दिमाग की चोट बनी जी का जंजाल, सच बोलने की बीमारी ने छीनी युवक की कई नौकरियां, अब कोई नहीं देता काम!
एक कार हादसे ने 33 साल के निकोलस एथर्टन की जिंदगी बदल दी. दिमाग की चोट के कारण वह अब बिना सोचे-समझे किसी के सामने सिर्फ सच बोलते हैं, जिसकी वजह से उनकी एक के बाद एक कई नौकरियां छूट गई हैं. इस दुर्लभ कंडिशन की वजह से उन्हें कोई नौकरी नहीं देना चाहता.
'भेदभाव' से निपटने के लिए बनाए गए नए यूजीसी नियमों पर इतना विवाद क्यों?
यूजीसी के मुताबिक़ नए नियमों का मक़सद ये है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने‑लिखने और काम करने वाले सभी लोग समान अवसरों का लाभ उठा सकें, लेकिन कई लोग इस नियम में ही भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं.
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