राजस्थान में पंचायत चुनाव अभियान का आगाज, Govind Singh Dotasra ने भाजपा पर लगाए आरोप
जयपुर, एक अक्टूबर कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को नागौर जिले के डेगाना से राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए अपना अभियान शुरू किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर चुनाव से पहले प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पार्टी ने डेगाना में पंचायती राज कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस विधायक, पूर्व प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
डोटासरा ने कहा कि ग्रामीण चुनावों की तैयारियों की शुरुआत के लिए डेगाना को इसलिए चुना गया क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1959 में नागौर से पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की थी। बृहस्पतिवार को अपना जन्मदिन मना रहे डोटासरा ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी पंचायती राज व्यवस्था से ही राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और विधायक बनने से पहले प्रधान के रूप में काम किया था। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी का संदेश गांवों और ढाणियों तक पहुंचाने तथा एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करने को कहा।
डोटासरा ने कहा, ‘‘हमें अपने मतभेद भुलाकर मिलकर चुनाव लड़ना होगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की जानकारी जुटाने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है और इसका उपयोग कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है। डोटासरा ने हाल में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान भी पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग से पार्षदों को प्रभावित करने के पार्टी के आरोप दोहराए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को पिछली कांग्रेस सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताएं और उनकी तुलना भाजपा सरकार के कामकाज से करें।
जूली ने दावा किया कि शहरी निकाय चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत कम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने निकायों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया। इससे पहले डेगाना जाते समय डोटासरा और जूली का दूदू, अजमेर और ब्यावर सहित कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
दूदू में जिला परिषद चुनाव में टिकट के दावेदारों के समर्थकों के दो गुट स्वागत कार्यक्रम के दौरान आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई, जिसके बाद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें अलग किया। डोटासरा के संबोधन के दौरान भी कुछ कार्यकर्ता आपस में उलझ गए।
इस पर डोटासरा ने उन्हें फटकार लगाते हुए बैठने को कहा। उन्होंने एक कार्यकर्ता से कहा, ‘‘यह चुनाव प्रचार नहीं है। बैठ जाइए, आप इतने बड़े आदमी नहीं हैं।
अनूपपुर के EVM वेयरहाउस में बड़ी गड़बड़ी, रिकॉर्ड में दर्ज मशीनों में 24 कम मिलीं, पुलिस जांच शुरू
मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने EVM वेयरहाउस से 24 मशीनें गायब मिलने से हड़कंप मच गया है। दरअसल इनमें 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। खास बात यह है कि 29 सितंबर को प्रदेश में 103 पंचायत पदों के लिए उपचुनाव हुए थे। अब चोरी की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मशीनों के रिकॉर्ड और सीरियल नंबर की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल अनूपपुर के पुराने तहसील कार्यालय के पीछे EVM को सुरक्षित रखने के लिए वेयरहाउस बनाया गया था। यहां 2014 से स्थानीय चुनावों के लिए मशीनें रखी गई थीं। शिकायत के मुताबिक रिकॉर्ड में 620 कंट्रोल यूनिट और 1670 बैलेट यूनिट दर्ज थीं। 16 मार्च 2026 को वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया था और उस समय मशीनें व्यवस्थित मिली थीं। इसके बाद पुराने तहसील भवन को तोड़ने का काम शुरू हुआ।
24 EVM कम मिलीं
वहीं चोरी की जानकारी उस समय सामने आई जब EVM को नए स्थान पर शिफ्ट करने के बाद वेरिफिकेशन कराया गया। 21 सितंबर को मशीनों को पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में चल रहे तहसील कार्यालय के भूतल स्थित कक्ष नंबर-6 में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद 24 से 28 सितंबर के बीच मशीनों का वेरिफिकेशन कराया गया। इसी दौरान 24 EVM कम मिलीं। इनमें 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।
पुराने तहसील भवन से जुड़ा मामला
दरअसल EVM चोरी का मामला पुराने तहसील भवन को तोड़ने के दौरान सामने आई स्थिति से जुड़ा है। शिकायतकर्ता फूलसिंह साहू के मुताबिक वे 2014 में जिला कलेक्टर के आदेश पर अनूपपुर के निर्वाचन कार्यालय में ड्यूटी पर लगाए गए थे। उस समय पुराने तहसील कार्यालय में पंचायत चुनाव के लिए EVM रखी गई थीं। रिकॉर्ड के अनुसार यहां बड़ी संख्या में बैलेट और कंट्रोल यूनिट सीलबंद हालत में रखी गई थीं। शिकायत के मुताबिक जर्जर तहसील भवन को तोड़ने के दौरान EVM वाले कमरे की पिछली दीवार टूटी हुई मिली थी। इसी जगह से मशीनों तक पहुंचने का रास्ता बनने की आशंका जताई गई है।
रिकॉर्ड की जांच की जा रही
इससे पहले ठेकेदार आशीष त्रिपाठी ने 20 अगस्त को भवन तोड़ने के दौरान खुले हिस्से में कुछ मशीनें पड़ी होने की जानकारी SDM प्राशी अग्रवाल को दी थी। जानकारी मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद SDM ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी थी। इसके बावजूद मशीनों को तत्काल सुरक्षित जगह पर रखने की व्यवस्था नहीं हुई। शिकायत के अनुसार करीब एक महीने तक मशीनें इसी तरह पड़ी रहीं। अब 24 EVM गायब मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के स्तर पर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस मशीनों के सीरियल नंबर का मिलान करेगी जिससे यह पता लगाया जा सके कि गायब यूनिट कौन-कौन सी हैं और वे रिकॉर्ड में किस तरह दर्ज थीं।
पंचायत उपचुनाव के बाद सामने आई EVM चोरी की घटना
अनूपपुर में EVM चोरी की खबर ऐसे समय सामने आई है जब मध्य प्रदेश में 29 सितंबर को पंचायत उपचुनाव के तहत 103 पदों पर मतदान हुआ था। इन पदों में 79 सरपंच, 15 जनपद पंचायत सदस्य, 5 जिला पंचायत सदस्य और 4 पंच पद शामिल थे। प्रदेश में पंचायत उपचुनाव की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग पदों पर मतदान कराया गया था। अनूपपुर जिले की बात करें तो चार जनपद पंचायतों में 13 पंच पदों के लिए चुनाव होना था। इनमें 10 पदों पर मतदान हुआ, जबकि 3 पद खाली रह गए। पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की बिजौरा वार्ड-3, बेंदी वार्ड-18 और गिरारी वार्ड-10 सीटों पर एक भी नामांकन नहीं आया था। इसी बीच पुराने EVM वेयरहाउस से मशीनों के गायब होने का मामला सामने आया है।
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