर फाइनल मुकाबला हो चुका है। 3 साल पहले दोनों टीमें इसी चरण में आमने-सामने आई थीं। उस मुकाबले में मलेशिया ने बांग्लादेश को कड़ी चुनौती दी थी, लेकिन बांग्लादेश की टीम मुकाबला केवल 2 रन के अंतर से जीतने में सफल रही थी। इसलिए इस बार भी दोनों टीमों के मुकाबले पर नजर रहेगी।
मौजूदा प्रतियोगिता में भारत और पाकिस्तान पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। बाकी 2 सेमीफाइनल स्थानों के लिए बांग्लादेश और मलेशिया तथा श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता आगे बढ़ेंगे।
शांतो का बाहर होना बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम के लिए भी अहम बदलाव है। टीम को अब उनके स्थान पर किसी दूसरे बल्लेबाज को जिम्मेदारी देनी होगी। खासकर नॉकआउट चरण में एक अनुभवी बल्लेबाज की कमी टीम के संयोजन पर असर डाल सकती है। हालांकि, बांग्लादेश के पास इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दूसरे बल्लेबाज मौजूद हैं और अंतिम एकादश का फैसला टीम प्रबंधन को करना होगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, शांतो की वापसी का फैसला उनकी सेहत में सुधार के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल टीम प्रबंधन ने उन्हें आराम और इलाज के लिए घर भेजने का फैसला किया है। बांग्लादेश के लिए प्राथमिकता अब यह होगी कि शांतो पूरी तरह स्वस्थ हों और संक्रमण से उबरने के बाद ही क्रिकेट में वापसी करें। वहीं टीम की नजर 29 सितंबर को मलेशिया के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल पर रहेगी, जहां जीत उसे एशियाई खेलों के पदक की दौड़ में बनाए रखेगी।
WPL 2027 Auction से पहले RCB ने Grace Harris को टीम से किया रिलीज
महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए टीमों ने खिलाड़ियों को बनाए रखने और रिलीज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ऑस्ट्रेलिया की विस्फोटक बल्लेबाज ग्रेस हैरिस को टीम से बाहर कर दिया है। हैरिस ने 2026 के खिताबी अभियान में यूपी वॉरियर्ज के खिलाफ 2 अर्धशतक लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद वह उन 4 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें आरसीबी ने अगले सीजन से पहले रिलीज किया है।
ग्रेस हैरिस के अलावा लिंसी स्मिथ, डी. हेमलता और गौतमी नायक को भी आरसीबी ने रिलीज किया है। वहीं टीम ने 13 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। इनमें भारतीय खिलाड़ियों में अरुंधति रेड्डी, प्रत्युषा कुमार, ऋचा घोष, स्मृति मंधाना, प्रेमा रावत, सयाली सतघरे, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव और श्रेयंका पाटिल शामिल हैं। विदेशी खिलाड़ियों में लॉरेन बेल, एलिस पेरी, नादिन डी क्लर्क और जॉर्जिया वोल को टीम ने अपने साथ रखा है।
दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी के अगले सीजन में खेलने की उम्मीद है। वह निजी कारणों से 2026 का सीजन नहीं खेल पाई थीं, हालांकि आरसीबी ने उन्हें टीम में बरकरार रखा था। 2 बार की चैंपियन आरसीबी के पास नीलामी के लिए 1.15 करोड़ रुपये का पर्स बचा है और उसे 5 खिलाड़ियों की जगह भरनी है। इनमें 2 विदेशी खिलाड़ियों के लिए जगह है।
वहीं गुजरात जायंट्स ने सभी टीमों के मुकाबले सबसे ज्यादा 15 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। टीम ने केवल 4 खिलाड़ियों को रिलीज किया है। इनमें इस साल महिला टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली डैनी वायट-हॉज भी शामिल हैं। उनके अलावा आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह को रिलीज किया गया है। गुजरात के पास 1.25 करोड़ रुपये का पर्स है और टीम को 3 खिलाड़ियों की जगह भरनी है। इनमें 1 विदेशी खिलाड़ी के लिए स्थान है।
