Mumbai Airport पर 21 करोड़ रुपये मूल्य की 7 किलोग्राम Ketamine जब्त, फुकेत जा रहा यात्री गिरफ्तार
मुंबई, एक अक्टूबर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक व्यक्ति के पास से कथित तौर पर 21 करोड़ रुपये मूल्य की सात किलोग्राम केटामीन जब्त कर उसे गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि थाईलैंड के फुकेत जाने वाली उड़ान में सवार होने वाले व्यक्ति को बुधवार को विशेष खुफिया सूचना के आधार पर मुंबई सीमा शुल्क विभाग की वायु खुफिया इकाई (एआईयू) ने रोक लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यात्री और उसके सामान को विस्तृत जांच के लिए विमान से उतार लिया गया। जांच के दौरान सात किलोग्राम पदार्थ बरामद हुआ, जिसके प्रारंभिक स्तर पर क्षेत्रीय जांच में केटामीन, एक मन:प्रभावी पदार्थ, होने का संदेह है। जब्त किए गए पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध मादक पदार्थ बाजार में अनुमानित कीमत 21 करोड़ रुपये है।’’ अधिकारी ने बताया कि यात्री को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत गिरफ्तार किया गया है और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से उसके संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
IIT Bombay छात्र आत्महत्या मामले पर बोले अभिजीत दीपके, संस्थानों में वंचितों को मिले अपनापन
मुंबई, एक अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले महीने आईआईटी-मुंबई के एक छात्र की आत्महत्या को अलग-थलग घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों के लोगों में यह भावना पैदा करने के लिए कुछ किए जाने की जरूरत है कि वे भी इन संस्थानों का हिस्सा हैं। अठारह सितंबर को 22-वर्षीय साहिल वाकोडे की आत्महत्या के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि यह शर्मनाक है कि किसी ने अपना बच्चा खो दिया और अब उसे न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
वाकोडे के माता-पिता, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। दीपके ने कहा, ‘‘हमें इसे (आत्महत्या को) एक अलग-थलग घटना के रूप में नहीं देखना चाहिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में कई छात्रों ने आत्महत्या की है।
ये भारत के शीर्ष संस्थान हैं। अगर आप नामांकन दर, पढ़ाई छोड़ने की दर और कर्मचारियों की संख्या को देखें, तो क्या (वंचित समुदायों का) पर्याप्त प्रतिनिधित्व है? ऐसा नहीं है।
इन लोगों में यह भावना पैदा करने के लिए कुछ किए जाने की जरूरत है कि वे भी इन संस्थानों का हिस्सा हैं।’’ कॉजपा के संस्थापक ने सवाल किया कि किसी छात्र द्वारा कथित तौर पर नकल करने के कारण उसकी मौत को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पेपर लीक होने के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आत्महत्या कर ली थी और क्या भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार मंत्रियों ने आत्महत्या की है। दीपके ने यह भी कहा कि केवल वही लोग समझ पाएंगे कि बड़े संस्थानों में दाखिला लेने के बाद आदिवासी समुदाय के लोगों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनके आदिवासी समुदाय में मित्र हैं।
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