मुंबई इंडियंस ने 11 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है और 6 को रिलीज किया है। टीम ने हरमनप्रीत कौर, अमनजोत कौर, रहिला फिरदौस, एस. सजना, संस्कृति गुप्ता और वैष्णवी शर्मा जैसे भारतीय खिलाड़ियों को बनाए रखा है। विदेशी खिलाड़ियों में हेली मैथ्यूज, अमेलिया केर, नेटली स्किवर-ब्रंट, निकोला कैरी और शबनिम इस्माइल टीम में हैं। कमालिनी जी, क्रांति रेड्डी, मिली इलिंगवर्थ, पूनम खेमनार, साइका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज किया गया है।
कमालिनी को रिलीज किए जाने के पीछे अगले साल महिला प्रीमियर लीग और महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप के कार्यक्रम में संभावित टकराव को वजह माना जा रहा है। कमालिनी को अंडर-19 विश्व कप के लिए चुने जाने की संभावना है। मुंबई के पास 1 करोड़ रुपये का पर्स है और उसे 7 खिलाड़ियों की जगह भरनी है। इनमें केवल 1 विदेशी खिलाड़ी की जगह उपलब्ध है।
4 बार फाइनल में पहुंच चुकी दिल्ली कैपिटल्स ने 13 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। टीम में जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीया यादव, निकी प्रसाद, मिन्नू मणि, एन. श्री चरणी, ममता मडिवाला और नंदनी शर्मा जैसे भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। विदेशी खिलाड़ियों में लॉरा वोल्वार्ड्ट, एनाबेल सदरलैंड, चिनेल हेनरी, लूसी हैमिल्टन और मैरिजान कैप को बरकरार रखा गया है।
दिल्ली ने लिजेल ली, तानिया भाटिया, अलाना किंग, प्रगति सिंह, ई. सृजना और स्नेह राणा को रिलीज किया है। खास बात यह है कि एनाबेल सदरलैंड ने 2026 में दिल्ली की टीम से हटने का फैसला किया था, लेकिन इस बार उन्हें फिर बरकरार रखा गया है। उनकी जगह शामिल हुईं अलाना किंग अब टीम का हिस्सा नहीं हैं। दिल्ली के पास 1.10 करोड़ रुपये का पर्स और 5 खाली स्थान हैं।
यूपी वॉरियर्ज ने सबसे ज्यादा 9 खिलाड़ियों को रिलीज किया है। टीम ने दीप्ति शर्मा, शिखा पांडे, हरलीन देओल, शिप्रा गिरी, क्रांति गौड़, प्रतिका रावल और सिमरन शेख को भारतीय खिलाड़ियों के तौर पर बरकरार रखा है। विदेशी खिलाड़ियों में मेग लैनिंग, सोफी एक्लेस्टोन, फोएबे लिचफील्ड और तारा नॉरिस शामिल हैं।
यूपी वॉरियर्ज से आशा शोभना, डीएंड्रा डॉटिन, किरण नवगिरे, श्वेता सहरावत, एमी जोन्स, क्लो ट्रायॉन, चार्ली नॉट, गोंगाडी त्रिशा और सुमन मीणा अलग हुई हैं। श्वेता सहरावत पिछले साल बड़ी नीलामी से पहले टीम की एकमात्र बरकरार खिलाड़ी थीं। अब वह भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। यूपी वॉरियर्ज के पास 3.65 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा पर्स है और उसे अधिकतम 7 खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने की जगह उपलब्ध है। इनमें 2 विदेशी खिलाड़ियों के लिए स्थान है।
बता दें कि महिला प्रीमियर लीग 2027 की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी। नीलामी में टीमों के पास बचे हुए पर्स और खाली स्थान के आधार पर नए खिलाड़ियों को चुनने का मौका होगा। महिला प्रीमियर लीग का 2027 सीजन 14 जनवरी से शुरू होकर 7 फरवरी तक खेला जाएगा। नीलामी के बाद सभी 5 टीमों की अंतिम तस्वीर साफ होगी और खिलाड़ियों के नए संयोजन के साथ अगले सीजन की तैयारी शुरू होगी।
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